कश्मीर मैराथन 2026: श्रीनगर में तीसरे संस्करण का आगाज़, CM उमर अब्दुल्ला ने 2,000+ एथलीटों को दिखाई हरी झंडी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित कश्मीर मैराथन 2026 का तीसरा संस्करण रविवार, 25 अक्टूबर को श्रीनगर में पूरे जोश और उत्साह के साथ शुरू हुआ। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सुबह 6:30 बजे IST आयोजित उद्घाटन समारोह में हरी झंडी दिखाकर दौड़ की शुरुआत की, जिसमें देश-विदेश से आए 2,000 से अधिक एथलीटों ने हिस्सा लिया। यह आयोजन कश्मीर को एक वैश्विक खेल-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मैराथन का स्वरूप और श्रेणियाँ
इस वर्ष की कश्मीर मैराथन को दो प्रमुख श्रेणियों में आयोजित किया गया — 42 किलोमीटर की 'फुल मैराथन' और 21 किलोमीटर की 'हाफ मैराथन'। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने न केवल झंडी दिखाई, बल्कि देश-विदेश से पहुँचे एथलीटों का गर्मजोशी से स्वागत भी किया। आयोजकों के अनुसार, इस बार प्रतिभागियों की संख्या पिछले संस्करणों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से अधिक रही, जो इस आयोजन के प्रति बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और प्रतिक्रिया
इस मैराथन में केन्या सहित कई देशों के एथलीटों ने भाग लिया। केन्या के एक एथलीट ने कहा, 'मैं यहाँ कश्मीर मैराथन में आया हूँ और 42 किलोमीटर की फुल मैराथन में हिस्सा ले रहा हूँ। यह दूसरा अवसर है जब मैं यहाँ मैराथन में हिस्सा ले रहा हूँ। मुझे जम्मू-कश्मीर में अच्छा लगता है।' अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने घाटी की मेहमाननवाज़ी, उत्साहपूर्ण माहौल और बेहतरीन आयोजन व्यवस्थाओं की सराहना की।
एक महिला एथलीट, जो स्वयं गोल्ड मेडलिस्ट हैं और हाल ही में 100 किलोमीटर का फ्लैग रन पूरा कर चुकी हैं, ने कहा, 'हमारा संदेश यही है कि ऐसे कार्यक्रम में सभी को आना चाहिए और नशा छोड़ देना चाहिए।' यह बयान आयोजन के सामाजिक संदेश को भी रेखांकित करता है।
पुरस्कार समारोह और प्रशासनिक भागीदारी
प्रतिभागियों की उपलब्धियों को सम्मानित करने के लिए एक विशेष पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, इस समारोह में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के शामिल होने की उम्मीद है। यह प्रशासनिक भागीदारी इस आयोजन को केवल एक खेल स्पर्धा से आगे ले जाकर एक नीतिगत प्राथमिकता के रूप में स्थापित करती है।
कश्मीर की खेल-पर्यटन छवि पर असर
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पर्यटन विभाग घाटी की अंतरराष्ट्रीय पहचान को एक सुरक्षित और जीवंत खेल-पर्यटन गंतव्य के रूप में पुनर्स्थापित करने में जुटे हैं। कश्मीर मैराथन का तीसरा सफल संस्करण इस दिशा में एक ठोस उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। बढ़ती अंतरराष्ट्रीय भागीदारी और प्रतिभागियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि यह आयोजन आने वाले वर्षों में और बड़े मंच पर स्थापित हो सकता है।