नेहा बोरा के बांग्लादेश क्रांति वाले बयान पर भड़के योगी-धामी, कांग्रेस पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा द्वारा बांग्लादेश की 'जेनजी क्रांति' को प्रेरणास्रोत बताए जाने के बाद 16 अक्टूबर 2026 को देश में सियासी हलचल तेज हो गई। इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और इंडी ब्लॉक पर कड़ा हमला बोला। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस बयान को कांग्रेस से जोड़ते हुए विपक्ष को घेरने की कोशिश की।
योगी आदित्यनाथ का तीखा पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'लोकतंत्र में सत्ता का मार्ग जनादेश से निकलता है, अराजकता से नहीं। बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन का स्वप्न देखने वाली शक्तियां युवाओं के हाथों में राष्ट्र निर्माण की मशाल के स्थान पर अराजकता के औजार थमाना चाहती हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'चुनाव सुधार का मुखौटा, न्याय का नारा और लोकतंत्र की दुहाई देकर देश में अस्थिरता के बीज बोने वालों को समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र जन-विश्वास की जड़ों पर खड़ा विशाल वटवृक्ष है, जिसे षड्यंत्रों के अंधड़ हिला नहीं सकते।'
योगी ने अपने दूसरे पोस्ट में यह भी लिखा, 'हमारी युवाशक्ति भारत का भविष्य संवारने के लिए है, किसी की सत्ता की भूख मिटाने के लिए नहीं। जनता-जनार्दन ने राजनीति के इन मारीचों-कालनेमियों को पहचानकर ही सत्ता से दूर रखा है। अब ये देश को अराजकता की आग में झोंककर कुर्सी हथियाना चाहते हैं। उनकी इस सियासी साजिश को देश कभी सफल नहीं होने देगा।'
सीएम धामी ने राहुल गांधी पर बोला हमला
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस और उसके सहयोगियों की मंशा अब किसी से छिपी नहीं है। बांग्लादेश की तर्ज पर भारत में सत्ता परिवर्तन की बात करने वालों को आखिर जनता के जनादेश पर भरोसा क्यों नहीं है?' धामी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'लोकतांत्रिक तरीके से सत्ता हासिल करने में नाकाम कांग्रेस के शहजादे अब अराजकता के सहारे सत्ता परिवर्तन का रास्ता तलाश रहे हैं।'
धामी ने आगे आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर और देश में अशांति का माहौल बनाकर सत्ता हासिल करने के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे। उन्होंने कहा, '2014 के बाद देश की जनता ने विकास और प्रगति को देखा है, जो कभी कांग्रेस के शासन में केवल भ्रष्टाचार और लूट देखते थे।'
विवाद की जड़: नेहा बोरा का बयान
यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में हुए सत्ता परिवर्तन को लेकर भारत में छात्र आंदोलनों और विपक्षी राजनीति के संदर्भ में बहस पहले से चल रही थी। AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने कथित तौर पर बांग्लादेश की 'जेनजी क्रांति' को प्रेरणा बताया, जिसे BJP ने कांग्रेस और विपक्षी इंडी ब्लॉक से जोड़कर राजनीतिक हमले का आधार बनाया। गौरतलब है कि AISA का वामपंथी छात्र राजनीति से पुराना जुड़ाव है और इसका कांग्रेस से सीधा संबंध नहीं माना जाता।
राजनीतिक असर और आगे की राह
BJP ने इस विवाद का इस्तेमाल कांग्रेस को 'अराजकता समर्थक' बताने में किया है। आलोचकों का कहना है कि एक छात्र संगठन के बयान को सीधे कांग्रेस पर थोपना राजनीतिक रूप से सुविधाजनक तर्क हो सकता है। कांग्रेस की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह विवाद आने वाले दिनों में संसद और सार्वजनिक बहस में और तूल पकड़ सकता है।