संजय राउत की पीएम मोदी पर टिप्पणी: BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और सहयोगियों पर लगाया नफरत की राजनीति का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 13 जून को शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की। भंडारी ने आरोप लगाया कि यह टिप्पणी कांग्रेस नेता राहुल गांधी के इशारे पर की गई और इसे 140 करोड़ भारतीयों का अपमान बताया।
एक्स पर वीडियो के ज़रिए हमला
भंडारी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दो वीडियो क्लिप साझा करते हुए लिखा, 'राहुल गांधी का एक और चहेता सहयोगी फिर से पीएम मोदी को अपशब्द कह रहा है, सिर्फ इसलिए क्योंकि वह उन्हें चुनावी तौर पर हरा नहीं सकता।' उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी का हर अपमान उन 140 करोड़ भारतीयों का अपमान है जो उनके नेतृत्व पर भरोसा करते हैं। भंडारी ने यह भी जोड़ा कि शिवसेना (यूबीटी) की नियति 'हमेशा की हार' रही है।
इंडिया गठबंधन पर निशाना
एक्स पर जारी वीडियो में भंडारी ने कहा, 'संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री को लेकर अपशब्द कहना यह स्पष्ट करता है कि इंडिया गठबंधन अपने परिवार को बचाने के लिए 140 करोड़ देशवासियों का अपमान कर रहा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कहने पर संजय राउत या कांग्रेस पार्टी, लोकतांत्रिक प्रक्रिया द्वारा चुने गए प्रधानमंत्री को गाली देते हैं। भंडारी के अनुसार, गांधी-वाड्रा परिवार और उनके सहयोगी दल लोकतंत्र एवं लोकतांत्रिक प्रक्रिया से नफरत करते हैं।
मीनाक्षी नटराजन प्रकरण और कांग्रेस की आंतरिक कलह
इससे पूर्व, कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने पर भंडारी ने कहा था कि कांग्रेस जितना प्रदर्शन करेगी, BJP को उतना ही राजनीतिक लाभ होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर राहुल कैंप और प्रियंका कैंप के बीच चल रही खींचतान के कारण संगठनात्मक निर्णय प्रभावित हो रहे हैं।
भंडारी ने दावा किया कि नटराजन के नामांकन से जुड़ी कुछ जानकारियाँ सार्वजनिक डोमेन में आई हैं और इनके पीछे कांग्रेस के ही कुछ लोगों की भूमिका है। उनके अनुसार, इसी आंतरिक संघर्ष के चलते नटराजन का नामांकन रद्द हुआ।
राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस, इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक दल हैं। यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच राजनीतिक बयानबाज़ी पहले से ही तीखी है। BJP का यह पलटवार आगामी चुनावी माहौल में विपक्ष की एकजुटता पर सवाल उठाने की रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है।