पीएम सूर्य घर योजना: धमतरी का ठेनही बना छत्तीसगढ़ का पहला सोलर गांव, 71 परिवारों को मुफ्त बिजली
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का ठेनही गांव अब जिले का पहला सोलर गांव बन गया है, जहाँ केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना' के तहत 71 परिवारों के लिए 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। 7 अगस्त 2026 को प्रशासन ने पुष्टि की कि घरों में कनेक्शन का काम पूरा हो चुका है और ग्रामीणों को निःशुल्क बिजली मिलनी शुरू हो गई है।
सोलर प्लांट की संरचना और स्थापना
योजना के अंतर्गत गांव के प्रत्येक परिवार का 2 किलोवॉट क्षमता के लिए पंजीयन किया गया, जिससे कुल 142 किलोवॉट का सामूहिक सोलर प्लांट तैयार हुआ। प्लांट को गांव से 50 से 75 मीटर की दूरी पर उपलब्ध भूमि पर स्थापित किया गया है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी ग्रामीण से कोई राशि नहीं ली गई।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
सरपंच ज्योति सोम ने कहा, 'मेरे ग्राम पंचायत में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल लगाया गया है, जिसके तहत मुफ्त में बिजली मिल रही है।'
लाभार्थी सिरधन सोम ने बताया, 'पहले हमारे गांव के लोगों का बिजली बिल काफी ज्यादा आता था। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत हमारे गांव के पूरे 71 परिवार को मुफ्त बिजली की सुविधा मिल रही है।'
एक अन्य लाभार्थी दिनेश यादव ने कहा, 'पहले मैं बिजली बिल काफी ज्यादा देता था। आज पीएम सूर्य घर योजना के तहत मेरे यहां बिजली लगी है, तब से मुझे बिजली बिल से छुटकारा मिला है।'
प्रशासन का रुख
धमतरी कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा, 'यह छत्तीसगढ़ का ऐसा गांव है, जहाँ ग्रामीणों को बिजली बिल नहीं देना होगा। इस गांव में सौर ऊर्जा के जरिए बिजली पहुंचेगी।' अधिकारियों का कहना है कि यह पहल न केवल बिजली बिल से राहत देती है, बल्कि गांव को स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर भी बना रही है।
योजना का व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि 'पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना' केंद्र सरकार की उन महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है जिसका लक्ष्य देश के करोड़ों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ना है। ठेनही जैसे गांवों में इसकी सफलता यह दर्शाती है कि ग्रामीण भारत में सामूहिक सोलर मॉडल व्यावहारिक रूप से कारगर साबित हो सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब देश भर में ऊर्जा की बढ़ती लागत ग्रामीण परिवारों पर दबाव बना रही है।
आगे की राह
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, धमतरी जिले में ठेनही की सफलता को अन्य गांवों के लिए एक मॉडल के रूप में अपनाने पर विचार किया जा रहा है। स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ पर्यावरणीय दृष्टि से भी सकारात्मक प्रभाव डालने की उम्मीद है।