चीन-पापुआ न्यू गिनी राजनयिक संबंधों की 50वीं वर्षगांठ: शी चिनफिंग और दादाए ने दिए बधाई संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पापुआ न्यू गिनी के गवर्नर-जनरल बॉब दादाए ने 12 अक्टूबर 2026 को परस्पर बधाई संदेश भेजकर दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 50वीं वर्षगांठ का उत्सव मनाया। इस अवसर पर दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई पर ले जाने का संकल्प जताया।
शी चिनफिंग का संदेश
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने संदेश में कहा कि पापुआ न्यू गिनी प्रशांत द्वीप समूह में चीन का एक अच्छा मित्र, अच्छा साझेदार और अच्छा भाई है। उन्होंने रेखांकित किया कि राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से दोनों देशों के बीच राजनीतिक आपसी विश्वास लगातार गहरा हुआ है, पारस्परिक लाभकारी सहयोग से फलदायी परिणाम सामने आए हैं और जनता के बीच आदान-प्रदान में निरंतर वृद्धि हुई है।
शी ने यह भी कहा कि इस द्विपक्षीय विकास से न केवल दोनों देशों के लोगों को लाभ पहुँचा है, बल्कि चीन और प्रशांत द्वीप समूह के देशों के बीच साझा भविष्य वाले समुदाय के निर्माण को भी सशक्त गति मिली है। उन्होंने इस 50वीं वर्षगांठ को एक अवसर के रूप में लेते हुए पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने और चीन-पापुआ न्यू गिनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की प्रतिबद्धता जताई।
गवर्नर-जनरल दादाए की प्रतिक्रिया
गवर्नर-जनरल बॉब दादाए ने अपने संदेश में कहा कि पिछले 50 वर्षों में पापुआ न्यू गिनी-चीन संबंधों ने महत्वपूर्ण विकास हासिल किया है, जिससे दोनों देशों और उनकी जनता को लाभ हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पापुआ न्यू गिनी चीन के साथ अपनी दीर्घकालिक मित्रता को महत्व देता है और एक-चीन सिद्धांत का दृढ़ता से पालन करता है।
प्रधानमंत्री स्तर पर आदान-प्रदान
इस अवसर पर चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग और पापुआ न्यू गिनी के प्रधानमंत्री जेम्स मारापे ने भी एक-दूसरे को बधाई संदेश भेजे। ली छ्यांग ने कहा कि चीन, पापुआ न्यू गिनी के साथ मिलकर बेल्ट एंड रोड पहल के उच्च गुणवत्ता वाले संयुक्त निर्माण में तेजी लाना चाहता है, ताकि दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी का निरंतर विकास हो सके।
जेम्स मारापे ने अपने देश के आर्थिक और सामाजिक विकास में चीन के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पापुआ न्यू गिनी, एक-चीन सिद्धांत का निरंतर पालन करते हुए विभिन्न क्षेत्रों में चीन के साथ पारस्परिक लाभकारी सहयोग को गहरा करेगा।
संबंधों का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि चीन और पापुआ न्यू गिनी ने 1976 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। यह ऐसे समय में आया है जब चीन प्रशांत क्षेत्र में अपनी कूटनीतिक और आर्थिक उपस्थिति को व्यापक बनाने की नीति पर काम कर रहा है। दोनों देशों के बीच बेल्ट एंड रोड पहल के अंतर्गत बुनियादी ढाँचा सहयोग इस साझेदारी का एक अहम स्तंभ रहा है।
आगे देखें तो इस वर्षगांठ के उपलक्ष्य में दोनों पक्षों के बीच उच्च-स्तरीय यात्राओं और नए सहयोग समझौतों की संभावना बताई जा रही है, जो प्रशांत क्षेत्र में द्विपक्षीय सहभागिता को और मजबूत करेंगे।