रेणुका चौधरी का बड़ा बयान: 'दिमागी नक्सल' से वंदे मातरम विवाद तक, कांग्रेस नेता ने BJP पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य रेणुका चौधरी ने 19 अगस्त 2026 को एक विशेष बातचीत में वंदे मातरम विवाद, 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी, कंगना रनौत के बयानों और 2029 के आम चुनावों सहित कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय बेबाकी से रखी। उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया।
मुख्य घटनाक्रम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से 'दिमागी नक्सल' शब्द का इस्तेमाल किया था। इस पर चौधरी ने कहा, "स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंच से देशवासियों के बारे में ऐसी बातें करना अफसोस की बात है।" उन्होंने यह भी याद दिलाया कि एक दौर था जब माएं बच्चों को प्रधानमंत्री का भाषण सुनने के लिए चुप कराती थीं — और कहा कि आज स्थिति इसके विपरीत हो गई है।
वंदे मातरम विवाद पर रुख
सोनिया गांधी पर वंदे मातरम के संदर्भ में लगाए गए आरोपों को चौधरी ने सिरे से खारिज किया। उनके अनुसार, "असली मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए ये सब किया जा रहहा है।" उन्होंने NEET पेपर लीक जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए कहा कि इन समस्याओं से जनता का ध्यान बँटाने के लिए वंदे मातरम को हथियार बनाया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी की उस टिप्पणी पर — जिसमें उन्होंने सोनिया गांधी की इटालियन पृष्ठभूमि का जिक्र किया था — चौधरी ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि ऐसी सोच ही देश में बहुओं के साथ होने वाले अन्याय की जड़ है।
कंगना रनौत और RSS पर टिप्पणी
BJP सांसद कंगना रनौत के उस बयान पर — जिसमें उन्होंने कांग्रेस की तुलना पाकिस्तान से की थी — चौधरी ने कहा कि कंगना को देश का इतिहास ठीक से नहीं बताया गया। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय में कभी तिरंगा नहीं फहराया गया और संगठन ने कभी वंदे मातरम का उल्लेख तक नहीं किया। उनका आरोप था कि अब जानबूझकर देश में विभाजन फैलाने के लिए इस गीत को अपनाया जा रहा है।
राम मंदिर और राजनीतिक प्रतिक्रिया
राम मंदिर चढ़ावा मामले में एसआईटी द्वारा चंपत राय को क्लीन चिट दिए जाने पर चौधरी ने कहा कि यह परिणाम पहले से अपेक्षित था। उन्होंने कहा, "छोटे-मोटों को कुर्बान कर देंगे, चंपत राय को बचा लेंगे।" संसद में निशिकांत दुबे द्वारा गांधी-नेहरू परिवार पर लगातार हमलों को उन्होंने कैबिनेट में जगह पाने की होड़ से जोड़ा।
2029 चुनाव और विपक्ष की स्थिति
राहुल गांधी के 2029 में प्रधानमंत्री बनने की संभावना पर चौधरी ने कहा, "राहुल गांधी जो भी करते हैं, देश के लिए करते हैं। प्रधानमंत्री बनने का फैसला देश करेगी।" ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे की पार्टियों में टूट पर उन्होंने केंद्रीय जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि इसका मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। स्मृति ईरानी की BJP संगठन में वापसी पर उन्होंने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके साथ पहले नाइंसाफी हुई थी। आगे चलकर विपक्ष की एकजुटता और युवाओं की आवाज़ को बुलंद रखना ही कांग्रेस की प्राथमिकता बताई।