राज ठाकरे अधूरी जानकारी पर आरोप लगाते हैं, चिट्ठी वाला मामला बेबुनियाद: शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 2 अगस्त 2026 को मुंबई में मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) गुट पर एक साथ तीखा प्रहार किया। वाघमारे ने राज ठाकरे द्वारा चिट्ठी के आधार पर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद करार दिया और उद्धव ठाकरे की हालिया बैठक पर भी कटाक्ष किया।
चिट्ठी वाला आरोप: वाघमारे का खंडन
वाघमारे ने कहा, 'ऐसा लगता है कि इस समय राज ठाकरे के पास कोई काम नहीं है। इसलिए ऐसे आरोप लगाने से पहले उन्हें अच्छी तरह सोच-समझ लेना चाहिए था।' उन्होंने स्पष्ट किया कि राज ठाकरे ने जो चिट्ठी पढ़कर सुनाई, वह उन्हें किसी और ने दी थी और शिवसेना को यह भी पता नहीं कि वह पत्र उन तक वास्तव में पहुँचा भी है या नहीं। वाघमारे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्टी सदा सरवणकर पहले ही इस विषय में स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने जोड़ा, 'राज ठाकरे अक्सर अधूरी जानकारी के आधार पर ऐसे बयान देते रहते हैं।'
चोरी के मामले में सरकार की कार्रवाई
विपक्ष पर निशाना साधते हुए वाघमारे ने कहा कि विपक्ष के पास फिलहाल कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने बताया कि हालिया चोरी के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, एसआईटी का गठन किया गया है और जाँच जारी है। वाघमारे ने कहा कि जो भी इस मामले में दोषी पाया जाएगा, उसे कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी और सरकार यह बात पहले ही स्पष्ट कर चुकी है।
उद्धव ठाकरे की बैठक पर तंज
शिवसेना प्रवक्ता ने उद्धव ठाकरे की हालिया बैठक पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अब उनकी बैठकों में शामिल होने के लिए कार्यकर्ता नहीं बचे हैं, इसीलिए वे अब 'जेन-जी' को पार्टी से जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। वाघमारे ने कहा कि 'जेन-जी' आंदोलन अपने स्वयं के उद्देश्यों के लिए था और उद्धव ठाकरे यह भूल रहे हैं कि युवा अपनी शर्तों पर एकजुट हुए थे, किसी राजनीतिक दल के लिए नहीं।
वीर सावरकर विवाद पर वाघमारे का रुख
वीर सावरकर से जुड़े विवाद पर वाघमारे ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी ही वे हैं जो सम्मानित वीर सावरकर के बारे में गलत बयान देते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस विषय पर दिए बयान का समर्थन करते हुए कहा कि किसी की माँ या किसी बुजुर्ग के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना भारतीय संस्कृति के विरुद्ध है। यह टकराव ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक ध्रुवीकरण तेज़ है और शिवसेना के दोनों गुट एक-दूसरे पर वैधता की लड़ाई लड़ रहे हैं।