नोमैडिक एलीफेंट-2026: पिथौरागढ़ में भारत-मंगोलिया के 18वें संयुक्त सैन्य अभ्यास का सफल समापन
सारांश
मुख्य बातें
भारत और मंगोलिया की सेनाओं के बीच 18वें संयुक्त सैन्य अभ्यास 'नोमैडिक एलीफेंट-2026' का 3 अक्टूबर 2026 को पिथौरागढ़, उत्तराखंड में सफलतापूर्वक समापन हुआ। 20 सितंबर से शुरू हुए इस 14-दिवसीय अभ्यास में दोनों देशों के सैनिकों ने ड्रोन संचालन, साइबर सुरक्षा, हेलिबोर्न अभियान और उच्च-तीव्रता वाले सामरिक युद्धाभ्यास में संयुक्त दक्षता हासिल की। रक्षा अधिकारियों के अनुसार यह अभ्यास दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की बढ़ती गहराई का प्रमाण है।
अभ्यास के तीन चरण
अभ्यास को तीन सुनियोजित चरणों में विभाजित किया गया था। 20 से 23 सितंबर तक चले एकीकरण चरण में दोनों देशों के सैनिकों ने एक-दूसरे की सैन्य प्रक्रियाओं, संचार प्रणालियों और प्रशिक्षण पद्धतियों को समझा। इस चरण ने परस्पर विश्वास और समन्वय की नींव रखी।
24 से 30 सितंबर तक चला संयुक्त प्रशिक्षण और युद्धाभ्यास चरण इस अभ्यास का मुख्य आधार रहा। इस दौरान सैनिकों ने विभिन्न सामरिक परिदृश्यों में एकजुट होकर कार्रवाई करने का कौशल विकसित किया। अंतिम मूल्यांकन चरण 1 और 2 अक्टूबर को संपन्न हुआ, जिसमें दोनों सेनाओं ने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित क्षमताओं को वास्तविक संयुक्त परिदृश्यों में परखा।
आधुनिक युद्धक्षेत्र की तैयारी
अभ्यास की विशेषता यह रही कि इसका दायरा पारंपरिक हथियार-प्रशिक्षण से कहीं आगे था। ड्रोन संचालन और साइबर सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता दी गई, जो आधुनिक संघर्षों में तेज़ी से निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। इसके साथ ही हेलिबोर्न अभियानों का भी अभ्यास किया गया, जिसमें युद्ध-क्षेत्र में घायल सैनिकों को चिकित्सा उपचार देकर सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शामिल थी। खुफिया एवं निगरानी गतिविधियाँ और उच्च-स्तरीय निशानेबाजी प्रशिक्षण भी कार्यक्रम का हिस्सा रहे।
गौरतलब है कि उत्तराखंड के पर्वतीय भूभाग में आयोजित यह अभ्यास दोनों सेनाओं को दुर्गम इलाकों में तेज़ और प्रभावी संयुक्त कार्रवाई का अनुभव देने के लिहाज़ से विशेष रूप से महत्वपूर्ण था।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेल गतिविधियाँ
सैन्य प्रशिक्षण के समानांतर खेल गतिविधियों ने दोनों देशों के सैनिकों के बीच व्यक्तिगत संबंध और मित्रता को प्रगाढ़ किया। मैदानी प्रतिस्पर्धाओं ने टीमवर्क और आपसी सद्भाव को बढ़ावा दिया। समापन समारोह में भारत और मंगोलिया की समृद्ध सांस्कृतिक एवं सैन्य विरासत की झाँकी प्रस्तुत की गई, जिसने दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक मित्रता को और सुदृढ़ किया।
रक्षा सहयोग की व्यापक तस्वीर
रक्षा अधिकारियों के अनुसार, 18वें 'नोमैडिक एलीफेंट' का सफल समापन भारत-मंगोलिया रक्षा साझेदारी की परिपक्वता को दर्शाता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने पड़ोसी देशों और मित्र राष्ट्रों के साथ बहु-आयामी रक्षा संबंधों को नई ऊँचाई दे रहा है। यह अभ्यास केवल सैन्य दक्षता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहा — इसने परस्पर विश्वास, अनुभवों के आदान-प्रदान और संयुक्त संचालन क्षमता को भी मज़बूत आधार दिया है।
आगामी वर्षों में इस अभ्यास के दायरे और प्रतिभागियों की संख्या में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, जो भारत की 'पड़ोस प्रथम' और विस्तारित रक्षा कूटनीति के अनुरूप होगी।