कांग्रेस 'दिमागी नक्सल पार्टी' बन गई: BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का वंदे मातरम् विवाद पर हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस समारोह में वंदे मातरम् गायन के दौरान सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कथित प्रतिक्रिया को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अब 'इंडियन नेशनल कांग्रेस' नहीं, बल्कि 'दिमागी नक्सल कांग्रेस' बन चुकी है।
वंदे मातरम् विवाद: BJP के आरोप
प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् गायन के दौरान सोनिया गांधी ने राहुल गांधी की ओर देखा और दोनों ने कथित तौर पर गायन रोकने का प्रयास किया। भंडारी के अनुसार, इस घटना से कांग्रेस के भीतर 'अर्बन नक्सली मानसिकता' स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कथित वोट बैंक की राजनीति के लिए किसी भी हद तक जा सकती है और उसे देश से माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी की गैरहाजिरी पर सवाल
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी राहुल गांधी के लाल किले पर आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में अनुपस्थित रहने पर सवाल उठाए। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी लगातार राष्ट्रीय कार्यक्रमों — चाहे 15 अगस्त हो या 26 जनवरी — से अनुपस्थित रहते हैं और हर बार किसी न किसी कारण का हवाला दिया जाता है। उनके अनुसार, ऐसे राष्ट्रीय पर्वों में सीट की उपलब्धता जैसे मुद्दों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय भागीदारी को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी की अनुपस्थिति को वंदे मातरम् के प्रति कांग्रेस की कथित नाराजगी से जोड़ते हुए इसे एक सुविचारित रवैये का हिस्सा बताया।
PM मोदी के भाषण पर BJP का मूल्यांकन
आरपी सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को 'कंपोजिट भाषण' करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के संबोधन में महिला सशक्तिकरण, युवाओं के लिए ऑनलाइन शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और देश को आत्मनिर्भर बनाने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया गया। महिला आरक्षण और महिला पायलटों की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए सिंह ने इसे एक व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण का संकेत बताया।
पंजाब में शिक्षा व्यवस्था पर AAP को घेरा
अरविंद केजरीवाल के 'जेन-अल्फा' वाले बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर निशाना साधा। सिंह के बयान के अनुसार, पंजाब में 55 हजार शिक्षकों के स्वीकृत पदों में से करीब 18 हजार पद अभी तक नहीं भरे गए हैं और राज्य के करीब 70 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पहले पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए, उसके बाद देश की शिक्षा पर बात हो।
झारखंड में तिरंगा यात्रा विवाद
झारखंड में छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को तिरंगा यात्रा में जाने से कथित तौर पर रोके जाने के मामले पर आरपी सिंह ने कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कोई छात्र नेता तिरंगा फहराने जा रहा था, तो उसे रोकने की आवश्यकता क्यों पड़ी — यह सवाल अपने आप में बहुत कुछ कह देता है। यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब स्वतंत्रता दिवस को लेकर देशभर में राष्ट्रीय भावना अपने चरम पर थी।