15 अक्टूबर 2026
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BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का आरोप: राहुल गांधी का मकसद भारत के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना

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BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का आरोप: राहुल गांधी का मकसद भारत के संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करना

सारांश

BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर वीडियो जारी कर राहुल गांधी पर आरोप लगाया — 'नेहा बोरा' के बांग्लादेश कनेक्शन का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस इकोसिस्टम भारत के संविधान और लोकतंत्र के लिए खतरा है। यह बयान जंतर-मंतर पर सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी के बाद BJP-कांग्रेस की तीखी जुबानी जंग के बीच आया।

मुख्य बातें

BJP राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 15 अक्टूबर 2026 को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर राहुल गांधी पर संविधान और लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाया।
भंडारी ने दावा किया कि नेहा बोरा — राहुल गांधी की कथित 'पोस्टर गर्ल' — ने बांग्लादेश के जेनजी मूवमेंट से प्रेरणा लेकर भारत में सत्ता-परिवर्तन की बात कही है।
सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत, अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहाई मिली।
राहुल गांधी ने एक्स पर जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए गिरफ्तारी को 'कायरता' करार दिया।
दोनों पक्षों ने एक्स पर एक-दूसरे पर सीधे हमले किए, जो विपक्षी प्रदर्शनों को लेकर बढ़ती राजनीतिक तल्खी को दर्शाता है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी और राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 15 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) सांसद राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भंडारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक रिकॉर्डेड वीडियो पोस्ट कर दावा किया कि राहुल गांधी का विरोध राजनीतिक नहीं, बल्कि सत्ता-परिवर्तन की सुनियोजित मंशा से प्रेरित है।

भंडारी का मुख्य आरोप

अपने एक्स पोस्ट में प्रदीप भंडारी ने लिखा, 'नेहा बोरा जो राहुल गांधी की पोस्टर गर्ल हैं, साबित करती हैं कि राहुल का प्रतिरोध राजनीतिक नहीं है और उनका मकसद सत्ता परिवर्तन है। नेहा बोरा ने कहा है कि वह बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन से प्रेरित हैं और चाहती हैं कि भारत में भी वैसा ही हो।'

वीडियो में भंडारी ने आगे कहा कि राहुल गांधी और उनका पूरा इकोसिस्टम राजनीतिक रिजीम चेंज करना चाहता है। उनके अनुसार, नेहा बोरा ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि वे बांग्लादेश के जेनजी मूवमेंट से प्रेरित हैं और भारत में भी वैसी ही स्थिति बनाना चाहती हैं।

संविधान और लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया

भंडारी ने कहा कि इन बयानों से यह साबित होता है कि राहुल गांधी का मकसद भारत के संविधान और लोकतंत्र को तबाह करना है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरा कांग्रेस इकोसिस्टम भारत के लोकतंत्र को बर्बाद करने की कोशिश में है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि जो लोग भारत के संविधान में विश्वास रखते हैं, उन्हें राहुल गांधी के इकोसिस्टम का विरोध करना चाहिए। गौरतलब है कि BJP और कांग्रेस के बीच यह तीखी जुबानी जंग उस समय और तेज हुई है जब देश में विपक्षी विरोध प्रदर्शनों पर कार्रवाई को लेकर माहौल गर्म है।

जंतर-मंतर और सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब और गहराया जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को बुधवार को पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जबकि अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा किया गया। तीनों को जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के कार्यक्रम के दौरान हिरासत में लिया गया था।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने बुधवार को कहा था कि जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के लिए सीजेपी नेताओं को जेल भेजना कायरता का काम है।

राहुल गांधी का पक्ष

राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट में लिखा था, 'शांतिपूर्ण विरोध में जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराना अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल भेजना कायरता का काम है। छात्र, युवा, पत्रकार, इंडिया ब्लॉक, अलग-अलग बैनर के एक ही कारण हैं कि नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की माँग कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी कहा, 'जंतर-मंतर भारत के लोगों का है। हम इसे वापस लेंगे।'

आगे क्या

BJP और कांग्रेस के बीच इस विवाद के और गहराने की संभावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि विपक्षी प्रदर्शनों पर सरकारी रवैया और सत्ता के भविष्य के समीकरण दोनों के लिए यह टकराव आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और सत्तापक्ष उसी भाषा में जवाब देने की कोशिश कर रहा है। नेहा बोरा के हवाले से बांग्लादेशी 'जेनजी मूवमेंट' की तुलना एक सुर्खी-दर-सुर्खी जंग है — इसका मूल सवाल यह है कि क्या विरोध प्रदर्शन देशद्रोह है या लोकतंत्र की आवाज़। दोनों पक्ष संविधान की आड़ में एक-दूसरे पर हमले कर रहे हैं, जबकि असली बहस — जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर हिरासत की वैधता — हाशिये पर चली जाती है।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 15 अक्टूबर 2026 को एक्स पर वीडियो पोस्ट कर आरोप लगाया कि राहुल गांधी का मकसद भारत के संविधान और लोकतंत्र को तबाह करना है। उन्होंने कहा कि राहुल का 'विरोध' राजनीतिक नहीं, बल्कि बांग्लादेश जैसा सत्ता-परिवर्तन करने की मंशा से प्रेरित है।
नेहा बोरा कौन हैं और उनका इस विवाद से क्या संबंध है?
प्रदीप भंडारी के अनुसार नेहा बोरा राहुल गांधी के विरोध आंदोलन की 'पोस्टर गर्ल' हैं। भंडारी का दावा है कि नेहा बोरा ने एक इंटरव्यू में कहा कि वे बांग्लादेश के जेनजी मूवमेंट से प्रेरित हैं और भारत में भी वैसा ही बदलाव चाहती हैं।
जंतर-मंतर पर क्या हुआ और सीजेपी नेताओं को क्यों हिरासत में लिया गया?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने के कार्यक्रम के बाद पाँच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। अजिंक्य शिंदे को निजी मुचलके पर रिहा किया गया।
राहुल गांधी ने सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने एक्स पर कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध में तिरंगा लहराना अपराध नहीं है और युवाओं को इसके लिए जेल भेजना कायरता है। उन्होंने कहा कि नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों की माँग कर रहे हैं और 'जंतर-मंतर भारत के लोगों का है।'
BJP और कांग्रेस के बीच यह विवाद क्यों महत्वपूर्ण है?
यह टकराव विपक्षी प्रदर्शनों की वैधता और संवैधानिक अधिकारों को लेकर दोनों दलों के बीच बढ़ती राजनीतिक तल्खी को दर्शाता है। BJP सत्ता-परिवर्तन की भाषा को देशद्रोह से जोड़ रही है, जबकि कांग्रेस इसे नागरिक अधिकारों की रक्षा का मसला बता रही है।
राष्ट्र प्रेस
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