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पीएम सूर्य घर योजना: धमतरी का ठेनही बना छत्तीसगढ़ का पहला सोलर गांव, 71 परिवारों को मुफ्त बिजली

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पीएम सूर्य घर योजना: धमतरी का ठेनही बना छत्तीसगढ़ का पहला सोलर गांव, 71 परिवारों को मुफ्त बिजली

सारांश

धमतरी का ठेनही गांव जिले का पहला सोलर गांव बन गया है — 71 परिवारों के लिए 142 किलोवॉट का सामूहिक प्लांट, शून्य लागत, और बिजली बिल से पूरी मुक्ति। पीएम सूर्य घर योजना का यह मॉडल ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस उदाहरण बन सकता है।

मुख्य बातें

ठेनही गांव , धमतरी जिला , छत्तीसगढ़ का पहला सोलर गांव घोषित।
71 परिवारों के लिए 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित; प्रत्येक परिवार का 2 किलोवॉट के लिए पंजीयन।
प्लांट गांव से 50-75 मीटर दूर स्थापित; किसी ग्रामीण से कोई राशि नहीं ली गई।
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने पुष्टि की कि अब ग्रामीणों को बिजली बिल नहीं देना होगा।
योजना के तहत गांव स्वच्छ ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन रहा है।

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का ठेनही गांव अब जिले का पहला सोलर गांव बन गया है, जहाँ केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना' के तहत 71 परिवारों के लिए 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। 7 अगस्त 2026 को प्रशासन ने पुष्टि की कि घरों में कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है और ग्रामीणों को निःशुल्क बिजली मिलनी शुरू हो गई है।

सोलर प्लांट की संरचना और स्थापना

योजना के अंतर्गत गांव के प्रत्येक परिवार का 2 किलोवॉट क्षमता के लिए पंजीयन किया गया, जिससे कुल 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर प्लांट तैयार हुआ। प्लांट को गांव से 50 से 75 मीटर की दूरी पर उपलब्ध भूमि पर स्थापित किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी ग्रामीण से कोई राशि नहीं ली गई।

ग्रामीणों की प्रतिक्रिया

सरपंच ज्योति सोम ने कहा, 'मेरे ग्राम पंचायत में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाया गया है, जिसके तहत मुफ्त में बिजली मिल रही है।'

लाभार्थी सिरधन सोम ने बताया, 'पहले हमारे गांव के लोगों का बिजली बिल काफी ज्यादा आता था। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हमारे गांव के पूरे 71 परिवार को मुफ्त बिजली की सुविधा मिल रही है।'

एक अन्य लाभार्थी दिनेश यादव ने कहा, 'पहले मैं बिजली बिल काफी ज्यादा देता था। आज पीएम सूर्य घर योजना के तहत मेरे यहां बिजली लगी है, तब से मुझे बिजली बिल से छुटकारा मिला है।'

प्रशासन का रुख

धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा, 'यह छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव है, जहाँ ग्रामीणों को बिजली बिल नहीं देना होगा। इस गांव में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली पहुंचेगी।' अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल बिजली बिल से राहत देती है, बल्कि गांव को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर भी बना रही है।

योजना का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि 'पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना' केंद्र सरकार की उन महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है जिसका लक्ष्य देश के करोड़ों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। ठेनही जैसे गांवों में इसकी सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण भारत में सामूहिक सोलर मॉडल व्यावहारिक रूप से कारगर साबित हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में ऊर्जा की बढ़ती लागत ग्रामीण परिवारों पर दबाव बना रही है।

आगे की राह

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, धमतरी जिले में ठेनही की सफलता को अन्य गांवों के लिए एक मॉडल के रूप में अपनाने पर विचार किया जा रहा है। स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक प्रभाव डालने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा दीर्घकालिक रखरखाव में होगी — ग्रामीण सोलर प्रोजेक्ट अक्सर शुरुआती उत्साह के बाद तकनीकी और प्रशासनिक चुनौतियों से जूझते हैं। यह भी ध्यान देने योग्य है कि 71 परिवारों का यह मॉडल तब तक स्केल नहीं होगा जब तक जिले के अन्य गांवों में भूमि उपलब्धता और ग्रिड कनेक्टिविटी सुनिश्चित न हो। धमतरी प्रशासन की यह पहल सराहनीय है, पर इसे एकमुश्त उपलब्धि नहीं, बल्कि एक पायलट के रूप में देखा जाना चाहिए जिसकी निगरानी और मूल्यांकन ज़रूरी है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना क्या है?
पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके तहत घरों और गांवों में सोलर पैनल लगाकर निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाती है। इस योजना का लक्ष्य देश के करोड़ों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना और बिजली बिल के बोझ से राहत देना है।
ठेनही गांव में कितने परिवारों को योजना का लाभ मिल रहा है?
धमतरी जिले के ठेनही गांव में 71 परिवारों को इस योजना का लाभ मिल रहा है। प्रत्येक परिवार का 2 किलोवॉट के लिए पंजीयन हुआ और कुल 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर प्लांट स्थापित किया गया है।
क्या ग्रामीणों को सोलर प्लांट लगवाने के लिए कोई पैसा देना पड़ा?
नहीं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ग्रामीण से कोई राशि नहीं ली गई है। प्लांट लगाने के लिए ज़मीन भी गांव के पास उपलब्ध कराई गई और घरों में कनेक्शन का काम भी पूरा कर लिया गया।
ठेनही गांव को सोलर गांव बनाने का क्या महत्व है?
ठेनही धमतरी जिले का पहला सोलर गांव बन गया है, जो ग्रामीण ऊर्जा आत्मनिर्भरता का एक व्यावहारिक उदाहरण है। कलेक्टर अबिनाश मिश्रा के अनुसार, अब इस गांव के ग्रामीणों को बिजली बिल नहीं देना होगा और वे स्वच्छ ऊर्जा पर निर्भर होंगे।
क्या इस मॉडल को धमतरी के अन्य गांवों में भी लागू किया जाएगा?
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार ठेनही की सफलता को एक मॉडल के रूप में अन्य गांवों में अपनाने पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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