18 अगस्त 2026
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युवाओं को 'दिमागी नक्सल' कहना दुर्भाग्यपूर्ण: नाना पटोले का मोदी के लाल किला भाषण पर पलटवार

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युवाओं को 'दिमागी नक्सल' कहना दुर्भाग्यपूर्ण: नाना पटोले का मोदी के लाल किला भाषण पर पलटवार

सारांश

प्रधानमंत्री मोदी के लाल किला भाषण में युवाओं को 'दिमागी नक्सल' कहने पर कांग्रेस नेता नाना पटोले ने पलटवार किया है। उन्होंने BJP पर 12 वर्षों में युवाओं का भविष्य बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देशभक्ति का सर्टिफिकेट BJP से लेने की कोई ज़रूरत नहीं।

मुख्य बातें

नाना पटोले ने 18 अगस्त 2026 को नागपुर में PM मोदी के लाल किला भाषण में युवाओं को 'दिमागी नक्सल' कहने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
पटोले ने कहा कि BJP को कांग्रेस को देशभक्ति सिखाने की कोई ज़रूरत नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि 12 वर्षों में सरकार ने युवाओं का भविष्य अंधकारमय किया, जिससे जेन-जी जागृत हुई।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राहुल गांधी के पक्ष में निर्णय दिया, जिसे पटोले ने सत्य की जीत बताया।
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्जनों एफआईआर दर्ज की गई हैं, फिर भी वे और मजबूत होकर उभरते हैं।

कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने 18 अगस्त 2026 को नागपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं को 'दिमागी नक्सल' कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पटोले ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस और उसके नेताओं को देशभक्ति का पाठ पढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

पटोले ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री लाल किले से बोलते हैं, तो उनका संदेश पूरी दुनिया तक पहुँचता है। ऐसे में राष्ट्र के युवाओं को 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों से संबोधित करना न केवल अपमानजनक है, बल्कि यह उस मंच की गरिमा के भी विपरीत है। उन्होंने 'वंदे मातरम' विवाद पर कहा कि यह गीत दो पदों में गाया जाता है और BJP का खुद को देशभक्त बताने का यह तरीका प्रधानमंत्री के भाषण की असल सामग्री से ध्यान भटकाने की कोशिश है।

युवाओं और जेन-जी पर BJP की भाषा

पटोले ने आरोप लगाया कि BJP ने पहले युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और अब उन्हें अपमानजनक उपाधियाँ दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि 12 वर्षों में सरकार ने देश के युवाओं का भविष्य अंधकारमय किया, जिसके परिणामस्वरूप पूरे देश में युवा जागृत हुए और सत्तारूढ़ दल को चुनौती देने लगे। पटोले के अनुसार, युवा पीढ़ी को 'गटर' तक कहा गया है, और इस तरह के बयान सरकार के खिलाफ बढ़ते जन-असंतोष को और गहरा करेंगे।

राहुल गांधी को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत

पटोले ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पक्ष में दिए गए निर्णय का भी उल्लेख किया और इसे सत्य की जीत बताया। इससे पूर्व कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा था कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्जनों एफआईआर दर्ज की गई हैं और BJP ने हमेशा उन्हें निशाना बनाया है। उदित राज के अनुसार, "BJP उनसे डरती है, लेकिन अब इन सब का कोई फायदा नहीं हो रहा। वे राहुल गांधी को बदनाम करने और उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने की जितनी ज्यादा कोशिश करते हैं, राहुल गांधी उतने ही मजबूत होकर उभरते हैं।"

सरकार पर मुद्दे से भटकाने का आरोप

पटोले ने यह भी कहा कि कांग्रेस पर आरोप लगाकर सरकार मूल मुद्दों — बेरोज़गारी, युवाओं के भविष्य और जन-असंतोष — से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने चेताया कि छात्रों के जख्मों पर नमक छिड़कने का यह सिलसिला जारी रहा, तो सरकार को इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

आगे क्या

यह विवाद ऐसे समय में उभरा है जब स्वतंत्रता दिवस 2026 के भाषण को लेकर विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक जारी है। गौरतलब है कि 'दिमागी नक्सल' वाली टिप्पणी पर विपक्ष की एकजुट प्रतिक्रिया आने वाले दिनों में संसदीय बहस का केंद्र बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और पटोले इसे भुनाने में देर नहीं लगाते। हालाँकि, कांग्रेस को यह भी स्पष्ट करना होगा कि युवाओं के असंतोष को राजनीतिक पूँजी में बदलने के अलावा उसके पास ठोस नीतिगत विकल्प क्या हैं। राहुल गांधी को मिली कोर्ट राहत को इस बयानबाजी के साथ जोड़कर कांग्रेस एक कथा-सूत्र बुन रही है, लेकिन असली परीक्षा चुनावी मैदान में होगी।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नाना पटोले ने 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर क्या कहा?
नाना पटोले ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि लाल किले जैसे राष्ट्रीय मंच से देश के युवाओं को 'दिमागी नक्सल' कहना अपमानजनक है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री का यह बयान पूरी दुनिया में गलत संदेश देता है।
'वंदे मातरम' विवाद पर कांग्रेस का क्या रुख है?
नाना पटोले ने कहा कि 'वंदे मातरम' दो पदों में गाया जाता है और BJP का खुद को देशभक्त बताने का यह तरीका प्रधानमंत्री के भाषण की असल सामग्री से ध्यान भटकाने की कोशिश है। उन्होंने BJP को कांग्रेस को देशभक्ति सिखाने के अधिकार से इनकार किया।
राहुल गांधी को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से क्या राहत मिली?
नाना पटोले के अनुसार, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने राहुल गांधी के पक्ष में निर्णय दिया है। कांग्रेस नेता उदित राज ने इससे पहले कहा था कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्जनों एफआईआर दर्ज की गई हैं, लेकिन इससे वे और मजबूत होकर उभरते हैं।
नाना पटोले ने जेन-जी और युवाओं के बारे में क्या कहा?
पटोले ने कहा कि 12 वर्षों में सरकार ने युवाओं का भविष्य अंधकारमय किया, जिसके कारण पूरे देश के युवा जागृत हुए और सत्तारूढ़ दल को चुनौती देने लगे। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को 'गटर' तक कहा गया और इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
यह विवाद किस व्यापक राजनीतिक संदर्भ में है?
यह विवाद स्वतंत्रता दिवस 2026 के भाषण के बाद विपक्ष और सत्तारूढ़ BJP के बीच बढ़ती तीखी नोकझोंक का हिस्सा है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार बेरोज़गारी और युवाओं के असंतोष जैसे मूल मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए उन पर आरोप लगा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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