BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का आरोप: आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा की टिप्पणियाँ राहुल गांधी से प्रेरित
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (आइसा) की अध्यक्ष नेहा बोरा पर तीखा हमला बोला। भंडारी ने आरोप लगाया कि बोरा की 'ब्राह्मणवादी व्यवस्था' और धार्मिक संस्थानों पर की गई विवादित टिप्पणियाँ लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के विचारों से प्रेरित हैं।
विवाद की जड़
यह विवाद तब उभरा जब नेहा बोरा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कथित रूप से विवादित टिप्पणियाँ कीं। इससे पहले बोरा ने अधिकारियों पर मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया के दौरान जानबूझकर मतदाताओं के नाम हटाने और नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया था।
इन आरोपों के बाद बोरा ने जाति आधारित भेदभाव और धार्मिक संस्थानों की भूमिका की ओर भी ध्यान खींचा। उन्होंने तर्क दिया कि महिलाओं और अन्य कमज़ोर वर्गों को उस व्यवस्था से सुरक्षा की ज़रूरत है, जिसे उन्होंने 'ब्राह्मणवादी व्यवस्था' कहा।
नेहा बोरा का पक्ष
नेहा बोरा ने कहा, "सुरक्षा बहुत ज़रूरी है और यह सुरक्षा खासतौर पर 'ब्राह्मणवादी व्यवस्था' से ही चाहिए। यह एक ऐसी व्यवस्था है, जो मानती है कि गरीब, शोषित, जानवर और महिलाएँ — ये सभी दमन और दुर्व्यवहार के ही लायक हैं। इसी व्यवस्था के तहत ब्राह्मण महिलाएँ भी सुरक्षित नहीं हैं और दुष्कर्म की शिकार होती हैं। मंदिरों के अंदर पुजारी रेप करते हैं। हमने ऐसी घटनाएँ देखी हैं।"
गौरतलब है कि बोरा ने इन बयानों को सामाजिक शोषण के व्यापक संदर्भ में रखते हुए दिया, हालाँकि इन टिप्पणियों ने तत्काल राजनीतिक विवाद को जन्म दिया।
BJP की प्रतिक्रिया
BJP ने बोरा पर 'हिंदू नफरत' दिखाने का आरोप लगाया और उनका एक पुराना बयान सार्वजनिक किया। प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बोरा की विवादित टिप्पणियाँ साझा कीं और मंदिरों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर राहुल गांधी के एक पुराने बयान से उनकी तुलना की।
भंडारी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "राहुल गांधी की 'पोस्टर गर्ल' नेहा बोरा अपनी हिंदू नफरत दिखा रही हैं। वह कहती हैं, 'मंदिरों में पुजारी रेप करते हैं।' नेहा बोरा राहुल गांधी से प्रेरित हैं, जिन्होंने पहले कहा था कि 'मंदिरों में लड़कियों के साथ छेड़छाड़ होती है।' कांग्रेस को हिंदुओं से नफरत है, उसे सिर्फ वोट बैंक से प्यार है। 'कांग्रेस सोच' भारत की एकता के लिए खतरा है।"
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
यह टकराव ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची संशोधन और चुनाव आयोग की स्वायत्तता को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तनाव चरम पर है। आइसा एवं अन्य वामपंथी छात्र संगठन चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की माँग को लेकर मुखर रहे हैं, जबकि BJP इन बयानों को धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले बताते हुए राजनीतिक पलटवार कर रही है।
आलोचकों का कहना है कि दोनों पक्ष इस विवाद का उपयोग अपनी अपनी चुनावी कथा को मज़बूत करने के लिए कर रहे हैं। आगे इस मुद्दे पर और बयानबाज़ी की आशंका है, विशेष रूप से आगामी राज्य चुनावों की पृष्ठभूमि में।