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जयंत पाटिल का 'वर्षा' बैठक पर खुलासा: 'शरद पवार के साथ एकजुट, विलय की बात बंद'

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जयंत पाटिल का 'वर्षा' बैठक पर खुलासा: 'शरद पवार के साथ एकजुट, विलय की बात बंद'

सारांश

मुख्यमंत्री फडणवीस के 'वर्षा' आवास पर देर रात की मुलाकात ने महाराष्ट्र में विलय और मंत्रिपद की अटकलें भड़काईं — लेकिन जयंत पाटिल ने अगले दिन सब खारिज कर दिया। असली वजह थी निर्वाचन क्षेत्र का एक प्रशासनिक मामला, और संदेश साफ था: 'हम शरद पवार के साथ एकजुट हैं।'

मुख्य बातें

जयंत पाटिल ने मंगलवार देर रात मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास 'वर्षा' में मुलाकात की।
पाटिल ने बताया कि बैठक निर्वाचन क्षेत्र में तोड़फोड़ की धमकी से जुड़े प्रशासनिक मुद्दे पर थी, जो शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आता है।
बैठक 5 से 10 मिनट की रही; मुख्यमंत्री ने मामले पर गौर करने का आश्वासन दिया।
पाटिल ने एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेताओं सुनील तटकरे या प्रफुल पटेल से किसी भी मुलाकात से इनकार किया।
पार्टी विलय और वित्त मंत्री पद की अटकलों को पाटिल ने पूरी तरह खारिज किया।
पाटिल ने दोहराया: 'हम सभी शरद पवार के साथ एकजुट हैं।'

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटिल ने बुधवार, 16 जुलाई 2025 को स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास 'वर्षा' में मंगलवार देर रात हुई उनकी मुलाकात पूरी तरह प्रशासनिक थी — न कोई राजनीतिक सौदेबाज़ी, न पार्टी विलय की चर्चा। इस बैठक के बाद महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों में जो अटकलों का बाज़ार गर्म हुआ था, पाटिल ने उसे सिरे से नकार दिया।

बैठक का असली कारण

पाटिल के अनुसार, उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में तोड़फोड़ की धमकी से जुड़े एक स्थानीय प्रशासनिक मुद्दे पर मुख्यमंत्री से समय माँगा था। उन्होंने कहा, 'मैंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के एक स्थानीय मुद्दे के संबंध में मुख्यमंत्री से मिलने का समय मांगा था।' यह मुद्दा शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आता है, जिसकी देखरेख मुख्यमंत्री कार्यालय करता है।

पाटिल ने बताया कि उन्होंने पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन शिंदे दिल्ली दौरे पर होने के कारण उनका फोन बंद था। इसके बाद उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री आवास पर घटनाक्रम

पाटिल ने बताया कि वे 'वर्षा' पहुँचे, लेकिन मुख्यमंत्री फडणवीस पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त थे, इसलिए उन्हें हॉल में प्रतीक्षा करनी पड़ी। जब फडणवीस उपलब्ध हुए, तो उन्होंने भी कहा कि वे लगातार बैठकों में व्यस्त हैं। इसके बावजूद पाटिल ने 5 से 10 मिनट की संक्षिप्त बैठक में अपना पक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि वे इस मामले पर ध्यान देंगे।

विलय और मंत्रिपद की अटकलों पर पाटिल का जवाब

पाटिल ने दो टूक कहा कि उनकी एनसीपी (अजित पवार गुट) के नेताओं — सुनील तटकरे या प्रफुल पटेल — से कोई मुलाकात या चर्चा नहीं हुई। उन्होंने कहा, 'अगर ऐसी कोई मुलाकात हुई होती, तो मैं इसे खुले तौर पर स्वीकार कर लेता।' पार्टी विलय या राजनीतिक पुनर्गठन की संभावना को उन्होंने पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि 'ऐसी चर्चाएँ पूरी तरह बंद हो चुकी हैं।'

जब मीडिया ने उनसे राज्य के वित्त मंत्री पद की दावेदारी के बारे में पूछा, तो पाटिल ने हँसते हुए इसे टाल दिया। उन्होंने कहा, 'मैंने इस बारे में सोचा भी नहीं है। विभागों का आवंटन पूरी तरह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का अधिकार है।'

शरद पवार के साथ एकजुटता का संदेश

पाटिल ने अपनी पार्टी की स्थिति को लेकर कोई संदेह नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, 'हम सभी शरद पवार के साथ एकजुट हैं।' साथ ही उन्होंने मीडिया की अटकलबाज़ी पर नाराज़गी जताते हुए कहा, 'मुझे दुख होता है कि इस तरह की अटकलबाज़ी वाली खबरें लगातार फैलाई जाती हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन और विपक्षी महाविकास आघाड़ी के बीच राजनीतिक समीकरण लगातार चर्चा में हैं। गौरतलब है कि विपक्षी खेमे में किसी भी वरिष्ठ नेता की सत्तापक्ष के मुखिया से देर रात मुलाकात स्वाभाविक रूप से अटकलों को जन्म देती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि एनसीपी (एसपी) के भीतर दबाव कितना गहरा है कि वरिष्ठ नेताओं को विपक्षी भूमिका में रहते हुए भी सत्तापक्ष के द्वार खटखटाने पड़ रहे हैं। पाटिल की सफाई भले ही तार्किक हो, लेकिन 'उपमुख्यमंत्री का फोन बंद था इसलिए सीधे मुख्यमंत्री से मिले' — यह तर्क राजनीतिक जिज्ञासा को शांत नहीं करता। महाराष्ट्र में 2024 के चुनावी नतीजों के बाद विपक्ष की स्थिति जिस तरह कमज़ोर हुई है, उसमें ऐसी 'प्रशासनिक' मुलाकातें राजनीतिक पुनर्गठन की पृष्ठभूमि में ज़्यादा महत्वपूर्ण दिखती हैं।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जयंत पाटिल की मुख्यमंत्री फडणवीस से 'वर्षा' में बैठक क्यों हुई?
पाटिल के अनुसार, यह बैठक उनके निर्वाचन क्षेत्र में तोड़फोड़ की धमकी से जुड़े एक प्रशासनिक मुद्दे पर थी। यह मामला शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आता है, जिसकी देखरेख मुख्यमंत्री कार्यालय करता है।
क्या एनसीपी (एसपी) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के विलय की चर्चा हुई?
नहीं। जयंत पाटिल ने स्पष्ट रूप से कहा कि एनसीपी नेताओं सुनील तटकरे या प्रफुल पटेल से कोई मुलाकात या चर्चा नहीं हुई। उन्होंने पार्टी विलय और राजनीतिक पुनर्गठन की किसी भी संभावना को पूरी तरह खारिज किया।
क्या जयंत पाटिल महाराष्ट्र के वित्त मंत्री बन सकते हैं?
पाटिल ने इस सवाल को हँसकर टाल दिया और कहा कि उन्होंने इस बारे में सोचा भी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागों का आवंटन पूरी तरह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का अधिकार है।
जयंत पाटिल ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क क्यों नहीं किया?
पाटिल ने बताया कि उन्होंने पहले उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन शिंदे दिल्ली दौरे पर होने के कारण उनका फोन बंद था। इसके बाद उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री से मिलने का निर्णय लिया।
एनसीपी (एसपी) की शरद पवार के साथ एकजुटता पर पाटिल का क्या कहना है?
पाटिल ने दो टूक कहा कि 'हम सभी शरद पवार के साथ एकजुट हैं।' उन्होंने मीडिया की अटकलबाज़ी पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि इस तरह की खबरें लगातार फैलाई जाती हैं, जो उन्हें दुख देती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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