श्रीनगर में कश्मीर मैराथन 2026: एडीजी नीतीश कुमार ने दिखाई हरी झंडी, हर वर्ग की भागीदारी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 1 अक्टूबर 2026 को श्रीनगर में कश्मीर मैराथन 2026 का सफल आयोजन किया, जिसे अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) जम्मू-कश्मीर पुलिस नीतीश कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। 'रन फॉर यूनिटी' थीम पर आधारित इस दौड़ में बच्चों, महिलाओं, दिव्यांगजनों समेत समाज के हर तबके ने उत्साहपूर्वक हिस्सेदारी की।
मुख्य घटनाक्रम
यह मैराथन एक कार्यदिवस (गुरुवार) पर आयोजित की गई, फिर भी एडीजी नीतीश कुमार के अनुसार प्रतिभागियों की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक रही। खास बात यह रही कि जम्मू-कश्मीर के बाहर से भी बड़ी तादाद में धावक और खेल प्रेमी इस आयोजन में शामिल होने के लिए श्रीनगर पहुँचे।
एडीजी ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा आयोजित इस मैराथन में उम्मीद से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया, खासकर यह देखते हुए कि आज काम का दिन है। कई धावक और खेल प्रेमी जम्मू-कश्मीर के बाहर से भी इसमें भाग लेने आए हैं।'
समाज के हर वर्ग की भागीदारी
इस आयोजन की सबसे उल्लेखनीय विशेषता इसकी समावेशी प्रकृति रही। एडीजी नीतीश कुमार ने कहा, 'हम देख रहे हैं कि हर वर्ग के लोग — छोटे बच्चे, दिव्यांगजन, महिलाएँ और लड़कियाँ — इसमें हिस्सा ले रहे हैं, जो वास्तव में दिल को छू लेने वाला है।'
गौरतलब है कि सुरक्षा बलों द्वारा आयोजित ऐसे सामुदायिक कार्यक्रम कश्मीर में नागरिक-पुलिस संवाद को मज़बूत करने की व्यापक कोशिशों का हिस्सा रहे हैं। यह मैराथन उसी कड़ी में एक और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
युवाओं को नशे से दूर रखने का संदेश
एडीजी ने खेलों और नशामुक्ति के बीच सीधे संबंध पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, 'खेल हमारे बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है। हमारे युवाओं की उत्साही भागीदारी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि वे कश्मीर में नशे के खतरे को सफलतापूर्वक हरा रहे हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब कश्मीर घाटी में नशे की बढ़ती समस्या को लेकर प्रशासन और सामाजिक संगठन लगातार चिंता जता रहे हैं। खेल के ज़रिये युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की यह पहल व्यापक रूप से सराही जा रही है।
प्रतिभागियों की प्रतिक्रिया
बारामूला जिले की उरी तहसील से आए एक प्रतिभागी ने कहा, 'हर युवा को इस मैराथन फॉर यूनिटी में भाग लेना चाहिए। यह हमारे लिए बहुत ज़रूरी और महत्वपूर्ण है। मैं बुधवार रात यहाँ पहुँचा और गुरुवार सुबह इसमें शामिल हुआ।' उन्होंने नशे की ओर झुक रहे युवाओं से आह्वान किया कि वे गलत रास्ता छोड़कर अपने शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें।
यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतिस्पर्धा था, बल्कि एकता, स्वास्थ्य और नशामुक्ति का एक जन-संदेश भी था। आगामी वर्षों में इस मैराथन के और बड़े पैमाने पर आयोजन की उम्मीद जताई जा रही है।