चीन-पेरू राजनयिक संबंधों के 55 साल: शी चिनफिंग और केइको फुजिमोरी ने आदान-प्रदान किए बधाई संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पेरू की राष्ट्रपति केइको फुजिमोरी ने 2 नवंबर 2026 को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की 55वीं वर्षगांठ पर परस्पर बधाई संदेश भेजे। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाई देने और जनता को अधिकतम लाभ पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया।
शी चिनफिंग का संदेश: साझेदारी और व्यापार को नई गति
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने बधाई संदेश में कहा कि चीन और पेरू व्यापक रणनीतिक साझेदार हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि बीते 55 वर्षों में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में अनेक उतार-चढ़ाव आने के बावजूद दोनों देशों के संबंध निरंतर आगे बढ़े हैं, राजनीतिक विश्वास सुदृढ़ हुआ है और जनता के बीच मित्रता और गहरी हुई है।
शी ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि दोनों देशों के मुक्त व्यापार समझौते को उन्नत बनाने वाला प्रोटोकॉल 1 नवंबर 2026 से औपचारिक रूप से लागू हो चुका है। उनके अनुसार, इस कदम से द्विपक्षीय व्यापारिक और आर्थिक सहयोग को नई गति मिलेगी तथा आपसी सहयोग की गुणवत्ता और स्तर में सुधार होगा।
शी चिनफिंग ने पेरू द्वारा लंबे समय से एक-चीन सिद्धांत का पालन किए जाने की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि वे राष्ट्रपति फुजिमोरी के साथ मिलकर इस 55वीं वर्षगांठ को एक नई शुरुआत के रूप में देखते हुए द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना चाहते हैं।
केइको फुजिमोरी का संदेश: पारंपरिक मित्रता और बढ़ता सहयोग
पेरू की राष्ट्रपति केइको फुजिमोरी ने अपने बधाई संदेश में कहा कि पेरू और चीन ने दोस्ती, आपसी सम्मान और सहयोग की नींव पर मज़बूत संबंध बनाए हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की जनता के बीच पारंपरिक मित्रता इन संबंधों को निरंतर मज़बूती प्रदान कर रही है।
फुजिमोरी ने एक-चीन सिद्धांत के प्रति पेरू की प्रतिबद्धता एक बार पुनः दोहराई। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि पेरू, चीन के साथ राजनीतिक संवाद और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को आगे भी मज़बूत करने का इच्छुक है।
55 वर्षों की कूटनीतिक यात्रा: पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब लैटिन अमेरिका में चीन की आर्थिक और राजनयिक उपस्थिति तेज़ी से बढ़ रही है। पेरू, चीन का एक महत्वपूर्ण खनिज और कच्चे माल का आपूर्तिकर्ता है, और दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा पहले से स्थापित है। गौरतलब है कि 1 नवंबर 2026 से लागू हुआ उन्नत मुक्त व्यापार प्रोटोकॉल इस संबंध को और अधिक संस्थागत रूप देता है।
आलोचकों का कहना है कि एक-चीन सिद्धांत पर पेरू की बार-बार की पुनरावृत्ति चीन की बढ़ती कूटनीतिक प्राथमिकताओं को दर्शाती है, विशेषकर ऐसे समय में जब ताइवान मुद्दे पर वैश्विक ध्रुवीकरण गहरा हो रहा है।
आगे क्या
दोनों नेताओं ने संकेत दिया है कि 55वीं वर्षगांठ को एक नई शुरुआत के रूप में देखा जाएगा। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच उच्च-स्तरीय बैठकें और क्षेत्रीय सहयोग के नए समझौते सामने आ सकते हैं। नए मुक्त व्यापार प्रोटोकॉल के प्रभावी होने से व्यापारिक गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि अपेक्षित है।