दीया मिर्जा के दीपावली वीडियो पर सियासी तकरार: शिवसेना के विरोध पर NCP का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा अभिनेत्री दीया मिर्जा का पर्यावरण-अनुकूल और पटाखा-मुक्त दीपावली पर बना जागरूकता वीडियो हटाए जाने के बाद मुंबई की राजनीति में नई गर्माहट आ गई है। एक ओर शिवसेना नेता आनंद दुबे ने वीडियो पर कड़ा एतराज़ जताया है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो अभिनेत्री के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं।
शिवसेना का रुख: 'कलाकार अपने काम तक सीमित रहें'
शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे ने कहा, 'सनातन इतना महान है कि उसे दीया मिर्जा या किसी से जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं है। दीपावली का पावन पर्व सभी हिंदुओं के लिए सबसे बड़ा त्योहार होता है। हमें दीपावली का पर्व कैसे मनाना है, यह किसी और से जानने की जरूरत नहीं है।' दुबे ने यह भी जोड़ा कि कलाकार टेलीविजन पर अपनी कला का प्रदर्शन करें, क्योंकि उन्हें किसी से 'सर्टिफिकेट' लेने की ज़रूरत नहीं।
दुबे का यह बयान उस वृहत्तर राजनीतिक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें सार्वजनिक हस्तियों द्वारा पर्यावरण संबंधी संदेशों को हिंदू परंपरा पर आघात के रूप में व्याख्यायित किया जाता है। गौरतलब है कि यह वीडियो BMC के हैंडल पर जारी किया गया था, न कि दीया मिर्जा के निजी सोशल मीडिया पर।
NCP का पलटवार: 'बीएमसी के अंदर ही गुटबाजी'
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाइड क्रैस्टो ने स्पष्ट किया कि दीया मिर्जा ने स्वयं वीडियो जारी नहीं किया — बल्कि BMC के एक अधिकारी ने उन्हें वीडियो बनाने के लिए संपर्क किया था। क्रैस्टो ने कहा, 'दीया मिर्जा को अप्रोच किया जा रहा था, लेकिन उस समय BMC की मेयर ऋतु रावडे को इस बात की जानकारी नहीं थी। इसका मतलब है कि BMC में भी अलग-अलग ग्रुप बन रहे हैं, जो मेयर को कुछ बताते नहीं हैं।'
क्रैस्टो ने यह भी कहा कि इसी तरह के वीडियो अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और क्रिकेटर अजिंक्य रहाणे ने भी बनाए थे। उनके अनुसार, दीया मिर्जा को केवल बताया गया था कि ये उच्च न्यायालय के आदेश हैं — और उन्होंने वही कहा जो BMC ने निर्देशित किया।
हाई कोर्ट के आदेश की पृष्ठभूमि
क्रैस्टो के अनुसार, वीडियो का संदेश पटाखों पर न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप था। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहरों में दीपावली के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक ऊँचाई पर पहुँच जाता है और न्यायालय समय-समय पर पटाखों पर प्रतिबंध या नियंत्रण के आदेश देते रहे हैं। BMC के अनुसार, वीडियो इसी जनजागरण अभियान का हिस्सा था।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति
क्रैस्टो ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि दीपावली खुशी का पर्व है और ऐसे मुद्दों पर विवाद बढ़ाना गलत है। उन्होंने कहा, 'दीया मिर्जा ने कोई गलती नहीं की — BJP बात का बतंगड़ बना रही है।' इस बयान पर अभी तक BJP की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
यह विवाद मुंबई महानगरपालिका चुनावों से पहले महाविकास अघाड़ी और महायुति गठबंधनों के बीच राजनीतिक तनाव का एक नया आयाम बनता दिख रहा है। BMC की ओर से वीडियो हटाने के निर्णय और उसके राजनीतिक निहितार्थों पर बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।