भारत-रूस आर्मी लैंड सिस्टम सब-ग्रुप की 5वीं बैठक नई दिल्ली में, रक्षा व तकनीकी सहयोग को नई गति
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 4 से 7 अगस्त 2026 के बीच आयोजित भारत-रूस आर्मी लैंड सिस्टम सब-ग्रुप (ALSSSG) की पाँचवीं बैठक में दोनों देशों ने रक्षा उद्योग और तकनीकी सहयोग को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह बैठक भारत-रूस इंटरगवर्नमेंटल कमीशन ऑन मिलिट्री एंड मिलिट्री टेक्निकल कोऑपरेशन (IRIGC-M&MTC) के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जो दोनों देशों के दशकों पुराने रक्षा संबंधों की संस्थागत धुरी है।
प्रतिनिधिमंडल और नेतृत्व
भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय जनसंपर्क (ADGPI) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर. सिंह, डीसीओएएस (सीडी एवं एस) कर रहे हैं। रूसी पक्ष की अगुवाई मेजर जनरल तुफेकची अलेक्जेंडर, रूसी संघ के रक्षा मंत्रालय के मेन आर्मर्ड डायरेक्टरेट के उप-प्रमुख, ने की। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने आपसी विश्वास सुदृढ़ करने और रक्षा-औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की।
आतंकवाद-निरोधक सहयोग की पृष्ठभूमि
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पिछले महीने — 8 जुलाई 2026 को — नई दिल्ली में भारत-रूस आतंकवाद निरोधक संयुक्त कार्य समूह की 14वीं बैठक भी संपन्न हुई थी। उस बैठक की सह-अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और रूस के उप विदेश मंत्री दिमित्री ल्यूबिंस्की ने की थी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, उस बैठक में दोनों देशों ने वैश्विक एवं क्षेत्रीय आतंकवादी खतरों पर विचार-विमर्श किया और हिंसक उग्रवाद, कट्टरपंथ, आतंकवाद के वित्तपोषण तथा आतंकी गतिविधियों में डिजिटल वित्तीय तकनीकों के बढ़ते दुरुपयोग जैसी चुनौतियों से मिलकर निपटने पर सहमति जताई।
पहलगाम और लाल किला हमलों की निंदा
दोनों देशों ने आतंकवाद के हर रूप की कड़ी निंदा की — जिसमें सीमा पार आतंकवाद भी शामिल है। विशेष रूप से, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले और 10 नवंबर 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के निकट हुई आतंकी घटना की सबसे कड़े शब्दों में भर्त्सना की गई।
बहुपक्षीय मंचों पर साझा प्रतिबद्धता
भारत और रूस ने संयुक्त राष्ट्र, ब्रिक्स, यूरेशियन एंटी-मनी लॉन्डरिंग ग्रुप (EAG) और शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर आतंकवाद-विरोधी सहयोग को और सशक्त बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध समिति की सूची में शामिल आतंकी संगठनों और उनके सहयोगी एवं प्रॉक्सी समूहों के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई का आह्वान किया।
आगे की दिशा
गौरतलब है कि यह श्रृंखला की पाँचवीं बैठक है, जो दर्शाती है कि भारत-रूस रक्षा ढाँचा संस्थागत रूप से परिपक्व हो रहा है। आने वाले समय में IRIGC-M&MTC के अंतर्गत अन्य उप-समूहों की बैठकें भी प्रस्तावित हैं, जो दोनों देशों के रक्षा-औद्योगिक सहयोग को नई दिशा देंगी।