राहुल गांधी और नेहा बोरा पर BJP का हमला: 'लोकतांत्रिक विरोध नहीं, अराजकता की राजनीति' — प्रदीप भंडारी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और नेहा बोरा पर सीधा हमला बोला। भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी का असल मकसद लोकतांत्रिक विरोध नहीं, बल्कि अराजकता की आड़ में भारतीय लोकतंत्र को कमज़ोर करना है।
भंडारी के मुख्य आरोप
प्रदीप भंडारी ने पत्रकारों से कहा, 'आज मैं हर व्यक्ति और हर युवा से कहना चाहता हूं कि हम ऐसे लोग हैं जो भारत और यहाँ के लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं। नेहा बोरा के शब्द राहुल गांधी की सोच को दर्शाते हैं। वे भारत में अराजकता को जायज़ ठहराना चाहते हैं और इसका इस्तेमाल अपने परिवार को सत्ता में लाने के लिए करना चाहते हैं।'
उन्होंने यह भी कहा कि अगर राहुल गांधी और उनका 'इकोसिस्टम' अराजकता फैलाने की बजाय जनसेवा में मेहनत करता, तो शायद कांग्रेस का वोट शेयर कुछ राज्यों में बढ़ सकता था।
राहुल गांधी के 'भारतीय राज्य' वाले बयान का संदर्भ
भंडारी ने राहुल गांधी के उस पुराने बयान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी लड़ाई BJP या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा के खिलाफ नहीं, बल्कि 'भारतीय राज्य' (इंडियन स्टेट) के खिलाफ है। भंडारी ने तर्क दिया कि 'भारतीय राज्य' का अर्थ भारतीय संविधान और भारतीय लोकतंत्र ही है, इसलिए यह बयान लोकतंत्र-विरोधी सोच को उजागर करता है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लगातार 'राजनीतिक प्रतिरोध' की भाषा का प्रयोग कर रहा है और सत्तारूढ़ दल इसे 'राज्य-विरोधी' रुख के रूप में परिभाषित करने की कोशिश कर रहा है।
प्रशांत भूषण वाला पैटर्न
भंडारी ने प्रशांत भूषण का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने राहुल गांधी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'क्रांति' और 'खून-खराबे' जैसी भाषा का इस्तेमाल किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि ठीक 24 घंटे बाद राहुल गांधी ने फिर उन्हीं प्रशांत भूषण के साथ दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिससे एक पैटर्न सामने आता है।
भंडारी ने कहा, 'यह लोकतांत्रिक विरोध नहीं है; यह भारतीय राज्य और भारतीय लोकतंत्र के खिलाफ एक लड़ाई है।'
नेहा बोरा और बांग्लादेश आंदोलन का संदर्भ
BJP प्रवक्ता ने दावा किया कि राहुल गांधी ने अपने मार्च में नेहा बोरा को एक 'चेहरा' बनाया। भंडारी के अनुसार, नेहा बोरा ने एक इंटरव्यू में कहा था कि वे बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरित हैं और भारत में भी वैसी ही स्थिति देखना चाहती हैं। भंडारी ने इसे राहुल गांधी की विचारधारा से जोड़ते हुए इसे 'देश-विरोधी एजेंडे' का हिस्सा बताया।
यह आरोप कांग्रेस की ओर से अभी तक खंडित नहीं हुए हैं, हालाँकि कांग्रेस पहले ऐसे आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है।
आगे की राजनीतिक जंग
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दोनों दलों के बीच राजनीतिक तनाव और गहरा होने की संभावना है। BJP का यह हमला ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस 'राजनीतिक प्रतिरोध' की रणनीति के तहत जनांदोलन की राह पकड़ रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इस बयानबाज़ी का असर आने वाले राज्य चुनावों की रणनीति पर भी पड़ सकता है।