26 जून 2026
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शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस की गोद में समा चुकी है, अस्तित्व संकट गहरा: राजू वाघमारे

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शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस की गोद में समा चुकी है, अस्तित्व संकट गहरा: राजू वाघमारे

सारांश

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे का बड़ा दावा — उद्धव ठाकरे की पार्टी व्यावहारिक रूप से कांग्रेस में समा चुकी है, केवल औपचारिकता बाकी है। महज़ दो-तीन राज्यसभा सांसदों के साथ शिवसेना (यूबीटी) अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है, जबकि एकनाथ शिंदे बालासाहेब की विरासत के असली वाहक बनकर उभर रहे हैं।

मुख्य बातें

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 26 जून 2026 को कहा कि शिवसेना (यूबीटी) व्यावहारिक रूप से कांग्रेस में समा चुकी है।
वाघमारे के अनुसार यूबीटी के पास अब केवल दो या तीन राज्यसभा सांसद बचे हैं और उनका कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है।
संजय दीना पाटिल के पत्रकार-विरोधी बयान पर शिवसेना और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे दोनों ने खेद जताया है।
राम मंदिर चंदा विवाद में उत्तर प्रदेश सरकार ने अधिकारियों के इस्तीफे लिए और एसआईटी गठित करने की प्रक्रिया शुरू की।
वाघमारे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ाने का काम आज केवल एकनाथ शिंदे कर रहे हैं।
यूबीटी के इच्छुक नेताओं के लिए शिवसेना के दरवाज़े खुले हैं, लेकिन अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की मंजूरी पर निर्भर होगा।

शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 26 जून 2026 को मुंबई में एक विशेष बातचीत में कई अहम मुद्दों पर पार्टी का पक्ष रखा और दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) व्यावहारिक रूप से कांग्रेस में समा चुकी है — केवल औपचारिक विलय की घोषणा बाकी है। उन्होंने उद्धव ठाकरे की पार्टी को अस्तित्व के गहरे संकट में बताया और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व को बालासाहेब ठाकरे की विरासत का असली वाहक करार दिया।

शिवसेना (यूबीटी) का अस्तित्व संकट

वाघमारे ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) की स्थिति लगातार कमज़ोर होती जा रही है। उनके अनुसार, पार्टी के पास अब केवल दो या तीन राज्यसभा सांसद बचे हैं और उनका कार्यकाल भी समाप्ति की ओर है। उन्होंने यह भी कहा कि आदित्य ठाकरे पार्टी को वह दिशा नहीं दे सके जिसकी अपेक्षा थी।

वाघमारे के अनुसार, शिवसेना (यूबीटी) के कई नेता इसलिए एकनाथ शिंदे के साथ आए क्योंकि उन्हें लग रहा था कि उद्धव ठाकरे कांग्रेस में विलय की दिशा में बढ़ रहे हैं और पार्टी के पास संसाधनों व विकास की संभावनाओं का अभाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि यूबीटी के अन्य नेता शिवसेना में शामिल होना चाहें तो पार्टी के दरवाज़े खुले हैं, हालाँकि अंतिम निर्णय नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा।

संजय दीना पाटिल विवाद पर पार्टी का रुख

पत्रकारों के लिए कथित तौर पर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर संजय दीना पाटिल पर उठे विवाद पर वाघमारे ने स्पष्ट कहा कि जो कुछ भी कहा गया, वह गलत था। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी उस बयान को अनुचित बता चुके हैं। पाटिल ने स्वयं खेद व्यक्त करते हुए कहा था कि परिवार पर पड़ रहे दबाव और मानसिक तनाव के कारण यह गलती हुई। वाघमारे ने कहा कि जब संबंधित व्यक्ति और पार्टी दोनों माफी माँग चुके हैं, तो इस मुद्दे को अधिक तूल देना उचित नहीं होगा।

राम मंदिर चंदा विवाद और सरकार की कार्रवाई

राम मंदिर से जुड़े चंदा विवाद पर वाघमारे ने कहा कि भगवान राम सभी के लिए पूजनीय हैं और रामलला मंदिर से जुड़ी किसी भी अनियमितता को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले को पूरी गंभीरता से देख रही है — संबंधित अधिकारियों के इस्तीफे हो चुके हैं और जाँच के लिए विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

'ऑपरेशन टाइगर' और पासपोर्ट-आधार विमर्श

तथाकथित 'ऑपरेशन टाइगर' पर वाघमारे ने कहा कि यह नाम शिवसेना ने नहीं दिया — मीडिया ने इसे लोकप्रिय बनाया। एकनाथ शिंदे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी ने कोई ऐसा औपचारिक अभियान नहीं चलाया।

विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा पासपोर्ट को केवल यात्रा दस्तावेज बताए जाने के सवाल पर वाघमारे ने कहा कि नागरिकता का संबंध हमेशा देश से होता है, न कि किसी राजनीतिक दल से। पासपोर्ट और आधार कार्ड को जोड़ने की दिशा में यदि सरकार कोई निर्णय लेती है, तो उन्होंने इसे एक सकारात्मक कदम बताया।

उद्धव के महाराष्ट्र दौरे पर तंज़ और आगे की राह

उद्धव ठाकरे के हालिया महाराष्ट्र दौरे पर वाघमारे ने कहा कि कम से कम अब उन्हें यह एहसास हुआ कि पार्टी बचाने के लिए जनता के बीच जाना ज़रूरी है — हालाँकि यह पहल काफी देर से की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे घर पर रहे और केवल सोशल मीडिया व ऑनलाइन माध्यमों से अपनी बात रखते रहे। इसके विपरीत, शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे लगातार महाराष्ट्र का दौरा कर रहे हैं और ज़मीनी स्तर पर संगठन को मज़बूत कर रहे हैं। वाघमारे ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आज केवल एकनाथ शिंदे आगे बढ़ा रहे हैं और जनता का भरोसा भी उन्हीं पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहीं यूबीटी समर्थक इसे रणनीतिक पुनर्गठन कह सकते हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजू वाघमारे ने शिवसेना (यूबीटी) के बारे में क्या बड़ा दावा किया?
शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने 26 जून 2026 को कहा कि शिवसेना (यूबीटी) व्यावहारिक रूप से कांग्रेस में समा चुकी है और केवल औपचारिक विलय की घोषणा बाकी है। उनके अनुसार पार्टी के पास अब केवल दो या तीन राज्यसभा सांसद बचे हैं जिनका कार्यकाल भी समाप्त होने वाला है।
संजय दीना पाटिल विवाद पर शिवसेना का क्या रुख है?
शिवसेना ने स्पष्ट किया है कि संजय दीना पाटिल द्वारा पत्रकारों के लिए कथित तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा गलत थी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी बयान को अनुचित बताया है और पाटिल ने व्यक्तिगत रूप से खेद व्यक्त किया है।
राम मंदिर चंदा विवाद में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
वाघमारे के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में संबंधित अधिकारियों के इस्तीफे लिए हैं और जाँच के लिए विशेष जाँच दल (एसआईटी) गठित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
'ऑपरेशन टाइगर' क्या है और शिवसेना का इस पर क्या कहना है?
वाघमारे ने कहा कि 'ऑपरेशन टाइगर' नाम शिवसेना ने नहीं दिया, बल्कि मीडिया ने इसे प्रचलित किया। एकनाथ शिंदे पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि पार्टी ने कोई ऐसा औपचारिक अभियान नहीं चलाया।
क्या यूबीटी के नेता शिवसेना में शामिल हो सकते हैं?
वाघमारे ने कहा कि भविष्य में यदि शिवसेना (यूबीटी) के नेता शिवसेना में आना चाहें तो पार्टी के दरवाज़े उनके लिए खुले हैं। हालाँकि, अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व की मंजूरी के बाद ही होगा।
राष्ट्र प्रेस
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