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राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं: शिवसेना नेता मनीषा कायंदे का हमला

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राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाना चाहते हैं: शिवसेना नेता मनीषा कायंदे का हमला

सारांश

रामलीला मैदान की इंडिया ब्लॉक रैली के एक दिन बाद शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने राहुल गांधी पर देश में अस्थिरता फैलाने, विदेशों में भारत की छवि बिगाड़ने और ईवीएम पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया। साथ ही कांग्रेस के आपातकाल के इतिहास की भी याद दिलाई।

मुख्य बातें

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने 2 नवंबर 2026 को मुंबई में राहुल गांधी पर देश में अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।
यह प्रतिक्रिया 1 नवंबर को रामलीला मैदान, दिल्ली में आयोजित इंडिया ब्लॉक रैली के बाद आई।
कायंदे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ईवीएम और एसआईआर पर अपने दावे साबित करने में विफल रहे हैं।
कांग्रेस के आपातकाल के इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि संविधान पर व्याख्यान देने का नैतिक अधिकार नहीं।
भाजपा और एनडीए सहयोगी राहुल गांधी की कथित 'अराजकता' के विरोध में रैलियाँ निकालने की योजना बना रहे हैं।
कायंदे ने मुंबई की वायु गुणवत्ता पर भी चिंता जताई और संबंधित सरकारी संस्थाओं से ठोस कदम उठाने की माँग की।

शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने 2 नवंबर 2026 को मुंबई में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर कड़ा हमला बोला और आरोप लगाया कि वे देश में अराजकता का माहौल तैयार करने की कोशिश में लगे हैं। यह प्रतिक्रिया 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया ब्लॉक की रैली के बाद सामने आई।

मुख्य आरोप और बयान

कायंदे ने कहा कि राहुल गांधी बार-बार विरोध-प्रदर्शन करते हैं और उन्हीं पुराने मुद्दों को दोहराते रहते हैं, लेकिन अपने किसी भी दावे को अब तक साबित नहीं कर पाए हैं। उनके अनुसार, ईवीएम में खराबी या वोटों की चोरी का कोई ठोस प्रमाण राहुल गांधी आज तक नहीं दे सके।

शिवसेना नेता ने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर के मामले में कांग्रेस नेता कभी सर्वोच्च न्यायालय तो कभी राष्ट्रपति के पास दौड़ते हैं, लेकिन उनकी यह कोशिशें बार-बार नाकाम होती रही हैं।

विदेशों में छवि खराब करने का आरोप

कायंदे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी चर्चा में बने रहने के लिए 'नौटंकी' करते हैं और विदेशों में यह संदेश पहुँचाने की कोशिश करते हैं कि भारत में सब कुछ गड़बड़ हो रहा है। उन्होंने दावा किया कि जो अस्थिरता श्रीलंका और फ्रांस जैसे देशों में देखी गई, वैसी ही परिस्थितियाँ राहुल गांधी भारत में पैदा करना चाहते हैं।

आपातकाल का संदर्भ

संविधान की बात करने वाले राहुल गांधी को अपनी पार्टी का इतिहास याद दिलाते हुए कायंदे ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में ही आपातकाल लगाया गया था, जिसमें लोगों को बिना किसी नोटिस के कई-कई दिनों तक जेल में रखा गया था। उनके अनुसार, जो लोग खुद संविधान की धज्जियाँ उड़ा चुके हैं, वे आज उसी संविधान की दुहाई दे रहे हैं।

प्रियंका गांधी और चुनावी हार पर टिप्पणी

कायंदे ने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा का ज़िक्र करते हुए कहा कि अगर उन्हें राहुल गांधी की तुलना में अधिक अवसर दिए जाते, तो कांग्रेस की स्थिति अलग हो सकती थी। उन्होंने राहुल गांधी को सलाह दी कि बार-बार ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने के बजाय चुनावी हार का आत्मपरीक्षण करना अधिक उचित होगा।

मुंबई प्रदूषण पर भी बोलीं कायंदे

इसी बातचीत में शिवसेना नेता ने मुंबई की वायु गुणवत्ता पर भी चिंता जताई। उन्होंने स्वीकार किया कि अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीनों में मुंबई की हवा खराब होती है और यह समस्या पूरे देश में देखने को मिलती है। उनके अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, महाराष्ट्र सरकार का पर्यावरण विभाग और मुंबई नगर निगम, सभी को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। आने वाले दिनों में भाजपा और एनडीए (NDA) के सहयोगी राहुल गांधी की कथित 'अराजकता' के विरोध में रैलियाँ आयोजित करने की तैयारी में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो तत्काल मुद्दों से ध्यान भटकाने का काम करता है। मुंबई प्रदूषण पर उनकी स्वीकारोक्ति, हालाँकि उसी बातचीत में दर्ज हुई, इस पूरी खबर में वह कोण है जो नीतिगत जवाबदेही के लिहाज़ से कहीं अधिक ठोस और तात्कालिक है।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मनीषा कायंदे ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहते हैं और विदेशों में भारत की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ईवीएम पर अपने दावे आज तक साबित नहीं कर पाए हैं।
यह बयान किस घटना के बाद आया?
यह बयान 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित इंडिया ब्लॉक की रैली के अगले दिन, 2 नवंबर को मुंबई में आया। कायंदे ने उसी रैली को केंद्र में रखते हुए यह प्रतिक्रिया दी।
कायंदे ने कांग्रेस के आपातकाल का ज़िक्र क्यों किया?
कायंदे का तर्क था कि जो पार्टी खुद सत्ता में रहते हुए आपातकाल लगाकर संविधान की धज्जियाँ उड़ा चुकी है, उस पार्टी के नेता को संविधान-रक्षा का उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी से आग्रह किया कि वे पहले अपनी पार्टी का इतिहास देखें।
कायंदे ने प्रियंका गांधी वाड्रा के बारे में क्या कहा?
कायंदे ने कहा कि अगर प्रियंका गांधी वाड्रा को राहुल गांधी की तुलना में अधिक मौके दिए जाते, तो कांग्रेस की स्थिति कुछ अलग हो सकती थी। यह टिप्पणी कांग्रेस के भीतर नेतृत्व पर एक अप्रत्यक्ष सवाल की तरह थी।
मुंबई प्रदूषण पर कायंदे का क्या कहना है?
कायंदे ने स्वीकार किया कि मुंबई की वायु गुणवत्ता अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर में खराब होती है और यह समस्या पूरे देश में है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, महाराष्ट्र सरकार के पर्यावरण विभाग और मुंबई नगर निगम से मिलकर काम करने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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