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क्या धमतरी का नाथूकोन्हा छत्तीसगढ़ का पहला सोलर विलेज बन गया है?

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क्या धमतरी का नाथूकोन्हा छत्तीसगढ़ का पहला सोलर विलेज बन गया है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि धमतरी का नाथूकोन्हा गांव छत्तीसगढ़ का पहला सोलर विलेज बन गया है? इस अद्भुत परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना को जाता है, जो ग्रामीणों को मुफ्त और निरंतर बिजली प्रदान कर रहा है।

मुख्य बातें

नाथूकोन्हा छत्तीसगढ़ का पहला सोलर विलेज बन गया है।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत मुफ्त बिजली मिल रही है।
गांव में सभी 27 घरों में सोलर पैनल स्थापित हैं।
सरकार से सब्सिडी प्राप्त हुई है।
गांव की बिजली समस्या का समाधान हो गया है।

धमतरी, 20 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही है, इनमें से एक है प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना। यह योजना ग्रामीण भारत में बदलाव ला रही है। इसी क्रम में, छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का नाथूकोन्हा गांव प्रदेश का पहला सोलर विलेज बन गया है। इसकी आधिकारिक घोषणा केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा की गई।

इस अवसर पर, केंद्रीय मंत्री ने गांव के सरपंच अकबर मंडावी को सोलर विलेज का प्रमाण पत्र सौंपा।

नाथूकोन्हा गांव के सभी 27 घरों में सोलर पैनल लगाए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीणों को अब मुफ्त और निरंतर बिजली मिल रही है। इस उपलब्धि से गांव में उत्साह का माहौल है।

सरपंच अकबर मंडावी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत उनके घर सहित पूरे गांव में सोलर पैनल स्थापित किए गए हैं। इससे बिजली के बिल में पूरी तरह से कमी आई है। उन्होंने सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी के लिए आभार व्यक्त किया।

नाथूकोन्हा गांव, माड़मसिल्ली बांध के निकट स्थित है और चारों ओर से घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है। यहां कुल 27 आदिवासी परिवार निवास करते हैं। पहले बिजली की समस्या का सामना करने वाला यह गांव अब सौर ऊर्जा से रोशन हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अब उन्हें 12 महीने तक लगातार और मुफ्त बिजली मिलेगी, जिससे उनके जीवन में सरलता आई है और बच्चों की पढ़ाई तथा घरेलू कार्य नियमित हो गए हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घरों में सोलर पैनल स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को मुफ्त बिजली मिल सके और सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग कर देश को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत सौर ऊर्जा का उपयोग कर गांवों को रोशन करना, भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जाना चाहिए।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाथूकोन्हा गांव को सोलर विलेज कब घोषित किया गया?
नाथूकोन्हा गांव को 20 नवंबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सोलर विलेज घोषित किया गया।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य ग्रामीणों को मुफ्त बिजली प्रदान करना और सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करना है।
नाथूकोन्हा गांव में कितने घर हैं?
नाथूकोन्हा गांव में कुल 27 घर हैं।
सौर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी कौन देता है?
सौर पैनल लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है।
नाथूकोन्हा गांव की भौगोलिक स्थिति क्या है?
नाथूकोन्हा गांव माड़मसिल्ली बांध के किनारे स्थित है और चारों ओर से जंगलों और पहाड़ों से घिरा हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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