मॉनसून सत्र से पहले मनीषा कायंदे का प्रहार: 'इंडी अलायंस के पास न बल है, न एजेंडा'
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने 20 जुलाई को मुंबई में संसद के मॉनसून सत्र से ठीक पहले विपक्षी इंडी अलायंस पर तीखा हमला बोला और कहा कि गठबंधन के पास न कोई ठोस मुद्दा है, न संगठनात्मक ताकत। उन्होंने यूसीसी ड्राफ्ट, परिसीमन विवाद, सीजेपी के संसद मार्च और राम मंदिर फंड जांच समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी।
इंडी अलायंस पर सीधा वार
मनीषा कायंदे ने कहा, 'विपक्ष अपनी रणनीतियाँ अपनाएगा। वे पूरी तैयारी के साथ आएंगे, लेकिन सवाल यह है कि उनके पास क्या मुद्दा है? उनके पास न तो ताकत है और न ही कोई मुद्दा, और इसीलिए वे बंटे हुए हैं।' उन्होंने आगे कहा कि इंडी अलायंस का अस्तित्व दिन-ब-दिन सिकुड़ता जा रहा है क्योंकि उसके घटक दलों के निजी स्वार्थ आड़े आ रहे हैं।
कायंदे के अनुसार, अपनी ताकत खो चुके इस गठबंधन के नेता अब छोटे समूहों का सहारा लेकर विरोध प्रदर्शन करवा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मॉनसून सत्र में विपक्ष की रणनीति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनातनी पहले से बढ़ी हुई है।
सीजेपी मार्च और पुलिस अधिकार
'कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)' के प्रस्तावित संसद मार्च पर कायंदे ने कहा कि दिल्ली पुलिस और वहाँ का कानून ही तय करता है कि संसद परिसर तक किसे आने की अनुमति दी जाए और किसे नहीं। उन्होंने मुंबई का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले चर्चगेट पर मार्च की इजाजत थी, लेकिन अब कोई भी विरोध प्रदर्शन केवल आजाद मैदान में ही हो सकता है। उनका तर्क था कि अनुमति देना या न देना पुलिस का संवैधानिक अधिकार है।
राम मंदिर फंड जांच और यूसीसी
राम मंदिर के दान एवं फंड से जुड़े विवाद पर कायंदे ने कहा कि सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और गहन जांच के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं। जांच के नतीजों के आधार पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) पर उन्होंने कहा, 'हमारे देश के लिए यूसीसी बेहद जरूरी है। अगर हम अपनी नीतियों में बदलाव चाहते हैं, तो यूसीसी अनिवार्य है। यह बालासाहेब ठाकरे का सपना भी था।' गौरतलब है कि यूसीसी को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष के बीच संसद में तीखी बहस की संभावना पहले से जताई जा रही है।
परिसीमन पर रोहित पवार को जवाब
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद पवार (एनसीपी-एसपी) के विधायक रोहित पवार की परिसीमन पर की गई टिप्पणियों को खारिज करते हुए कायंदे ने कहा, 'पहले से ही ऐसी आशंकाएँ जताना सही नहीं है।' उनका कहना था कि रोहित पवार किसी न किसी मुद्दे पर सरकार-विरोधी बयान देकर मीडिया में बने रहना चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एसआईआर (विशेष सारांश पुनरीक्षण) और जनगणना की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है, और जिसे भी आपत्ति हो, वह नियमानुसार दर्ज करा सकता है।
उद्धव ठाकरे की रैली पर सवाल
मुंबई के शिवाजी पार्क में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे की रैली में उमड़ी भीड़ पर कायंदे ने सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यह भीड़ वास्तविक शिवसैनिकों की थी या असंतुष्ट तत्वों को जुटाया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे अब सोनम वांगचुक जैसे बाहरी समर्थकों और 'कॉकरोच पार्टी' तक से मदद माँग रहे हैं क्योंकि उनकी अपनी राजनीतिक ताकत लगभग समाप्त हो चुकी है। आने वाले मॉनसून सत्र में यह राजनीतिक तनाव और गहरा होने की संभावना है।