भारत-मंगोलिया 14वीं रक्षा JWG बैठक: 'नोमैडिक एलीफेंट' की सराहना, साइबर सुरक्षा पर मजबूत हुई साझेदारी
सारांश
मुख्य बातें
भारत और मंगोलिया के रक्षा मंत्रालयों के बीच 16 अक्टूबर 2026 को मंगोलिया की राजधानी उलानबटार में 14वीं संयुक्त कार्य समूह (JWG) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों ने सैन्य सहयोग का दायरा व्यापक बनाने और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाई देने की प्रतिबद्धता दोहराई। इस वार्ता में मौजूदा रक्षा सहयोग की व्यापक समीक्षा के साथ-साथ सैन्य प्रशिक्षण, साइबर सुरक्षा और क्षमता निर्माण जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया।
बैठक का नेतृत्व और मुख्य एजेंडा
बैठक की सह-अध्यक्षता भारतीय पक्ष से रक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी और मंगोलियाई पक्ष से रक्षा मंत्रालय के उप राज्य सचिव ब्रिगेडियर जनरल गांसुख ई. ने की। बैठक में क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी दोनों पक्षों के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
दोनों देशों ने नियमित संवाद के जरिए रक्षा साझेदारी को और सुदृढ़ करने की अपनी इच्छाशक्ति स्पष्ट की। यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने पड़ोसी और मित्र देशों के साथ रणनीतिक रूप से सक्रिय कूटनीति को गति दे रहा है।
'नोमैडिक एलीफेंट' अभ्यास और सैन्य प्रशिक्षण
बैठक में भारत-मंगोलिया संयुक्त सैन्य अभ्यास 'नोमैडिक एलीफेंट' के सफल समापन की दोनों पक्षों ने सराहना की। इस अभ्यास को द्विपक्षीय सैन्य सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। मंगोलिया ने अपने सशस्त्र बलों के जवानों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास में भारत की निरंतर सहायता के प्रति आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि 'नोमैडिक एलीफेंट' श्रृंखला भारत और मंगोलिया के बीच नियमित रूप से आयोजित होती है और इसे दोनों सेनाओं के बीच परिचालन समन्वय बढ़ाने का प्रमुख माध्यम माना जाता है।
साइबर सुरक्षा केंद्र और क्षमता निर्माण
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मंगोलिया के राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय का दौरा किया, जहाँ भारत की सहायता से स्थापित साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र के कामकाज की विस्तृत समीक्षा की गई। मंगोलियाई पक्ष ने भाषा प्रशिक्षण और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत के सहयोग की विशेष रूप से सराहना की।
दोनों देशों ने रेखांकित किया कि साइबर सुरक्षा और भाषा प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने का एक महत्त्वपूर्ण आधार बन चुका है। ज्ञान साझा करने और रक्षा कर्मियों की क्षमता बढ़ाने को भविष्य की सहयोग-प्राथमिकताओं में सर्वोच्च स्थान दिया गया।
उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय संवाद
डॉ. इशिता गांगुली त्रिपाठी ने मंगोलियाई सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख मेजर जनरल उसुखबयार जे. से भी मुलाकात की। इस बैठक में सैन्य संबंधों को और गहरा करने पर जोर दिया गया तथा दोनों पक्षों ने रक्षा बलों के बीच हुई प्रगति पर संतोष जताया।
साथ ही, आपसी संपर्क बढ़ाने और भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी को आगे ले जाने के लिए एक भविष्योन्मुखी कार्ययोजना तैयार करने पर भी सहमति बनी।
ऐतिहासिक संदर्भ और आगे की राह
भारत और मंगोलिया के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों की गहरी जड़ें रही हैं। दोनों देश साझा आस्था और सांस्कृतिक विरासत को अपनी निकटता का महत्त्वपूर्ण आधार मानते हैं। 14वीं JWG बैठक ने इन बंधनों को रक्षा और सुरक्षा के व्यावहारिक धरातल पर और मजबूत किया है।
रक्षा क्षेत्र में नियमित संवाद, सैन्य प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की यह यात्रा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक सुनिश्चित कदम मानी जा रही है।