सौर सुजला योजना से धमतरी के किसान इंद्रेश घाटे की आमदनी दोगुनी, बिजली बिल से मिली मुक्ति
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के किसान इंद्रेश घाटे ने सौर सुजला योजना के तहत अपने 5 एकड़ खेत में सोलर पंप लगवाया और कहते हैं कि इससे उनकी आमदनी दोगुनी हो गई है तथा बिजली के भारी-भरकम बिलों से पूरी तरह राहत मिल गई है। 1 नवंबर 2026 को उन्होंने बताया कि यह योजना उनके लिए खेती में बड़ा बदलाव लेकर आई है।
किसान का अनुभव
इंद्रेश घाटे के अनुसार, पहले सिंचाई के लिए वे पूरी तरह महंगी बिजली पर निर्भर थे, जिससे लागत अधिक और मुनाफा कम रहता था। सौर सुजला योजना के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने अपने खेतों में सोलर पैनल लगवाए और अब दिन में कभी भी अपनी सुविधा के अनुसार सिंचाई कर पाते हैं।
उनके शब्दों में, 'मैं पाँच एकड़ जमीन पर खेती करता हूँ। पहले सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे बिजली का बिल बहुत ज़्यादा आता था। सौर सुजला योजना के बारे में पता चलने पर मैंने अपने खेतों में सोलर पैनल लगवा लिए। इससे मुझे बिजली के बिलों से छुटकारा मिल गया है और मेरी आमदनी दोगुनी हो गई है।'
सौर सुजला योजना क्या है
सौर सुजला योजना केंद्र सरकार की उन किसान-कल्याण पहलों में शामिल है जो किसानों को सस्ती और टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखती हैं। इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराए जाते हैं, जो पारंपरिक ग्रिड बिजली की जगह सौर ऊर्जा से सिंचाई करते हैं।
यह ऐसे समय में विशेष प्रासंगिक है जब ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति अनियमित रहती है और किसान फसल चक्र के अनुसार समय पर सिंचाई नहीं कर पाते। सोलर पंप से यह बाधा काफी हद तक दूर होती है।
आमदनी और लागत पर असर
इंद्रेश घाटे के अनुभव से स्पष्ट होता है कि योजना का सीधा असर खेती की लागत पर पड़ा है। बिजली बिल की बचत से जो अतिरिक्त राशि बचती है, वह सीधे किसान के मुनाफे में जुड़ जाती है। उनके अनुसार आमदनी दोगुनी होने का यही मुख्य कारण है।
इसके अलावा सौर ऊर्जा के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आती है, जो पर्यावरण की दृष्टि से एक सकारात्मक पहलू है। गौरतलब है कि कृषि क्षेत्र में ऊर्जा की खपत बड़े पैमाने पर होती है और सौर ऊर्जा का इस्तेमाल इसे टिकाऊ बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
किसानों की प्रतिक्रिया और आगे की राह
इंद्रेश घाटे ने कहा, 'जब से प्रधानमंत्री ने सत्ता संभाली है, किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएँ शुरू की गई हैं, जिनसे हमें सीधा लाभ मिल रहा है। उनके नेतृत्व में देश काफी तरक्की कर रहा है।' धमतरी के अन्य किसान भी इस योजना को अपनाकर खेती को कम खर्चीला बनाने की कोशिश में हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की योजनाओं का लाभ बड़े पैमाने पर छोटे और सीमांत किसानों तक पहुँचाया जाए, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार संभव है। आने वाले समय में ऐसी और जागरूकता अभियानों की ज़रूरत होगी ताकि योजना का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुँच सके।