वडोदरा की कलाकार शाहेना गांधी ने PM मोदी को भेंट की अगेट पत्थरों से बनी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी कलाकृति
सारांश
मुख्य बातें
वडोदरा की प्रतिभाशाली कलाकार शाहेना गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अगेट (अकीक) पत्थरों से निर्मित एक दुर्लभ कलाकृति भेंट की, जिसमें राष्ट्रीय एकता दिवस की परेड और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को जीवंत रूप में उकेरा गया है। 30 अक्टूबर 2026 को 'भारत पर्व 2026' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने शाहेना गांधी के स्टॉल का दौरा किया और इस अनूठी कलाकृति को सहर्ष स्वीकार करते हुए उनके काम की भूरि-भूरि प्रशंसा की। हज़ारों प्राकृतिक रंगों वाले अगेट पत्थरों से तैयार यह कलाकृति शाहेना गांधी को करीब दो सप्ताह की अथक मेहनत का परिणाम है।
कलाकृति में क्या है खास
इस विशेष कलाकृति में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड का भव्य दृश्य, पार्श्व में उभरती स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और उसके इर्द-गिर्द फैला प्राकृतिक परिदृश्य दर्शाया गया है। शाहेना गांधी के अनुसार, यह कला बेहद बारीक और धैर्यसाध्य कार्य है क्योंकि अगेट पत्थरों के छोटे-छोटे टुकड़ों को अलग से रंग नहीं दिया जा सकता — केवल पत्थरों के प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है। किसी भी कलाकृति को पूरा करने में लगने वाला समय उसकी डिज़ाइन की जटिलता पर निर्भर करता है।
चार दशकों की साधना
शाहेना गांधी ने बताया कि वे पिछले 40 वर्षों से अगेट पत्थरों की कला को समर्पित हैं और अब तक करीब 500 से 600 कलाकृतियाँ तैयार कर चुकी हैं। उनकी कलाकृतियों की कीमत ₹5,000 से लेकर ₹5 लाख तक होती है, जो डिज़ाइन की जटिलता और आकार पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि यह कला उन्हें ईश्वर की देन है और उन्होंने इसे कहीं से औपचारिक रूप से नहीं सीखा। परिवार का पूरा सहयोग उनकी इस यात्रा को संभव बनाता है।
PM मोदी से पहली मुलाकात और भेंट का सफर
शाहेना गांधी ने बताया कि इससे पहले उन्होंने अगेट पत्थरों से भारत का नक्शा तैयार कर प्रधानमंत्री को दिखाया था। प्रधानमंत्री ने उस कलाकृति की सराहना की, किंतु उसका बड़ा आकार होने के कारण उसे भेंट के रूप में स्वीकार नहीं कर सके। उन्होंने तब कहा था कि जब शाहेना कोई विशेष और अलग कलाकृति बनाएँगी, तभी वे उसे स्वीकार करेंगे। 2026 में सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्री के मंच के ज़रिये दोबारा मिलने का अवसर मिला, और इस बार राष्ट्रीय एकता दिवस परेड पर आधारित कलाकृति प्रधानमंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर ली।
विश्व रिकॉर्ड और सम्मान
शाहेना गांधी को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में स्थान इसलिए मिला क्योंकि वे इस अनूठी अगेट कला को रचने वाली विश्व की पहली कलाकार हैं। उन्होंने बताया कि रिकॉर्ड प्रदान करने से पहले यह पुष्टि की गई थी कि दुनिया में कोई अन्य कलाकार इस तरह का कार्य नहीं करता। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उनकी कलाकृति स्वीकार किए जाने को उन्होंने अपने और पूरे परिवार के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। यह सम्मान न केवल एक कलाकार की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि गुजरात की समृद्ध हस्तशिल्प परंपरा को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने का प्रयास भी है।