क्या आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने अमरावती में भूमि पूलिंग के दूसरे चरण को मंजूरी दी?

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क्या आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने अमरावती में भूमि पूलिंग के दूसरे चरण को मंजूरी दी?

सारांश

आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने अमरावती में भूमि पूलिंग के दूसरे चरण को मंजूरी दी है। यह निर्णय मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में लिया गया और इसमें 16,666 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। जानें इस महत्वाकांक्षी योजना के बारे में।

मुख्य बातें

आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने अमरावती में भूमि पूलिंग के दूसरे चरण को मंजूरी दी है।
इस चरण में 16,666 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास की आवश्यकता पर जोर दिया।
किसानों के विरोध के बावजूद सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जारी है।
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की योजना अमरावती के विकास में महत्वपूर्ण होगी।

अमरावती, 28 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को राज्य की राजधानी अमरावती में भूमि अधिग्रहण के दूसरे चरण को स्वीकृति दे दी। इस चरण के अंतर्गत अमरावती राजधानी क्षेत्र के सात मंडलों में 16,666 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में आंध्र प्रदेश राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एपीसीआरडीए) आयुक्त को सात गांवों, वैकुंठपुरम, पेड्डा मद्दुर, एंड्राई, कार्लापुडी, वड्डामनु, हरिश्चंद्रपुरम और पेड्डापरिमी, में भूमि पूलिंग योजना शुरू करने के लिए अधिकृत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

एपीसीआरडीए अधिनियम की धारा 55 की उप-धारा (2) के प्रावधानों के अंतर्गत 16,666.57 एकड़ क्षेत्र का अधिग्रहण किया जाएगा।

कैबिनेट की यह मंजूरी मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा यह कहने के एक दिन बाद आई है कि हैदराबाद जैसी महानगरीय इकाई बनाने के लिए मौजूदा 29 गांवों का क्षेत्रफल अपर्याप्त है।

अमरावती के किसानों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि यदि अमरावती मौजूदा क्षेत्र तक ही सीमित रहा, तो यह केवल एक नगरपालिका बनकर रह जाएगा, न कि एक पूंजी-स्तरीय शहरी अर्थव्यवस्था।

नायडू ने किसानों से कहा कि सरकार की विस्तार योजना को उनके समर्थन की आवश्यकता है, और उन्होंने वादा किया कि उठाए गए हर मुद्दे का समाधान किया जाएगा।

राज्य सरकार ने पूंजीगत विकास कार्यों के लिए भूमि पूलिंग के तहत पहले ही 34,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया है। अतिरिक्त 16,000 एकड़ भूमि बंदोबस्ती, वन, वक्फ और पोरामबोके भूमि से प्राप्त हुई है, जिससे अमरावती का क्षेत्रफल 50,000 एकड़ हो गया है।

हालांकि, मुख्य पूंजी ग्रिड से बाहर स्थित 11 गांवों में 30,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव का विभिन्न वर्गों द्वारा विरोध किया जा रहा है।

सरकार अतिरिक्त 30,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करके अमरावती में एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की योजना बना रही है।

इस प्रस्ताव का बचाव करते हुए नगर प्रशासन और शहरी विकास मंत्री पी. नारायण ने कहा था कि विदेशी निवेशकों के अमरावती में स्मार्ट उद्योग स्थापित करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की आवश्यकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इस योजना का विरोध भी हो रहा है। सरकार को किसानों के साथ संवाद कायम करते हुए उनकी चिंताओं को सुनना होगा। एक संतुलित विकास की दिशा में यह कदम आवश्यक है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने भूमि पूलिंग योजना को कब मंजूरी दी?
28 नवंबर को आंध्र प्रदेश मंत्रिमंडल ने भूमि पूलिंग योजना के दूसरे चरण को मंजूरी दी।
इस योजना के अंतर्गत कितनी जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा?
इस योजना के तहत 16,666 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस योजना के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि हैदराबाद जैसी महानगरीय इकाई बनाने के लिए मौजूदा क्षेत्रफल अपर्याप्त है।
क्या किसानों ने इस योजना का विरोध किया है?
हाँ, विभिन्न वर्गों द्वारा 30,000 एकड़ अतिरिक्त भूमि के अधिग्रहण के प्रस्ताव का विरोध किया जा रहा है।
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की योजना क्या है?
सरकार अमरावती में अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के लिए 30,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने की योजना बना रही है।
राष्ट्र प्रेस
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