1 नवंबर 2026
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भाजपा नेता प्रदीप भंडारी का दावा: राहुल गांधी ने दो दिन प्रियंका वाड्रा को नहीं बोलने दिया

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भाजपा नेता प्रदीप भंडारी का दावा: राहुल गांधी ने दो दिन प्रियंका वाड्रा को नहीं बोलने दिया

सारांश

भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर दो अलग-अलग पोस्ट कर दावा किया कि राहुल गांधी ने 'मॉक पार्लियामेंट' और रामलीला मैदान की रैली — दोनों में प्रियंका वाड्रा को बोलने का मौका नहीं दिया। कांग्रेस ने इन आरोपों पर चुप्पी साधी है, जबकि राहुल गांधी ने रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त पर 13.5 करोड़ वोट चोरी का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने 1 नवंबर 2026 को एक्स पर दावा किया कि राहुल गांधी ने दो आयोजनों में प्रियंका वाड्रा को बोलने का अवसर नहीं दिया।
भंडारी ने 'मॉक पार्लियामेंट' में प्रियंका वाड्रा के दूसरी पंक्ति में चुपचाप बैठे रहने और उनके चेहरे पर कथित नाराजगी का हवाला दिया।
रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की 'दिल्ली चलो' रैली में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 13.5 करोड़ नाम हटाकर वोट चोरी का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने PM मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को भी लोकतंत्र पर कथित हमले के लिए जवाबदेह ठहराने की चेतावनी दी।
इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक खंडन अभी तक सामने नहीं आया है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रदीप भंडारी ने 1 नवंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कथित तौर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लगातार दो आयोजनों में अपनी बहन और सांसद प्रियंका वाड्रा को सार्वजनिक मंच से बोलने का अवसर नहीं दिया। भंडारी ने इसे राहुल गांधी की कथित असुरक्षा और कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान का संकेत बताया।

भंडारी के आरोप: क्या कहा उन्होंने

भंडारी ने अपनी एक्स पोस्ट में दावा किया कि जहाँ नेहा बोरा को लगातार दो दिनों तक बोलने का मौका मिला, वहीं राहुल गांधी ने प्रियंका वाड्रा को वही अवसर नहीं दिया। उन्होंने इसे 'खुलकर सामने आई असुरक्षा' करार दिया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच टकराव साफ दिखाई दे रहा है।

एक अन्य पोस्ट में भंडारी ने कांग्रेस की 'मॉक पार्लियामेंट' का हवाला देते हुए दावा किया कि उस आयोजन में प्रियंका वाड्रा दूसरी पंक्ति में चुपचाप बैठी दिखीं और उनके चेहरे पर कथित तौर पर नाराजगी नजर आ रही थी। भंडारी का तर्क था कि लगातार दो अवसरों पर ऐसी स्थिति महज संयोग नहीं हो सकती।

रामलीला मैदान रैली का संदर्भ

यह विवाद उस पृष्ठभूमि में उभरा है जब रविवार को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक ने 'दिल्ली चलो' रैली आयोजित की थी। इस रैली की माँग थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए। रैली को राहुल गांधी ने संबोधित किया था, जिसमें प्रियंका वाड्रा ने मंच पर स्थान लेने के बावजूद कथित तौर पर कोई भाषण नहीं दिया।

गौरतलब है कि यह पहली बड़ी संयुक्त विपक्षी रैली थी, जिसमें इंडिया ब्लॉक के घटक दल एकत्रित हुए थे। ऐसे आयोजन में प्रियंका वाड्रा का मंच पर मौन बने रहना भंडारी के लिए आरोप का आधार बना।

राहुल गांधी ने रैली में क्या कहा

रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार का यह कृत्य 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का मामला है। उन्होंने दावा किया कि ईवीएम और मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाकर वोटों की चोरी की गई।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को संविधान और लोकतंत्र पर कथित हमलों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने एलान किया कि जब तक जिम्मेदार लोगों को परिणाम नहीं भुगतने पड़ेंगे, तब तक विपक्षी संघर्ष जारी रहेगा।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया और व्यापक संदर्भ

इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ और इंडिया ब्लॉक की एकजुटता दोनों सुर्खियों में हैं। आलोचकों का कहना है कि भंडारी के दावे राजनीति से प्रेरित हैं और इनका उद्देश्य विपक्ष में फूट की छवि बनाना है।

आगे देखना होगा कि कांग्रेस और प्रियंका वाड्रा इन दावों पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं, और रामलीला मैदान की रैली के बाद इंडिया ब्लॉक की रणनीति किस दिशा में जाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मूल सवाल यह है कि क्या बड़े मंच पर किसी नेता का मौन वास्तव में 'खींचतान' का प्रमाण है, या यह रणनीतिक व्याख्या है। कांग्रेस की चुप्पी आरोपों को खंडन का मौका नहीं दे रही, जो स्वयं एक राजनीतिक संदेश भेज रही है। यह पहली बार नहीं है जब भाजपा ने गांधी परिवार के भीतर दरार की कथा गढ़ने की कोशिश की हो — लेकिन इसकी काट कांग्रेस को खुद ही देनी होगी।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर दावा किया कि राहुल गांधी ने 'मॉक पार्लियामेंट' और रामलीला मैदान की इंडिया ब्लॉक रैली — दोनों आयोजनों में प्रियंका वाड्रा को बोलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने इसे राहुल गांधी की कथित असुरक्षा और कांग्रेस के भीतर नेतृत्व की खींचतान से जोड़ा।
रामलीला मैदान की 'दिल्ली चलो' रैली किस मुद्दे पर आयोजित हुई थी?
रविवार को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग को लेकर 'दिल्ली चलो' रैली आयोजित की। इस रैली को राहुल गांधी ने संबोधित किया और उन्होंने ईवीएम व मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाकर वोट चोरी का आरोप लगाया।
कांग्रेस ने इन आरोपों पर क्या कहा?
भंडारी के इन दावों पर कांग्रेस की ओर से 1 नवंबर 2026 तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन सामने नहीं आया है। आलोचकों का कहना है कि ये आरोप राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और विपक्ष में फूट की छवि बनाने के लिए लगाए जा रहे हैं।
राहुल गांधी ने रैली में मोदी और अमित शाह पर क्या कहा?
राहुल गांधी ने रामलीला मैदान की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को संविधान और लोकतंत्र पर कथित हमले के लिए जवाबदेह ठहराने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों को परिणाम नहीं भुगतने पड़ेंगे, तब तक विपक्ष अपना संघर्ष जारी रखेगा।
क्या प्रियंका वाड्रा और राहुल गांधी के बीच वाकई मतभेद हैं?
फिलहाल यह केवल भाजपा नेता प्रदीप भंडारी का दावा है, जिसकी कांग्रेस ने न पुष्टि की है और न खंडन। भंडारी ने दो आयोजनों में प्रियंका वाड्रा की कथित चुप्पी और 'नाराज चेहरे' को आधार बनाया है, लेकिन इसे कांग्रेस की ओर से स्वीकार नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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