यूपी स्कूल शिक्षा में KPI क्रांति: नवंबर 2026 से तीन माह की कार्ययोजना, मोनिका रानी के निर्देश जारी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाने के लिए महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने 2 नवंबर 2026 को विस्तृत निर्देश जारी किए, जिनमें नवंबर-दिसंबर 2026 और जनवरी 2027 की कार्ययोजना निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में तैयार इस रूपरेखा का केंद्र है — की परफॉर्मेंस इंडिकेटर (KPI) के माध्यम से शैक्षिक गतिविधियों की नियमित निगरानी और समयबद्ध लक्ष्यपूर्ति।
KPI आधारित निगरानी की रूपरेखा
जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को निर्धारित गतिविधियों का क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और प्रगति का विवरण संबंधित पोर्टल पर समयसीमा के भीतर अपलोड करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। KPI की समीक्षा मासिक बैठकों में होगी, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन और जवाबदेही को मज़बूत किया जा सके।
गुणवत्ता शिक्षा के अंतर्गत नेशनल बेंचमार्किंग एंड मॉनिटरिंग कमिटी (NBMC) से प्राप्त डेटा आधारित डिस्ट्रिक्ट टास्क फोर्स (DTF) की मासिक समीक्षा, बीएसए द्वारा बीईओ के साथ साप्ताहिक समीक्षा और बीईओ-एआरपी की मासिक बैठक अनिवार्य की गई है। सभी बैठकों की कार्यवृत्त पोर्टल पर अपलोड की जाएगी।
शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षण
विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण और दीक्षा पोर्टल पर उपलब्ध डिजिटल सामग्री तथा निष्ठा कोर्स का कक्षाओं में प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कराया जाएगा। प्रोजेक्ट-आधारित, गतिविधि-आधारित और कैच-अप शिक्षण पद्धतियों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी।
निपुण लक्ष्य प्राप्ति की निगरानी भी इसी रूपरेखा में शामिल है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 21 से 30 दिसंबर 2026 और 20 से 30 जनवरी 2027 के दौरान कक्षा 1 और 2 के विद्यार्थियों का निपुण विद्यालय आकलन पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा कराया जाएगा।
बालिका शिक्षा, निर्माण और समावेशी शिक्षा
प्रदेश के 75 जनपदों में मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालयों के निर्माण की प्रगति और गुणवत्ता की निगरानी होगी। बालिका शिक्षा के तहत स्वीकृत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) निर्माण कार्यों को पूरा कराने और छात्राओं की उपस्थिति-नामांकन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आरटीई के अंतर्गत आवंटित बच्चों का शत-प्रतिशत सत्यापन पोर्टल पर सुनिश्चित होगा।
समेकित शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान, सहायक उपकरणों की उपलब्धता और यू-डायस+ पोर्टल पर डेटा अद्यतन के निर्देश भी जारी किए गए हैं। प्री-प्राइमरी स्तर पर बाल वाटिका में 3 से 6 वर्ष आयु के बच्चों के प्रवेश और आंगनवाड़ी केंद्रों से समन्वय की निगरानी भी इस योजना में शामिल है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
राज्यमंत्री, बेसिक शिक्षा संदीप सिंह ने कहा, 'योगी सरकार प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और विद्यार्थियों के बेहतर अधिगम के लिए प्रतिबद्ध है। निर्धारित KPI से शैक्षिक गतिविधियों की नियमित निगरानी और समयबद्ध लक्ष्यपूर्ति सुनिश्चित होगी।'
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर सरकारें डेटा-आधारित प्रशासन की ओर बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि समग्र शिक्षा और पीएम पोषण योजना की गतिविधियों के व्यय-विवरण की समय पर उपलब्धता भी इस कार्ययोजना का हिस्सा है। एमआईएस के तहत अपार आईडी, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी से जुड़ी प्रगति यू-डायस पोर्टल पर दर्ज होगी। तीन माह की इस समयबद्ध कार्ययोजना की सफलता अब जिला अधिकारियों के क्रियान्वयन और पोर्टल अनुपालन पर निर्भर करेगी।