कुमारस्वामी का आरोप: कर्नाटक सरकार स्टिंग ऑपरेशन मामले को हल्के में ले रही, जमानत दिलाने पर JDS देगी कड़ा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार मुख्यमंत्री सिद्दारमैया से जुड़े स्टिंग ऑपरेशन विवाद को जानबूझकर हल्के में ले रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार आरोपी को अग्रिम जमानत दिलाने में सहयोग करती है, तो जनता दल (सेक्युलर) (JDS) चुप नहीं बैठेगी।
मुख्य घटनाक्रम
JDS मुख्यालय जेपी भवन, बेंगलुरु में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमारस्वामी ने कहा कि इस स्टिंग ऑपरेशन वीडियो में एक मीडिया कर्मी की संलिप्तता है, जिसका मकसद सिद्दारमैया की सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुँचाना था। उन्होंने दावा किया कि उक्त मीडिया कर्मी को मैसूर के रेडिसन होटल से लाया गया और उसे 'केवल औपचारिकता के तौर पर' समन भेजा गया।
कुमारस्वामी ने कहा, 'मेरे पास जो जानकारी है, उसके मुताबिक वह व्यक्ति परसों मैसूर के रेडिसन होटल में ठहरा हुआ था और उसे वहाँ से लाया गया। कल उसे सिर्फ औपचारिकता के तौर पर समन जारी किया गया।'
जाँच पर सवाल
कुमारस्वामी ने इस मामले की जाँच का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय हिलोरी का नाम लेते हुए उनके आईएमए पोंजी स्कीम मामले से कथित संबंध का हवाला दिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि स्टिंग मामले में अग्रिम जमानत माँगने वाले आरोपी ने उसी वकील को क्यों नियुक्त किया, जिसने पहले हिलोरी का मुकदमा लड़ा था। उनके अनुसार, ये संयोग नहीं, बल्कि जाँच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
दिल्ली दौरे पर विवाद
कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गुरुवार को दिल्ली दौरे के दौरान एआईसीसी महासचिव व कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल से मुलाकात की। उन्होंने शिवकुमार के उस बयान पर भी आपत्ति जताई जिसमें कहा गया था कि गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का वेणुगोपाल के घर पर होना महज संयोग था। कुमारस्वामी ने पूछा कि इतने 'संयोग' एक साथ कैसे हो सकते हैं।
सिद्दारमैया का बचाव
उल्लेखनीय है कि कुमारस्वामी और सिद्दारमैया लंबे समय से राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी रहे हैं। इसके बावजूद कुमारस्वामी ने कांग्रेस नेतृत्व से पूछा कि पार्टी में सिद्दारमैया जैसा दूसरा कद्दावर नेता कौन है। उन्होंने कहा, 'सिद्दारमैया के अलावा वोट कौन ला सकता है? आप उनकी वजह से बचे हुए हैं।' उनके अनुसार, सिद्दारमैया को 'घर बैठने के लिए मजबूर' किया जाना और फिर इसे JDS की साजिश करार देना सही नहीं है।
JDS की चेतावनी
कुमारस्वामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'मुद्दा यह नहीं है कि क्या JDS इस मामले का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है। सवाल यह है कि क्या सच सामने आएगा और न्याय होगा।' उन्होंने राज्य सरकार को चेतावनी दी कि यदि आरोपी को अग्रिम जमानत दिलाने में प्रत्यक्ष या परोक्ष सहयोग किया गया, तो JDS इसका कड़ा विरोध करेगी। यह विवाद आगामी दिनों में कर्नाटक की राजनीतिक फिज़ा को और गर्म कर सकता है।