अमित शाह से NCP नेताओं की मुलाकात: उमेश पाटिल बोले — 'बैठक पूर्व-नियोजित, पार्टी में सब ठीक'
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने 2 नवंबर 2026 को स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ NCP नेताओं की बैठक कोई अचानक हुई मुलाकात नहीं थी, बल्कि यह पहले से तय कार्यक्रम था जिसकी जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को थी। पाटिल ने मीडिया में चल रही अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि NCP में सभी नेता एकजुट हैं और पार्टी पूरी तरह से सामान्य ढंग से काम कर रही है।
बैठक की पृष्ठभूमि और संदर्भ
पाटिल ने बताया कि जब पार्टी के दिवंगत नेता अजित पवार ने पिछली बार अमित शाह से मुलाकात की थी, उसी दौरान उन्होंने यह जानकारी दी थी कि पार्टी के कई नेता और नेतृत्व अमित शाह से मिलना चाहते हैं। उसी बातचीत के क्रम में 2 नवंबर की यह बैठक आयोजित हुई। पाटिल ने कहा कि यह बैठक पूर्व-नियोजित थी और इसमें किसी प्रकार की असाधारण बात नहीं थी।
गौरतलब है कि NCP के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल होने के बाद से पार्टी और केंद्र सरकार के बीच समन्वय बैठकें एक सामान्य प्रक्रिया रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीतिक परिस्थितियाँ जटिल बनी हुई हैं और विपक्ष NCP की एकजुटता पर सवाल उठाता रहा है।
बैठक का एजेंडा
बैठक में चर्चा के विषयों पर जानकारी देते हुए पाटिल ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने NCP के पास मौजूद विभागों और उनसे संबंधित केंद्र सरकार के मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की। महाराष्ट्र की मौजूदा परिस्थितियों से जुड़े विषय भी इस बैठक में उठाए गए।
उन्होंने यह भी बताया कि NCP का किसानों से गहरा जुड़ाव है और किसानों से संबंधित विभाग भी पार्टी के पास है, इसलिए कृषि मुद्दों पर चर्चा स्वाभाविक थी। साथ ही, NDA में शामिल होते समय जो मुद्दे तय हुए थे, उनमें से कुछ अभी भी लंबित हैं — उन पर भी बैठक में विचार-विमर्श हुआ।
वित्त विभाग और लंबित मुद्दे
वित्त विभाग को लेकर चल रही अटकलों पर पाटिल ने कहा कि इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। मुख्यमंत्री भी यह स्पष्ट कर चुके हैं कि जल्द से जल्द वित्त विभाग NCP के पास आएगा। पाटिल ने इस मामले में किसी भी प्रकार की शंका से इनकार किया और भरोसा जताया कि स्थिति शीघ्र ही स्पष्ट होगी।
पार्टी की एकजुटता और मीडिया से अपील
पार्टी में फूट की चर्चाओं को नकारते हुए पाटिल ने कहा कि NCP में सब कुछ ठीक है और सभी नेता मिलकर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार पार्टी में विभाजन के बाद कुछ तत्व नहीं चाहते कि NCP आगे बढ़े और इसलिए पुराने मुद्दों को उठाकर भ्रामक खबरें फैलाई जाती हैं।
पाटिल ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि किसी भी खबर को प्रसारित करने से पहले पार्टी के अधिकृत नेता या आधिकारिक प्रवक्ता से पुष्टि की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल अनौपचारिक सूत्रों के आधार पर समाचार चलाना उचित नहीं है।
इंडिया गठबंधन की रैली पर प्रतिक्रिया
इंडिया गठबंधन की दिल्ली रैली पर पाटिल ने कहा कि संविधान के अंतर्गत हर दल को अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग संविधान के दमन की बात करते हैं, उन्हीं की इतनी बड़ी रैली सरकार ने होने दी — यह अपने आप में संविधान की मज़बूती का प्रमाण है। पाटिल ने कहा कि विपक्ष ने अपनी बात रखी है और NCP भी अपना पक्ष सामने रखेगी।