प्रज्वल प्रसाद बेंगलुरु सीसीबी के सामने पेश, कथित फर्जी स्टिंग ऑपरेशन मामले में पूछताछ
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को कथित तौर पर निशाना बनाकर रचे गए फर्जी स्टिंग ऑपरेशन मामले में प्रज्वल प्रसाद — जो केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की सोशल मीडिया टीम से जुड़े बताए जा रहे हैं — मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) पुलिस के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए। अदालत से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वे सुबह जाँच अधिकारियों के समक्ष उपस्थित हुए।
मामले का मुख्य घटनाक्रम
सीसीबी ने प्रज्वल प्रसाद को नोटिस जारी किया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने नई दिल्ली स्थित कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर कंटेंट क्रिएटर रितेश कुमार पांडे को एक मोबाइल फोन सौंपा था। बेंगलुरु पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के अनुसार, वह मोबाइल फोन कथित तौर पर स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो अपलोड करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
पुलिस जाँच के अनुसार, नई दिल्ली से गिरफ्तार किए गए रितेश पांडे ने पूछताछ में बताया कि उसने विनोद शर्मा के साथ करोल बाग से मोबाइल फोन खरीदा था। यह खरीद कथित तौर पर प्रज्वल प्रसाद के निर्देश पर की गई थी। इसके बाद उक्त फोन को कुशक रोड स्थित कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर लाया गया और कथित तौर पर प्रज्वल प्रसाद को सौंपा गया।
पुलिस की जाँच का दायरा
पुलिस अब मोबाइल फोन के आदान-प्रदान और उसकी खरीद के बाद हुए वित्तीय लेनदेन की जाँच कर रही है। जाँच अधिकारियों को उम्मीद है कि प्रज्वल प्रसाद से पूछताछ में वीडियो प्रसारित किए जाने की पूरी प्रक्रिया को समझने में मदद मिलेगी।
पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने कहा, 'प्रज्वल प्रसाद से जानकारी मिलने के बाद वीडियो के प्रसारित होने के तरीके को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी। रितेश पांडे के मोबाइल फोन खरीदने के बाद दोनों के बीच वित्तीय लेनदेन हुआ था। मोबाइल फोन का आदान-प्रदान भी हुआ था। हमें उम्मीद है कि पूछताछ में इन पहलुओं पर स्पष्टता मिलेगी।'
राजनीतिक प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कर्नाटक प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने इस मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता इस मुद्दे को बेवजह राजनीतिक विवाद बना रहे हैं और खुद ही 'हिट विकेट' हो रहे हैं। विजयेंद्र ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर यह स्टिंग ऑपरेशन किसने किया था और उसके पीछे क्या मकसद था, और आरोप लगाया कि जाँच में इन पहलुओं पर उचित ध्यान नहीं दिया गया है।
विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भी आलोचना की और कहा कि वे हाल ही में हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों से परेशान हैं। आगामी हिरियूर उपचुनाव का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मतदाता पूरे घटनाक्रम से अवगत हैं और समय आने पर अपने मताधिकार के जरिए जवाब देंगे।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि यह मामला कर्नाटक की सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार और विपक्षी दलों के बीच तीखे राजनीतिक टकराव का केंद्र बन चुका है। सीसीबी की जाँच अभी जारी है और प्रज्वल प्रसाद से पूछताछ के बाद जाँच के अगले चरण की दिशा तय होगी।