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बेंगलुरु: स्टिंग केस में सीसीबी का कन्नड़ न्यूज चैनल पर छापा, कमिश्नर ऑफिस के बाहर भारी सुरक्षा

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बेंगलुरु: स्टिंग केस में सीसीबी का कन्नड़ न्यूज चैनल पर छापा, कमिश्नर ऑफिस के बाहर भारी सुरक्षा

सारांश

बेंगलुरु स्टिंग केस में JD(S) कार्यकर्ताओं के विरोध की आशंका के बीच पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर KSRP की 2 प्लाटून तैनात। सीसीबी ने कन्नड़ न्यूज चैनल और उसके मालिक के घर पर एक साथ छापा मारा। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी को नोटिस पर विचार जारी।

मुख्य बातें

बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर कार्यालय के बाहर KSRP की 2 प्लाटून और 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात, JD(S) विरोध की आशंका के मद्देनजर।
सीसीबी ने 30 से अधिक अधिकारियों के साथ कन्नड़ न्यूज चैनल और सहकारनगर स्थित मालिक के घर पर सर्च वारंट के साथ छापा मारा।
JD(S) से जुड़े मीडिया कंसल्टेंट आरोपी प्रज्वल प्रसाद को नई दिल्ली में नोटिस जारी; आरोप है कि वह कुमारस्वामी के घर मोबाइल फोन ले गए थे।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी को नोटिस जारी करने और उनके घर का निरीक्षण करने पर विचार कर रही है।
जाँचकर्ता मामले से जुड़े मोबाइल फोन के बिल, सीसीटीवी फुटेज और स्टिंग वीडियो के प्रसार की भी पड़ताल कर रहे हैं।

बेंगलुरु में 2 नवंबर 2026 को स्टिंग ऑपरेशन मामले में नया मोड़ आया, जब सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने एक कन्नड़ न्यूज चैनल पर छापा मारा और पुलिस कमिश्नर कार्यालय के इर्द-गिर्द सुरक्षा कड़ी कर दी गई। यह कार्रवाई पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) सदस्य सिद्दारमैया से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन मामले में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी का नाम सामने आने के बाद जनता दल (सेक्युलर) — JD(S) — कार्यकर्ताओं के संभावित विरोध प्रदर्शन की आशंका के बीच हुई।

कमिश्नर ऑफिस के बाहर सुरक्षा व्यवस्था

पुलिस सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक स्टेट रिजर्व पुलिस (KSRP) की दो प्लाटून और 50 से अधिक पुलिसकर्मियों को बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर कार्यालय में तैनात किया गया है। JD(S) कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं, जिसके बाद पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए।

कमिश्नर कार्यालय के निकट एक पुलिस बस भी खड़ी की गई है, ताकि वहाँ इकट्ठा होने वाले किसी भी समूह को हिरासत में लेकर ले जाया जा सके। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यालय के आसपास गड़बड़ी पैदा करने या अवैध रूप से विरोध करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को तत्काल हिरासत में लिया जाए।

कन्नड़ न्यूज चैनल पर छापा

सीसीबी की एक स्पेशल विंग ने उस कन्नड़ न्यूज चैनल पर सर्च वारंट के साथ छापा मारा, जिसके मालिक ने सिद्दारमैया से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन की जिम्मेदारी पहले ले ली थी। रिपोर्टों के अनुसार, इस ऑपरेशन में 30 से अधिक सीसीबी अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने बेंगलुरु के सहकारनगर इलाके में चैनल मालिक के आवास पर भी तलाशी ली।

जाँच का दायरा और मुख्य आरोपी

सीसीबी की जाँच टीमें कथित तौर पर इस मामले में इस्तेमाल किए गए एक मोबाइल फोन के लेन-देन और मूवमेंट की पड़ताल कर रही हैं। इसमें संबंधित मोबाइल का बिल हासिल करना और सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में लेना शामिल है।

पुलिस ने कथित तौर पर नई दिल्ली में JD(S) से जुड़े एक मीडिया कंसल्टेंट आरोपी प्रज्वल प्रसाद को नोटिस जारी करके जाँचकर्ताओं के सामने पेश होने को कहा है। प्रज्वल प्रसाद पर आरोप है कि वह केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के घर पर वह मोबाइल फोन ले गए थे। उनके बयान से मोबाइल लेन-देन से जुड़ी घटनाओं के क्रम में और स्पष्टता आने की उम्मीद है।

इसके अलावा, जाँचकर्ता स्टिंग ऑपरेशन वीडियो को अपलोड और सर्कुलेट करने के तरीके की भी जाँच कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी को भी नोटिस जारी करने और उनके घर का निरीक्षण करने पर विचार कर रही है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह मामला कर्नाटक की राजनीति में नई उथल-पुथल पैदा कर रहा है। JD(S) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के गठबंधन वाले केंद्र की सरकार में मंत्री कुमारस्वामी का नाम आने से मामला और जटिल हो गया है। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पहले से ही कई मोर्चों पर दबाव में है और सिद्दारमैया पर भ्रष्टाचार के अलग-अलग आरोपों को लेकर विवाद चल रहा है।

आगे क्या होगा

प्रज्वल प्रसाद की पेशी के बाद मामले में नए खुलासे हो सकते हैं। पुलिस तकनीकी और दस्तावेज़ी सबूत जुटाने की प्रक्रिया तेज़ कर रही है। यदि कुमारस्वामी को औपचारिक नोटिस जारी होता है, तो यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में भी केंद्र बिंदु बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि निशाने पर केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी हैं — यह टकराव राजनीतिक रूप से विस्फोटक है। मीडिया प्रतिष्ठान पर छापा प्रेस स्वतंत्रता के सवाल उठाता है जिन्हें मुख्यधारा की कवरेज अक्सर नजरअंदाज कर देती है। बिना स्वतंत्र न्यायिक निगरानी के इस जाँच की विश्वसनीयता हर राजनीतिक पड़ाव पर संदेह के घेरे में रहेगी।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु स्टिंग ऑपरेशन केस क्या है?
यह पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़ा एक स्टिंग ऑपरेशन मामला है, जिसमें एक कन्नड़ न्यूज चैनल के मालिक ने स्टिंग वीडियो बनाने की जिम्मेदारी ली थी। बाद में इस मामले में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी का नाम भी सामने आया, जिससे जाँच का दायरा बढ़ गया।
सीसीबी ने कन्नड़ न्यूज चैनल पर छापा क्यों मारा?
सीसीबी स्टिंग ऑपरेशन केस की जाँच कर रही है और उसने सर्च वारंट लेकर उस न्यूज चैनल पर छापा मारा जिसके मालिक ने स्टिंग ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली थी। 30 से अधिक सीसीबी अधिकारियों ने चैनल के दफ्तर और बेंगलुरु के सहकारनगर स्थित मालिक के घर पर एक साथ तलाशी ली।
प्रज्वल प्रसाद कौन हैं और उन्हें नोटिस क्यों भेजा गया?
प्रज्वल प्रसाद JD(S) से जुड़े एक मीडिया कंसल्टेंट हैं, जो फिलहाल नई दिल्ली में हैं। उन पर आरोप है कि वह कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी के घर वह मोबाइल फोन ले गए थे जो इस मामले से जुड़ा है। पुलिस को उम्मीद है कि उनके बयान से मोबाइल लेन-देन की घटनाओं के क्रम पर रोशनी पड़ेगी।
क्या केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी को नोटिस दिया जाएगा?
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस कुमारस्वामी को नोटिस जारी करने और जाँच के हिस्से के रूप में उनके घर का निरीक्षण करने पर विचार कर रही है। अभी तक कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया गया है।
बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर ऑफिस के बाहर इतनी सुरक्षा क्यों बढ़ाई गई?
JD(S) कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर इस मामले में कुमारस्वामी का नाम आने पर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं, जिससे अचानक विरोध प्रदर्शन की आशंका पैदा हुई। इसी के मद्देनजर KSRP की 2 प्लाटून और 50 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं और किसी भी अवैध विरोध को रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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