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आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0: पिथौरागढ़ में 24-26 अक्टूबर को आयोजन, डीएम भटगांई ने गूंजी में लिया तैयारियों का जायजा

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आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0: पिथौरागढ़ में 24-26 अक्टूबर को आयोजन, डीएम भटगांई ने गूंजी में लिया तैयारियों का जायजा

सारांश

उत्तराखंड के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र गूंजी में 24 से 26 अक्टूबर को आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 होने जा रहा है। जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने मौके पर पहुँचकर सेना, एसएसबी और आईटीबीपी के साथ सुरक्षा व्यवस्था परखी। प्रशासन का लक्ष्य सफल आयोजन के साथ आदि कैलाश क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान दिलाना है।

मुख्य बातें

आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 का आयोजन 24 से 26 अक्टूबर 2026 को पिथौरागढ़ जिले के गूंजी में होगा।
जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने गूंजी पहुँचकर सेना, एसएसबी और आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
पूरे मार्ग पर डॉक्टर, एंबुलेंस और हाइड्रेशन प्वाइंट की व्यवस्था की जाएगी।
छियालेख में हेल्प डेस्क स्थापित होगी और आपातकालीन संपर्क नंबर जारी किए जाएंगे।
बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) को मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का उद्देश्य मैराथन के जरिए आदि कैलाश क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना है।

पिथौरागढ़ जिले के सुदूर पर्वतीय क्षेत्र गूंजी में आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 का आयोजन 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। इस दुर्गम हिमालयी मैराथन को सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने स्वयं गूंजी पहुँचकर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सेना, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक कर समस्त व्यवस्थाओं की स्थिति परखी।

मुख्य घटनाक्रम

जिलाधिकारी भटगांई ने बैठक में सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि अत्यंत दुर्गम पर्वतीय परिस्थितियों में आयोजित होने वाली इस मैराथन में धावकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आयोजन से पहले सभी आवश्यक इंतजाम पूरे किए जाएं।

जिलाधिकारी ने यह भी चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

धावकों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था

पूरे मैराथन मार्ग पर चिकित्सा सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएंगी। इसके लिए मार्ग के विभिन्न बिंदुओं पर डॉक्टरों और एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी। इसके अलावा धावकों को ऊर्जा बनाए रखने में सहायता के लिए स्नैक्स एवं हाइड्रेशन प्वाइंट स्थापित किए जाएंगे।

आपात परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने के लिए छियालेख में एक हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी और आवश्यक आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए जाएंगे। सभी संबंधित विभागों को पूरे आयोजन के दौरान सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मार्ग की तैयारी और अवसंरचना

सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को मैराथन मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि धावकों को दौड़ के दौरान किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े। मार्ग की स्थिति की विशेष निगरानी रखने को कहा गया है।

ठहरने की व्यवस्था के अंतर्गत टेंट, बैठने की सुविधा, शौचालय और साफ-सफाई सहित सभी बुनियादी सुविधाएँ निर्धारित मानकों के अनुरूप उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्यटन को बढ़ावा देने का उद्देश्य

प्रशासन का लक्ष्य केवल मैराथन का सफल आयोजन ही नहीं है, बल्कि आदि कैलाश क्षेत्र को साहसिक पर्यटन के नक्शे पर नई पहचान दिलाना भी है। यह मैराथन उत्तराखंड के सुदूर सीमावर्ती क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने की व्यापक कोशिश का हिस्सा है।

गौरतलब है कि आदि कैलाश क्षेत्र भारत-चीन सीमा के निकट स्थित है और यहाँ का भूगोल अत्यंत चुनौतीपूर्ण है, जो इस अल्ट्रा मैराथन को देश के सबसे कठिन ऐसे आयोजनों में से एक बनाता है। आयोजन की सफलता इस क्षेत्र में भविष्य में और बड़े साहसिक आयोजनों की राह खोल सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एसएसबी और आईटीबीपी की संयुक्त भागीदारी यह भी दर्शाती है कि संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्र में नागरिक आयोजनों के लिए सुरक्षा समन्वय कितना जटिल और आवश्यक है। असली कसौटी यह होगी कि क्या यह आयोजन स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ पहुँचाने में सफल होता है — या बड़े शहरों से आए एथलीटों और ब्रांडों का उत्सव बनकर रह जाता है।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन 2.0 कब और कहाँ होगा?
यह मैराथन 24 से 26 अक्टूबर 2026 को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के गूंजी क्षेत्र में आयोजित की जाएगी। यह भारत-चीन सीमा के निकट स्थित अत्यंत दुर्गम हिमालयी क्षेत्र है।
मैराथन की तैयारियों में कौन-से विभाग शामिल हैं?
जिलाधिकारी आशीष भटगांई के नेतृत्व में सेना, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) और अन्य प्रशासनिक विभाग मिलकर तैयारियाँ कर रहे हैं। सभी को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
धावकों की सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
पूरे मार्ग पर डॉक्टरों और एंबुलेंस की तैनाती की जाएगी। स्नैक्स और हाइड्रेशन प्वाइंट बनाए जाएंगे, और छियालेख में एक हेल्प डेस्क स्थापित होगी जहाँ से आपात सहायता मिलेगी।
मैराथन मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को मार्ग से मलबा और पत्थर हटाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने विशेष निर्देश दिया है कि मार्ग की स्थिति की लगातार निगरानी रखी जाए ताकि दौड़ के दौरान कोई बाधा न आए।
इस मैराथन का आदि कैलाश क्षेत्र के पर्यटन से क्या संबंध है?
जिला प्रशासन का उद्देश्य मैराथन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के साथ-साथ आदि कैलाश क्षेत्र में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देना और इसे एक नई अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है। यह आयोजन उत्तराखंड के सुदूर सीमावर्ती इलाकों को पर्यटन मानचित्र पर लाने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
राष्ट्र प्रेस
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