शी चिनफिंग और पुतिन ने 10वें चीन-रूस एक्सपो को बधाई संदेश भेजे, रणनीतिक साझेदारी की 30वीं वर्षगांठ पर जोर
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने रविवार, 17 मई 2026 को 10वें चीन-रूस एक्सपो के अवसर पर अलग-अलग बधाई पत्र भेजे। यह एक्सपो दोनों देशों के बीच व्यापारिक और आर्थिक सहयोग का सबसे बड़ा मंच माना जाता है। दोनों नेताओं के संदेशों में द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता झलकी।
शी चिनफिंग का संदेश: ऐतिहासिक वर्षगांठ पर जोर
शी चिनफिंग ने अपने बधाई पत्र में रेखांकित किया कि इस वर्ष चीन और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी की स्थापना की 30वीं वर्षगांठ है। साथ ही, चीन-रूस अच्छे पड़ोसियों जैसे मैत्रीपूर्ण संबंध व सहयोग संधि पर हस्ताक्षर की 25वीं वर्षगांठ भी इसी वर्ष पड़ती है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के साझा प्रयासों से विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग निरंतर विस्तृत हुआ है और व्यापक उपलब्धियाँ हासिल हुई हैं।
शी चिनफिंग ने आशा व्यक्त की कि दोनों देशों के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि इस एक्सपो का लाभ उठाकर व्यापक व्यावहारिक सहयोग को आगे बढ़ाएँगे, जिससे दोनों देशों का आर्थिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा और लोगों की भलाई में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि इससे नए युग की चीन-रूस व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नया आयाम मिलेगा।
पुतिन का संदेश: एक्सपो को बताया सबसे बड़ा साझा मंच
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अपने बधाई पत्र में कहा कि रूस-चीन एक्सपो अब दोनों देशों के बीच का सबसे बड़ा प्रदर्शनी आयोजन बन चुका है। उन्होंने इसे दोनों पक्षों के लिए सीधी और गहन वार्ता का अनुकूल मंच बताया। पुतिन ने विश्वास जताया कि इस एक्सपो से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और दोनों देशों के बीच परस्पर लाभकारी सहयोग की नई योजनाएँ तैयार होंगी।
द्विपक्षीय संबंधों का व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब चीन और रूस के बीच व्यापार पिछले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। गौरतलब है कि पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद रूस ने चीन के साथ ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और व्यापार में सहयोग को प्राथमिकता दी है। चीन-रूस एक्सपो इस बढ़ती आर्थिक निकटता का एक प्रमुख प्रतीक बन गया है।
यह एक्सपो दोनों देशों के उद्यमों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच पर लाता है, जहाँ व्यापार, प्रौद्योगिकी, कृषि और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होती है।
आगे क्या
दोनों नेताओं के बधाई संदेशों से स्पष्ट है कि चीन और रूस अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के इच्छुक हैं। आलोचकों का कहना है कि यह साझेदारी वैश्विक भू-राजनीतिक समीकरणों पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकती है। विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले महीनों में दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश समझौतों में और तेजी आने की संभावना है।