क्या विपक्ष द्वारा निकाय चुनाव में धांधली का आरोप पूरी तरह तथ्यहीन है?
सारांश
Key Takeaways
- निकाय चुनाव में प्रक्रिया पारदर्शी थी।
- विपक्ष के आरोप बेतुके हैं।
- महायुति के नेता एकनाथ शिंदे का नेतृत्व महत्वपूर्ण है।
- उद्धव ठाकरे पर विश्वास नहीं किया जा सकता।
- क्रिकेट मामलों में सही जानकारी संस्थान देंगे।
मुंबई, 22 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। महाराष्ट्र निकाय चुनाव के परिणाम और विपक्ष द्वारा इसमें धांधली का आरोप लगाने पर शिवसेना नेता मनीषा कायंदे ने शिवसेना (यूबीटी) पर तीखा हमला किया।
मनीषा कायंदे ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "विपक्ष का निकाय चुनाव में धांधली का आरोप लगाना पूर्णतः बेतुका है। पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई है। प्रशासन विपक्ष के आरोपों का उत्तर देगा। मैं प्रशासन की ओर से जवाब देना उचित नहीं मानती। विपक्ष हर चीज में आपत्ति व्यक्त करता है। मतदान प्रक्रिया के दौरान उद्धव ठाकरे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, यह कितना उचित है?"
उन्होंने आगे कहा, "विपक्ष जो भी करता है, वह सब सही है। लेकिन हमारी प्रक्रियाएँ पारदर्शी नहीं हैं। विपक्ष द्वारा ऐसा आरोप लगाना पूरी तरह से गलत है। महायुति के नेता एकनाथ शिंदे सभी को एक साथ चलाने वाले नेता हैं। महापौर बनने का निर्णय महायुति के नेता का है।"
कायंदे ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा, "उद्धव ठाकरे पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता। उद्धव हमेशा किसी न किसी के साथ गठबंधन करते हैं, जबकि सरकार किसी और के साथ बनाते हैं। यदि उन्हें मनसे से कोई समस्या है, तो उन्हें उनके नेताओं से बात करनी चाहिए।"
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के युवा पार्षद के मुंब्रा 'हरा करने' वाले विवादित बयान पर कायंदे ने कहा, "वह एक बच्ची हैं और कुछ समझ नहीं पातीं। भारत में रहकर ऐसी बातें करना अनुचित है। यह छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमि है और यहां पर भगवा ही चलेगा। मुझे लगता है कि उन्होंने अपना बयान बदल दिया है। शायद उन्हें किसी ने गलत ट्यूशन दी थी।"
शिवसेना नेता ने बांग्लादेश क्रिकेट टीम को आगामी टी-20 वर्ल्ड कप में हाइब्रिड मॉडल की मंजूरी नहीं दिए जाने और भारत में टूर्नामेंट कराने के निर्देश पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। उन्होंने कहा, "क्रिकेट से संबंधित जो संस्थान हैं, वे इस पर चर्चा करेंगे।"