PM मोदी ने देखी 'आनंद मठ' की नाट्य प्रस्तुति, 300 कलाकारों ने एकता नगर में किया मंचन
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 अक्टूबर 2026 को गुजरात के नर्मदा जिले स्थित एकता नगर में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के कालजयी उपन्यास 'आनंद मठ' पर आधारित भव्य नाट्य प्रस्तुति देखी। यह सांस्कृतिक आयोजन सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह का अभिन्न अंग था।
नाट्य प्रस्तुति का स्वरूप और संदेश
'आनंद मठ : माँ ने फिर बुलाया है' शीर्षक से मंचित इस नाटक का निर्माण राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) ने किया। 100×100 फीट के विशाल मंच पर लगभग 300 कलाकारों ने करीब 90 मिनट की इस प्रस्तुति में हिस्सा लिया।
वर्ष 1882 में प्रकाशित उपन्यास की समकालीन पुनर्व्याख्या के माध्यम से मातृभूमि के प्रति समर्पण, बलिदान, देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना जैसे विषयों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया। गौरतलब है कि इसी उपन्यास में भारत का राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' पहली बार प्रकाशित हुआ था।
नाट्य प्रस्तुति का उद्देश्य उपन्यास की साहित्यिक विरासत को आज के भारत से जोड़ना और नागरिकों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों के साथ देश के भविष्य निर्माण में योगदान का संदेश देना था।
वंदे मातरम् की 150वीं वर्षगाँठ का विशेष महत्व
इस वर्ष के सांस्कृतिक कार्यक्रम का अतिरिक्त महत्व इसलिए भी है क्योंकि 2026 में 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं। यह गीत सर्वप्रथम 'आनंद मठ' में ही प्रकाशित हुआ था। इस ऐतिहासिक संयोग ने इस मंचन को एक विशेष सांस्कृतिक स्मृति-उत्सव का रूप दे दिया।
एकता प्रकाश पर्व और नर्मदा आरती
शुक्रवार शाम के कार्यक्रमों में 'एकता प्रकाश पर्व' भी शामिल रहा — एक विशेष रोशनी उत्सव जिसमें भारत की एकता, विविधता, सांस्कृतिक विरासत और विकास को प्रदर्शित किया गया। रात करीब 8:15 बजे प्रधानमंत्री ने नर्मदा आरती में भी भाग लिया।
एकता प्रकाश पर्व के अंतर्गत दो प्रमुख आकर्षण तैयार किए गए। वैली ऑफ फ्लावर्स रोड पर 530 मीटर लंबे रोशनी-सज्जित मार्ग को 'प्राचीन भारत से आधुनिक भारत तक' की थीम पर विकसित किया गया है, जिसमें भारतीय सभ्यता, राष्ट्रीय पहचान, महिला सशक्तीकरण, सुरक्षा बल, तकनीक और योग जैसे विषयों को जगह दी गई है। वहीं 180 मीटर लंबी 'ग्लो टनल' को 'भारत की विविधता में एकता' की थीम पर सजाया गया है, जिसमें चारों क्षेत्रों की संस्कृति, स्थापत्य, लोक नृत्य, हस्तशिल्प और जीवनशैली की झलक मिलती है। इस उत्सव में 1.5 करोड़ से अधिक LED लाइटों का उपयोग किया गया है।
भारत पर्व 2026 का उद्घाटन
इसी दिन प्रधानमंत्री मोदी ने एकता नगर में 'भारत पर्व 2026' का उद्घाटन भी किया, जो 15 नवंबर 2026 तक चलेगा। 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना से आयोजित इस उत्सव में विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी परंपराओं, लोक प्रस्तुतियों, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित करने का मंच दिया गया है।
शनिवार का कार्यक्रम और परियोजनाएँ
प्रधानमंत्री मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। शनिवार को वे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और एकता नगर में ₹426 करोड़ से अधिक की पर्यटन एवं बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास करेंगे।
इन परियोजनाओं में IRCTC होटल, एकता क्रूज़, रेन फॉरेस्ट आकर्षण, इको ट्रेल, सीवेज एवं जल उपचार सुविधाएँ, ट्रैवलेटर तथा पर्यटक सुविधाओं का उन्नयन शामिल है। प्रधानमंत्री वामन वृक्ष वाटिका का भी दौरा करेंगे और राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में भाग लेंगे। यह दो दिवसीय आयोजन सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और एकता के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की सरकार की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।