वंदे मातरम विवाद: गिरिराज सिंह बोले — सोनिया-खड़गे की कांग्रेस 'नकली', भाजपा नेताओं ने घेरा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 18 अगस्त 2026 को राष्ट्रगीत वंदे मातरम को लेकर छिड़े विवाद पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व वाली मौजूदा कांग्रेस 'नकली' है। स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस मुख्यालय में ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रगीत के कथित अपमान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधा।
गिरिराज सिंह का हमला
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में यह एक नकली कांग्रेस है। सोनिया गांधी ने शादी के बाद लगभग 15 साल तक भारतीय नागरिकता नहीं ली थी, और राहुल गांधी पर दोहरी सदस्यता को लेकर अभी भी कोर्ट केस चल रहा है। उन्हें न तो भारत से प्यार है और न ही राष्ट्रगान के प्रति सम्मान। यह एक नकली कांग्रेस है।'
यह ऐसे समय में आया है जब 15 अगस्त के कार्यक्रम में कांग्रेस नेतृत्व द्वारा वंदे मातरम के गायन को लेकर विवाद उठा था, जिसने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी।
अपर्णा यादव और आरपी सिंह की प्रतिक्रिया
मुंबई में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने कहा कि वंदे मातरम का अनादर करना भारत, उसकी संस्कृति और परंपराओं के प्रति कांग्रेस पार्टी के रवैये को उजागर करता है। उन्होंने कहा, 'जैसे उन्होंने भगवान राम का विरोध किया था, वैसे ही वे अब वंदे मातरम का विरोध कर रहे हैं।'
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि मौजूदा कांग्रेस वह पार्टी नहीं है जिसने आजादी की लड़ाई में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा, 'इस कांग्रेस पर कहीं और की छाप है, इसीलिए उनका वंदे मातरम से कोई लेना-देना नहीं है। उन्हें बस वोट बैंक और मुस्लिम वोटों की जरूरत है।'
सुब्रत पाठक का ऐतिहासिक संदर्भ
भाजपा नेता सुब्रत पाठक ने कहा कि कांग्रेस ने एक खास नीति के तहत वंदे मातरम को छोटा किया था। उनके अनुसार, राष्ट्रगीत में भारत माता के साथ-साथ मां दुर्गा की भी स्तुति होती है, और कट्टरपंथियों के दबाव में उस पंक्ति को हटाया गया था। पाठक ने कहा कि यह गीत स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा था — स्वतंत्रता सेनानी इसे गाते हुए फांसी के फंदे पर चढ़ जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब संसद ने इस संबंध में कानून पास किया, तो कांग्रेस ने वंदे मातरम के साथ-साथ संविधान का भी अपमान किया।
इमाम इलियासी की राय
ऑल इंडिया इमाम ऑर्गनाइजेशन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने इस विवाद पर स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा, 'वंदे मातरम पर विवाद खड़ा करना या विरोध करना सही नहीं है, क्योंकि यह एक गीत है और इससे जुड़ा कानून पहले ही संसद में पास हो चुका है। इसका विरोध करना या अनादर करना हमारे देश के खिलाफ है।' गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया जब विवाद को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिशें भी हो रही थीं।
आगे क्या
वंदे मातरम को लेकर यह राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह मुद्दा राष्ट्रीय प्रतीकों और पहचान को लेकर दोनों प्रमुख दलों के बीच गहरे वैचारिक मतभेद को फिर से सतह पर ले आया है।