बस्तर में मैराथन का अद्भुत आयोजन, 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने दिखाया उत्साह
सारांश
Key Takeaways
- 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया।
- कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने आयोजन की सराहना की।
- बस्तर के विकास के लिए नशे के खिलाफ जागरूकता।
- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देश।
- बस्तर को विकास की ऊँचाइयों तक पहुंचाना।
जगदलपुर, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रविवार को बस्तर में एक शानदार मैराथन का आयोजन किया गया। बस्तर हेरिटेज फुल मैराथन में कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि इस प्रतियोगिता में 10,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। हम सभी का हार्दिक स्वागत करते हैं।
उन्होंने कहा कि बस्तर के विकास के लिए पुनर्वासी लोग भी शांति और समर्पण के साथ दौड़ रहे हैं। बस्तर ने पिछले 50 वर्षों में नक्सलवाद के गंभीर प्रभावों का सामना किया है। अब लोग नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के लिए दौड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार ऐसे आयोजनों का उद्देश्य बस्तर के विकास को गति देना है।
उन्होंने आगे कहा कि चाहे बस्तर ओलंपिक हों या अन्य प्रकार के आयोजन, बस्तर अब विकास की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने मैराथन में भाग लेने वालों को बधाई दी और कहा कि आइए हम सब मिलकर बस्तर की सुख, समृद्धि, संस्कृति और विकास के लिए एक साथ दौड़ें। हमें बस्तर को विकास की दृष्टि से सर्वोच्च शिखर पर पहुँचाना है।
बता दें कि फिरोजपुर में सीमा सुरक्षा बल ने भी नशे के खिलाफ एक मैराथन दौड़ का आयोजन किया। बीएसएफ के डीआईजी विजय कुमार राणा ने कहा कि यह मैराथन नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए की गई है। इसमें 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर की दौड़ और 3 किलोमीटर का 'रन फॉर फन' शामिल है।
इससे पहले, बिहार में भी नशे के खिलाफ एक मैराथन का आयोजन किया गया था, जिसमें पटना के गांधी मैदान में 10,000 प्रतिभागियों ने भाग लिया। बिहार की लगभग 57 प्रतिशत आबादी युवा है, इसलिए 'नशा मुक्त बिहार' के लिए इस मैराथन का आयोजन किया गया था। इसमें 42 किलोमीटर, 21 किलोमीटर, 10 किलोमीटर और 5 किलोमीटर की दौड़ शामिल थी।