नोमैडिक एलीफेंट 2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया का 18वाँ संयुक्त सैन्य अभ्यास, 45-45 जवान ले रहे भाग
सारांश
मुख्य बातें
भारत और मंगोलिया की सेनाएँ 1 अक्टूबर 2026 से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित फॉरेन ट्रेनिंग नोड में संयुक्त सैन्य अभ्यास 'नोमैडिक एलीफेंट 2026' के 18वें संस्करण में हिस्सा ले रही हैं। अर्ध-शहरी और पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद रोधी अभियानों पर केंद्रित यह अभ्यास 3 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, जिसमें दोनों देशों के 45-45 सैनिक भाग ले रहे हैं। यह अभ्यास भारत-मंगोलिया के मज़बूत द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की निरंतरता को रेखांकित करता है।
अभ्यास का उद्देश्य और संरचना
नोमैडिक एलीफेंट 2026 का मुख्य लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के ढाँचे के अंतर्गत अर्ध-शहरी और पहाड़ी क्षेत्रों में आतंकवाद रोधी संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता और परिचालन तालमेल को सुदृढ़ करना है। दोनों सेनाओं के जवान रणनीतिक अभ्यास, संयुक्त अभियान की योजना और उसके प्रभावी क्रियान्वयन का प्रशिक्षण एक साथ प्राप्त कर रहे हैं।
पहाड़ी भूभाग में अभियान की विशेष चुनौतियाँ — जैसे तेज़ निर्णय-क्षमता, संचार समन्वय और विषम परिस्थितियों में आगे बढ़ना — इस प्रशिक्षण के केंद्र में हैं। गौरतलब है कि पिथौरागढ़ की भौगोलिक स्थिति इस प्रकार के पर्वतीय युद्धाभ्यास के लिए विशेष रूप से अनुकूल मानी जाती है।
प्रमुख प्रशिक्षण गतिविधियाँ
अभ्यास के दौरान मंगोलियाई सैनिकों ने छोटे हथियारों के संचालन और फायरिंग का गहन प्रशिक्षण लिया, जिसमें हथियारों की पहचान, सुरक्षा प्रक्रियाएँ, लोडिंग-अनलोडिंग, लक्ष्य साधने और फायरिंग की तकनीक शामिल रही।
भारतीय सैनिकों ने आतंकी ठिकानों में प्रवेश और तलाशी अभियान का अभ्यास किया। इसमें टीम के साथ समन्वित आगे बढ़ना, आपसी संचार, सटीक फायरिंग अनुशासन और घायल सैनिकों को युद्धक्षेत्र से सुरक्षित निकालने की तकनीक — जिसे CASEVAC भी कहते हैं — का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आपसी विश्वास
सैन्य प्रशिक्षण के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी इस अभ्यास की महत्त्वपूर्ण विशेषता रही। मंगोलियाई सैनिकों ने पारंपरिक मंगोलियाई कुश्ती 'बोख' और निहत्थे युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर आपसी सम्मान और मित्रता को बल मिला। यह ऐसे समय में महत्त्वपूर्ण है जब भारत अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ सैन्य अंतर-संचालन क्षमता को विस्तार दे रहा है।
द्विपक्षीय रक्षा संबंधों का प्रतीक
नोमैडिक एलीफेंट श्रृंखला भारत और मंगोलिया के बीच रक्षा सहयोग की रीढ़ रही है। 18 संस्करणों की यह यात्रा दर्शाती है कि दोनों देशों के सैन्य संबंध केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नियमित परिचालन साझेदारी में तब्दील हो चुके हैं। दोनों सेनाएँ एक-दूसरे की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियाँ साझा कर रही हैं, जो भविष्य के संयुक्त अभियानों की नींव तैयार करती हैं।
आगे क्या
अभ्यास 3 अक्टूबर 2026 को समापन समारोह के साथ संपन्न होगा। इस अभ्यास के अनुभव दोनों सेनाओं के बीच भविष्य की संयुक्त योजनाओं और बहुपक्षीय शांति अभियानों में बेहतर तालमेल की आधारशिला बनेंगे।