बारामती उपचुनाव में फडणवीस की चौंकाने वाली पहल, शरद पवार का कांग्रेस से संवाद
सारांश
Key Takeaways
- सीएम फडणवीस ने कांग्रेस से उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह किया।
- उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद हो रहा है।
- शरद पवार ने कांग्रेस अध्यक्ष से बातचीत की है।
- कांग्रेस का रुख अब बदलता नजर आ रहा है।
- राजनीति में इस तरह की पहल असामान्य है।
मुंबई, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बारामती विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल में अचानक एक महत्वपूर्ण मोड़ आ गया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष के साथ संवाद स्थापित किया है, जिससे चुनावी हलचल और भी तेज हो गई है। गुरुवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि है, ऐसे में सबकी निगाहें इस पर हैं कि क्या चुनाव होगा या सुनेत्रा पवार की जीत बिना मुकाबले सुनिश्चित हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, सीएम फडणवीस ने महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल से सीधे संपर्क किया। इस बातचीत में उन्होंने कांग्रेस से निवेदन किया कि वह अपने उम्मीदवार को वापस ले ले, ताकि उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुनाव हो सके। सुनेत्रा पवार एनसीपी (अजीत पवार गुट) की प्रत्याशी हैं।
राज्य की राजनीति में इस प्रकार का कदम काफी आश्चर्यजनक माना जा रहा है। यह कम ही देखने को मिलता है कि सत्ताधारी दल का कोई प्रमुख नेता विपक्ष के प्रदेश अध्यक्ष से संपर्क कर चुनाव में उम्मीदवार वापस लेने का आग्रह करे।
दूसरी ओर, एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से इस विषय पर चर्चा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक राष्ट्रीय पार्टी है और उसे अपने निर्णय लेने का अधिकार है, लेकिन यदि उनसे सलाह मांगी जाती है, तो वह यही सुझाव देंगे कि यह चुनाव बिना मुकाबले हो। उन्होंने यह भी कहा कि यह सीट एक अनुभवी नेता के निधन के बाद खाली हुई है, इसलिए इसे सम्मान के साथ देखना चाहिए।
यह उपचुनाव पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद हो रहा है। कई नेता और पार्टियां चाहती हैं कि उनकी विरासत को सम्मान देते हुए चुनाव निर्विरोध कराया जाए।
इससे पहले एक महत्वपूर्ण बैठक में सुनेत्रा पवार और एनसीपी के अन्य नेताओं ने सीएम फडणवीस से मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि पूरा गठबंधन उनके साथ खड़ा है।
हालांकि, कांग्रेस पहले इस सीट पर चुनाव लड़ने के अपने निर्णय पर अड़ी हुई थी, लेकिन अब उनका रुख बदलता नजर आ रहा है। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने संकेत दिया है कि पार्टी अपना उम्मीदवार वापस ले सकती है। लेकिन अंतिम निर्णय अभी हाईकमान की स्वीकृति के बाद ही होगा।