दमोह में पीएम सूर्य घर योजना से बिजली खर्च में कमी और आर्थिक लाभ, लाभार्थियों की सरकार को धन्यवाद

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दमोह में पीएम सूर्य घर योजना से बिजली खर्च में कमी और आर्थिक लाभ, लाभार्थियों की सरकार को धन्यवाद

सारांश

दमोह में पीएम सूर्य घर योजना ने लोगों को बिजली के खर्च में कमी और अतिरिक्त आमदनी का अवसर दिया है। इस योजना के तहत घरों की छतें अब ऊर्जा उत्पादन केंद्र बन गई हैं। जानिए लाभार्थियों के अनुभव और इस योजना की सफलता।

Key Takeaways

  • बिजली खर्च में कमी
  • सोलर पैनल से अतिरिक्त आमदनी
  • सरकार की सब्सिडी का लाभ
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना
  • सकारात्मक पर्यावरणीय प्रभाव

दमोह, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्यप्रदेश के दमोह में पीएम सूर्य घर योजना का लाभ उठाकर स्थानीय निवासियों ने बिजली समस्या से राहत प्राप्त की है। इस योजना के तहत अब घरों की छतें छोटे-छोटे पावर हाउस में तब्दील हो रही हैं, जिससे न केवल बिजली के खर्च में कमी आई है, बल्कि अतिरिक्त आमदनी भी हो रही है। लाभार्थियों ने पीएम मोदी के प्रति इस योजना के लिए आभार व्यक्त किया है।

जिले के तेंदूखेड़ा क्षेत्र में इस योजना का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहाँ एक दर्जन से अधिक परिवार सोलर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। यहां के उपभोक्ताओं ने अपने घरों की छतों पर 3 से 5 किलोवॉट तक के सोलर पैनल स्थापित किए हैं। पहले, गर्मियों में बिजली का बिल 5 से 7 हजार रुपए तक पहुँच जाता था, जबकि अब यह केवल 400 से 500 रुपए रह गया है।

संतोष कुमार जैन, जो इस योजना का लाभ ले रहे हैं, ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि उन्होंने अपनी छत पर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया है, जिसके लिए उन्हें केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए की सब्सिडी प्राप्त हुई। इस सोलर ऊर्जा से वे अपनी किराना दुकान के उपकरणों के साथ-साथ घरेलू आवश्यकताओं को भी पूरा कर रहे हैं।

वहीं, सत्यनारायण सोनी ने कहा कि उन्होंने 5 किलोवॉट का सोलर कनेक्शन लिया है, जिसमें लगभग 2 से 3 लाख रुपए का खर्च आया था, लेकिन केंद्र सरकार ने 78 हजार रुपए की सब्सिडी देकर उन्हें बड़ी राहत दी है। सोलर पैनल से उत्पन्न बिजली का उपयोग घर के सभी उपकरणों जैसे टीवी, पंखा, फ्रिज, पानी की मोटर और इंडक्शन को चलाने में हो रहा है।

एक लाभार्थी ने कहा कि उन्हें इस सोलर पैनल के बारे में सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली। बिजली विभाग से उन्हें इस योजना के बारे में पूरी जानकारी मिली। योजना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने घर पर पैनल लगवाया है। सरकार द्वारा दी गई सब्सिडी से उन्हें काफी मदद मिली है। दिन में 30 यूनिट की बिजली उत्पादन कर रहे हैं, जिससे उनके घर में सभी इलेक्ट्रिक उपकरण चलते हैं। पहले उनका बिजली बिल 4 हजार रुपए आता था, अब केवल 400 रुपए मीटर चार्ज के रूप में देना पड़ता है। इस योजना का लाभ उठाते हुए सभी को सोलर पैनल लगवाना चाहिए।

शिवम दुबे, जो खाद और बीज के व्यापारी हैं, ने बताया कि उन्होंने अपनी दुकान की छत पर सोलर पैनल लगवाया है। इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी। इसके बाद उन्होंने विद्युत विभाग से संपर्क कर 3 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया। इस सोलर पैनल प्रोजेक्ट पर लगभग 2 लाख रुपए का खर्च आया था, जिसमें से उन्हें 78 हजार रुपए की सब्सिडी सीधे केंद्र सरकार द्वारा मिली है, जिससे उनका आर्थिक बोझ काफी कम हो गया है।

Point of View

बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार किया है। यह एक सकारात्मक कदम है जो न केवल बिजली की खपत को कम करने में मदद कर रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रहा है।
NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

पीएम सूर्य घर योजना क्या है?
यह योजना लोगों को सोलर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे वे अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
इस योजना से क्या लाभ होता है?
लोगों को बिजली के खर्च में कमी और अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलता है।
क्या सब्सिडी मिलती है?
हाँ, इस योजना के तहत केंद्र सरकार से सब्सिडी प्राप्त होती है।
कितने किलोवॉट के सोलर पैनल लगवाए जा सकते हैं?
लोग 3 से 5 किलोवॉट तक के सोलर पैनल लगवा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर जानकारी कैसे मिली?
लाभार्थियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस योजना की जानकारी प्राप्त की।
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