संजय राउत की PM मोदी पर अमर्यादित टिप्पणी पर सांसद ज्योति वाघमारे का पलटवार, बोलीं- बौखलाहट में बोल रहे राउत
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरुद्ध की गई अशोभनीय टिप्पणी पर सांसद ज्योति वाघमारे ने 13 जून 2026 को मुंबई में कड़ी प्रतिक्रिया दी। वाघमारे ने कहा कि जो बातें बौखलाहट में कही जाती हैं, उन्हें अनावश्यक तूल नहीं देना चाहिए।
विपक्ष की बौखलाहट का आरोप
वाघमारे ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी की बढ़ती लोकप्रियता से विपक्ष बेचैन हो गया है और इसी बेचैनी में इस तरह की अमर्यादित बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि संजय राउत ने हार मान ली है। उन्हें एहसास हो गया है कि वे एकनाथ शिंदे का सामना नहीं कर सकते।'
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2022 तक संजय राउत स्वयं प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते थे। वाघमारे के अनुसार, बदलाव प्रधानमंत्री में नहीं, बल्कि राउत की नीति और नीयत में आया है।
चाणक्य नीति का संदर्भ
वाघमारे ने चाणक्य की प्रसिद्ध उक्ति का हवाला देते हुए कहा कि जब समूचा विपक्ष एकजुट होकर किसी एक नेता के विरुद्ध खड़ा होता है, तो यह उस शासक की ईमानदारी का प्रमाण है। उन्होंने कहा, 'अगर ये सभी दल एक साथ आ रहे हैं तो इससे स्पष्ट होता है कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस ईमानदारी से जनसेवा में लगे हैं।'
'ऑपरेशन टाइगर' और महाराष्ट्र की राजनीति
उद्धव ठाकरे की पार्टी के सांसदों के शिंदे खेमे में जाने की कथित अटकलों पर वाघमारे ने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' का वास्तविक अर्थ किसी एक दल से दूसरे दल में लोगों को खींचना नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने विधानसभा और लोकसभा चुनावों में यह सिद्ध कर दिया है कि असली 'टाइगर' एकनाथ शिंदे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि शिंदे ने सांसदों और विधायकों के साथ-साथ किसानों और मजदूरों सहित महाराष्ट्र के आम नागरिकों के लिए भी अपने दरवाजे खुले रखे हैं।
स्टैंड-अप कॉमेडी विवाद पर कड़ा रुख
स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे के शो से जुड़े विवाद पर वाघमारे ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी महिला की गरिमा को सस्ते मजाक का विषय बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा, 'भारतीय संस्कृति में महिला को माँ और देवी का दर्जा प्राप्त है। किसी महिला की तुलना ₹370 की बिरयानी से करना और फिर माफी माँग लेना — ऐसी माफी स्वीकार्य नहीं है।'
एक सांसद के रूप में उन्होंने घोषणा की कि वे आगामी संसद सत्र में महिलाओं को निशाना बनाने वाली और बॉडी शेमिंग पर आधारित अश्लील कॉमेडी के विरुद्ध यह मुद्दा उठाएंगी।
आरजी कर मामले पर प्रतिक्रिया
आरजी कर मेडिकल कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल संदीप घोष के घर पर बुलडोजर कार्रवाई के फैसले पर वाघमारे ने कहा कि जिन लोगों ने एक बेटी की चीखें नहीं सुनीं और एक माँ का रुदन नजरअंदाज किया, उनकी संपत्तियों पर कार्रवाई एक कड़ा और जरूरी संदेश देती है। उन्होंने कहा कि इस लड़ाई में प्रधानमंत्री मोदी ने पीड़िता की माँ को न्याय दिलाने में ताकत बनकर साथ दिया।
महाराष्ट्र में गुटखा तस्करों पर मकोका के तहत कार्रवाई के आदेश के संदर्भ में उन्होंने कहा कि अधिकारी तुकाराम मुंढे के जनहित में लिए गए निर्णयों का समर्थन किया जाना चाहिए। आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति और महायुति गठबंधन की रणनीति पर इन बयानों का असर देखने को मिल सकता है।