भाजपा नेता प्रदीप भंडारी का दावा: राहुल गांधी ने दो दिन प्रियंका वाड्रा को नहीं बोलने दिया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रदीप भंडारी ने 1 नवंबर 2026 को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कथित तौर पर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लगातार दो आयोजनों में अपनी बहन और सांसद प्रियंका वाड्रा को सार्वजनिक मंच से बोलने का अवसर नहीं दिया। भंडारी ने इसे राहुल गांधी की कथित असुरक्षा और कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान का संकेत बताया।
भंडारी के आरोप: क्या कहा उन्होंने
भंडारी ने अपनी एक्स पोस्ट में दावा किया कि जहाँ नेहा बोरा को लगातार दो दिनों तक बोलने का मौका मिला, वहीं राहुल गांधी ने प्रियंका वाड्रा को वही अवसर नहीं दिया। उन्होंने इसे 'खुलकर सामने आई असुरक्षा' करार दिया और कहा कि दोनों नेताओं के बीच टकराव साफ दिखाई दे रहा है।
एक अन्य पोस्ट में भंडारी ने कांग्रेस की 'मॉक पार्लियामेंट' का हवाला देते हुए दावा किया कि उस आयोजन में प्रियंका वाड्रा दूसरी पंक्ति में चुपचाप बैठी दिखीं और उनके चेहरे पर कथित तौर पर नाराजगी नजर आ रही थी। भंडारी का तर्क था कि लगातार दो अवसरों पर ऐसी स्थिति महज संयोग नहीं हो सकती।
रामलीला मैदान रैली का संदर्भ
यह विवाद उस पृष्ठभूमि में उभरा है जब रविवार को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक ने 'दिल्ली चलो' रैली आयोजित की थी। इस रैली की माँग थी कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाया जाए। रैली को राहुल गांधी ने संबोधित किया था, जिसमें प्रियंका वाड्रा ने मंच पर स्थान लेने के बावजूद कथित तौर पर कोई भाषण नहीं दिया।
गौरतलब है कि यह पहली बड़ी संयुक्त विपक्षी रैली थी, जिसमें इंडिया ब्लॉक के घटक दल एकत्रित हुए थे। ऐसे आयोजन में प्रियंका वाड्रा का मंच पर मौन बने रहना भंडारी के लिए आरोप का आधार बना।
राहुल गांधी ने रैली में क्या कहा
रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर वोट चोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार का यह कृत्य 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' श्रेणी का मामला है। उन्होंने दावा किया कि ईवीएम और मतदाता सूची से 13.5 करोड़ नाम हटाकर वोटों की चोरी की गई।
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को संविधान और लोकतंत्र पर कथित हमलों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने एलान किया कि जब तक जिम्मेदार लोगों को परिणाम नहीं भुगतने पड़ेंगे, तब तक विपक्षी संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और व्यापक संदर्भ
इन आरोपों पर कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ और इंडिया ब्लॉक की एकजुटता दोनों सुर्खियों में हैं। आलोचकों का कहना है कि भंडारी के दावे राजनीति से प्रेरित हैं और इनका उद्देश्य विपक्ष में फूट की छवि बनाना है।
आगे देखना होगा कि कांग्रेस और प्रियंका वाड्रा इन दावों पर कोई स्पष्टीकरण देते हैं या नहीं, और रामलीला मैदान की रैली के बाद इंडिया ब्लॉक की रणनीति किस दिशा में जाती है।