4 अक्टूबर 2026
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बांदीपोरा में BSF की 'वुलर अल्ट्रा रन': 50 KM की दौड़ में जम्मू-कश्मीर समेत देशभर के धावकों ने लिया हिस्सा

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बांदीपोरा में BSF की 'वुलर अल्ट्रा रन': 50 KM की दौड़ में जम्मू-कश्मीर समेत देशभर के धावकों ने लिया हिस्सा

सारांश

BSF ने बांदीपोरा में 'वुलर अल्ट्रा रन' के ज़रिए फिटनेस, सामुदायिक जुड़ाव और वुलर झील संरक्षण का संदेश एक साथ दिया। 50 KM की इस दौड़ में देशभर के धावक, BSF जवान और स्थानीय नागरिक एक मंच पर आए — यह 'बॉर्डर रन' श्रृंखला का नवीनतम और भावनात्मक रूप से प्रभावशाली अध्याय है।

मुख्य बातें

BSF ने बांदीपोरा, जम्मू-कश्मीर में 'रन विद बॉर्डरमेन' थीम के तहत 'वुलर अल्ट्रा रन' का आयोजन किया।
दौड़ की लंबाई 50 किलोमीटर थी; शुरुआत सुबह 5 बजे और समापन वुलर विंटेज पार्क में हुआ।
BSF इंस्पेक्टर जनरल संदीप रावत ने बीएसएफ हेडक्वार्टर के हेलीपैड से हरी झंडी दिखाई।
आयोजन का उद्देश्य फिटनेस, सामुदायिक भागीदारी और वुलर झील के संरक्षण के प्रति जागरूकता था।
यह BSF की 'बॉर्डर रन' श्रृंखला का हिस्सा है — इससे पहले फरवरी में 'धोलावीरा रन' आयोजित हो चुका है।

सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने 5 अक्टूबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में 'रन विद बॉर्डरमेन' थीम के तहत 'वुलर अल्ट्रा रन' मैराथन का सफल आयोजन किया। BSF के इंस्पेक्टर जनरल संदीप रावत ने बीएसएफ हेडक्वार्टर के हेलीपैड से इस दौड़ को हरी झंडी दिखाई, जिसमें जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए।

मुख्य घटनाक्रम

50 किलोमीटर की इस अल्ट्रा रन की शुरुआत सुबह 5 बजे हुई और यह बांदीपोरा के वुलर विंटेज पार्क में जाकर संपन्न हुई। इस आयोजन में धावकों, युवाओं, BSF जवानों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों ने मिलकर भाग लिया। प्रतिभागियों में उत्साह स्पष्ट रूप से देखा गया।

गौरतलब है कि यह आयोजन BSF की 'बॉर्डर रन' श्रृंखला का हिस्सा है, जिसके तहत पहले भी फरवरी में 'धोलावीरा रन' का आयोजन किया जा चुका है। इस बार वुलर झील के प्राकृतिक परिवेश में आयोजित इस दौड़ ने देशभर के फिटनेस प्रेमियों को आकर्षित किया।

आयोजन का उद्देश्य

इस कार्यक्रम के तीन मुख्य लक्ष्य रहे — शारीरिक फिटनेस को बढ़ावा देना, सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना और वुलर झील के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना। वुलर झील, जो एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक मानी जाती है, के पर्यावरणीय महत्व को देखते हुए यह पहल विशेष रूप से प्रासंगिक है।

यह पहल समाज के विभिन्न वर्गों — सुरक्षाबल, नागरिक और युवा — को एक साझा मंच पर लाने में सफल रही। स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश BSF के सामुदायिक जुड़ाव के व्यापक प्रयासों की झलक देता है।

प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया

एक महिला धावक ने कहा, 'वुलर झील में अभी जो मैराथन हो रही है, उसके लिए BSF के जवानों ने बहुत अच्छे इंतजाम किए हैं। उन्होंने बहुत अच्छी सुविधाएं दी हैं। वे वुलर झील को बढ़ावा देना चाहते हैं और हम भी इसे प्रमोट करने के लिए यहां आए हैं।'

उन्होंने महिलाओं से विशेष रूप से अपील करते हुए कहा, 'खासकर महिलाओं से मैं कहना चाहूंगी कि उन्हें पूरे जोश के साथ इसमें भाग लेना चाहिए। यहां का माहौल इतना अच्छा है कि जो व्यक्ति दौड़ना नहीं भी चाहता, वह भी दौड़ने के लिए प्रेरित हो जाएगा।'

कार्यक्रम में स्वयंसेवक के रूप में शामिल एक प्रतिभागी ने बताया, 'मैं कुछ समय से BSF के 'बॉर्डर रन' से जुड़ा हुआ हूं। फरवरी में मैंने BSF के 'धोलावीरा रन' के लिए वॉलंटियर के तौर पर काम किया था और आज मैं यहां होने वाले कार्यक्रम को होस्ट कर रहा हूं। एक आम नागरिक के तौर पर, हमने हमेशा BSF और सशस्त्र बलों की बहादुरी के किस्से सुने और पढ़े हैं — आज उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर दौड़ पाना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है।'

BSF और नागरिक समाज का सेतु

यह आयोजन BSF की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत सशस्त्र बल केवल सीमा सुरक्षा तक सीमित न रहकर नागरिक समाज से सक्रिय रूप से जुड़ते हैं। बांदीपोरा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इस तरह का सामुदायिक आयोजन स्थानीय विश्वास निर्माण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

आगे चलकर BSF की 'बॉर्डर रन' श्रृंखला के अन्य आयोजनों की संभावना भी बनी रहती है, जो देश के विभिन्न सीमावर्ती और ऐतिहासिक स्थलों पर नागरिकों को सुरक्षाबलों के साथ जोड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये आयोजन भौगोलिक और सांस्कृतिक विविधता को जोड़ते हैं। असली सवाल यह है कि क्या ये पहल स्थानीय समुदायों में दीर्घकालिक भागीदारी बनाती हैं, या ये केवल एकल आयोजनों तक सीमित रह जाती हैं। वुलर झील जैसे पारिस्थितिक रूप से नाजुक क्षेत्र में जागरूकता का यह प्रयास तभी सार्थक होगा जब इसके साथ ठोस संरक्षण कदम भी उठाए जाएं।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वुलर अल्ट्रा रन' क्या है?
यह BSF द्वारा 'रन विद बॉर्डरमेन' थीम के तहत बांदीपोरा, जम्मू-कश्मीर में आयोजित 50 किलोमीटर की मैराथन दौड़ है। इसका उद्देश्य फिटनेस, सामुदायिक जुड़ाव और वुलर झील के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था।
'वुलर अल्ट्रा रन' में कौन शामिल हुए?
इस दौड़ में जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों से आए धावक, BSF जवान, युवा और स्थानीय समुदाय के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
BSF की 'बॉर्डर रन' श्रृंखला क्या है?
BSF की 'बॉर्डर रन' श्रृंखला के तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों में मैराथन आयोजित की जाती हैं जो नागरिकों और सशस्त्र बलों को एक मंच पर लाती हैं। इससे पहले फरवरी में 'धोलावीरा रन' का आयोजन किया जा चुका है।
'वुलर अल्ट्रा रन' का वुलर झील से क्या संबंध है?
वुलर झील एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक है और इस दौड़ का एक प्रमुख उद्देश्य इसके संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था। दौड़ का समापन वुलर विंटेज पार्क में हुआ, जो झील के निकट स्थित है।
इस आयोजन को हरी झंडी किसने दिखाई?
BSF के इंस्पेक्टर जनरल संदीप रावत ने BSF हेडक्वार्टर के हेलीपैड से 'वुलर अल्ट्रा रन' को हरी झंडी दिखाई। दौड़ सुबह 5 बजे शुरू हुई।
राष्ट्र प्रेस
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