क्या 'सौर सुजला योजना' ने छत्तीसगढ़ के किसानों की जिंदगी में बदलाव लाया है?

सारांश
Key Takeaways
- सौर सुजला योजना से किसानों को बिजली बिल में राहत मिली है।
- किसान अब सौर ऊर्जा का उपयोग कर अपनी फसल उत्पादन बढ़ा रहे हैं।
- इस योजना ने किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है।
धमतरी, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र और राज्य सरकारें समाज के सभी वर्गों को सशक्त बनाने के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही हैं। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सौर सुजला योजना ने किसानों के जीवन में एक नई रोशनी भर दी है।
केंद्र और राज्य द्वारा संयुक्त रूप से शुरू की गई यह योजना किसानों को सब्सिडी वाले बोरवेल और ट्यूबवेल के माध्यम से सौर ऊर्जा से सिंचाई की सुविधा प्रदान करती है, जिससे फसल उत्पादन और आय में वृद्धि होती है।
एक लाभार्थी सत्योंम पटेल ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि जब से हमने सोलर पैनल लगवाए हैं, तब से कोई समस्या नहीं आई है। सौर सुजला योजना से हमें बहुत लाभ हो रहा है। मैं छत्तीसगढ़ सरकार, खासकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का शुक्रिया अदा करता हूं और देश के प्रधानमंत्री का भी आभार व्यक्त करता हूं।
एक अन्य लाभार्थी युवराज पटेल का कहना है कि सौर पैनलों के साथ, हमें अब बिजली के बिल का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है और जब भी आवश्यकता हो, हम पानी का उपयोग कर सकते हैं। मैं इन सौर पैनलों को सब्सिडी प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देता हूं और हम योजना का भरपूर लाभ उठा रहे हैं।
लाभार्थी किसान चंद्रेश कुमार ने बताया कि पहले वह बिजली के कनेक्शन से सिंचाई करते थे। इससे करीब सात हजार रुपए बिजली का बिल आता था। सौर सुजला योजना से अनुदान के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद योजना का लाभ लेकर पंप लगाया। अब कोई बिजली का बिल नहीं आता है। इससे पैसे की बचत हो रही है, जिसका उपयोग हम खेती से जुड़े अन्य कार्यों में करते हैं। इससे मेरी आय में वृद्धि हो रही है और खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा हूं। इस योजना के लिए पीएम मोदी का बहुत आभार।
केंद्र सरकार किसानों, महिलाओं और बेरोजगारों के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसका सीधा फायदा मिल रहा है। धमतरी जिले में भी हजारों हितग्राही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर बेहतर जीवनयापन कर रहे हैं।