2 अक्टूबर 2026
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छत्तीसगढ़ में 440.63 किलो गांजा जब्त, ओडिशा से यूपी जा रहा था मिर्च की बोरियों में छिपाकर

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छत्तीसगढ़ में 440.63 किलो गांजा जब्त, ओडिशा से यूपी जा रहा था मिर्च की बोरियों में छिपाकर

सारांश

मिर्च की बोरियों की आड़ में ओडिशा से प्रयागराज जा रहा ₹2.20 करोड़ का गांजा जशपुर के लावाकेरा बैरियर पर पकड़ा गया। 'ऑपरेशन आघात' की यह सफलता बताती है कि छत्तीसगढ़ अब ओडिशा-यूपी गांजा तस्करी रूट पर सतर्क नाकाबंदी कर रहा है।

मुख्य बातें

जशपुर पुलिस ने 2 अक्टूबर 2026 को 'ऑपरेशन आघात' के तहत 440.63 किलोग्राम गांजा जब्त किया।
गांजा मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाकर ओडिशा के बोध क्षेत्र से प्रयागराज ले जाया जा रहा था।
बरामद गांजे की कीमत ₹2 करोड़ 20 लाख से अधिक; जब्त ट्रक सहित कुल जब्ती ₹2 करोड़ 40 लाख 31 हज़ार 500 रुपये ।
गिरफ्तार आरोपी — मोहम्मद वसीम (28 वर्ष) और मोहम्मद आसिफ (34 वर्ष) — दोनों प्रयागराज के मुंडेरा गाँव के निवासी।
NDPS अधिनियम के तहत तपकरा थाने में मामला दर्ज; दोनों न्यायिक रिमांड पर भेजे जा रहे हैं।
जनवरी 2026 से अब तक जशपुर पुलिस 16 मामलों में 1,906 किलो गांजा बरामद कर 22 तस्करों को जेल भेज चुकी है।

छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 2 अक्टूबर 2026 को जशपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन आघात' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 440.63 किलोग्राम गांजा बरामद किया। यह गांजा मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मामले में प्रयागराज निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कैसे हुई कार्रवाई

शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे जशपुर पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम लावाकेरा पुलिस चेकिंग बैरियर पर वाहनों की जाँच कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक वाहन में गांजा लेकर तस्कर जशपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। इसके बाद संदिग्ध वाहनों की जाँच और कड़ी कर दी गई।

इसी दौरान पुलिस ने ओडिशा की ओर से आ रहे एक टाटा आयसर मिनी ट्रक को संदेह के आधार पर रोका। ट्रक में सवार दोनों आरोपियों ने वाहन में मिर्च की बोरियाँ होने की बात कही, लेकिन बारीकी से तलाशी लेने पर ट्रक के ऊपरी हिस्से में मिर्च की बोरियों के नीचे रखी बोरियों में टेप से लिपटे पैकेट पाए गए। पैकेट खोलने पर उनमें गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, 14 बोरियों में कुल 440 पैकेट थे, जिनका कुल वजन 440.63 किलोग्राम था।

जब्ती का अनुमानित मूल्य

पुलिस द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ 20 लाख 31 हज़ार 500 रुपये आँकी गई है। तस्करी में इस्तेमाल टाटा आयसर मिनी ट्रक की कीमत करीब ₹20 लाख बताई जा रही है। इस प्रकार इस कार्रवाई में कुल ₹2 करोड़ 40 लाख 31 हज़ार 500 रुपये की जब्ती की गई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय मोहम्मद वसीम और 34 वर्षीय मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के धूमनगंज थाना क्षेत्र के मुंडेरा गाँव के निवासी हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह गांजा ओडिशा के बोध क्षेत्र से लेकर प्रयागराज जा रहे थे। आरोपियों से गांजे के संबंध में वैध दस्तावेज़ माँगे गए, लेकिन वे कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सके।

तपकरा थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज़ (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया जारी है।

नेटवर्क की जाँच जारी

जशपुर जिले के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन आघात' के तहत बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे तस्करी नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है — गांजा किससे खरीदा गया, इसके पीछे कौन लोग हैं, और उत्तर प्रदेश में इसे किसके पास पहुँचाया जाना था, इन सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान में तपकरा थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोक प्रधान, निरीक्षक संदीप कौशिक, सहायक उप निरीक्षक संतोष चौरसिया, आरक्षक शिवकुमार और विनोद तिर्की की अहम भूमिका रही।

जशपुर में अब तक की कार्रवाई

पुलिस द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक जशपुर पुलिस गांजा तस्करी के 16 मामलों में करीब 1,906 किलोग्राम गांजा बरामद कर चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹8 करोड़ है। इन मामलों में 22 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा तस्करी में इस्तेमाल 17 कार और एक पिकअप वाहन भी जब्त किए जा चुके हैं। यह ताज़ा बरामदगी जशपुर को ओडिशा से उत्तर भारत जाने वाले गांजा तस्करी के एक महत्वपूर्ण पारगमन मार्ग के रूप में रेखांकित करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें छत्तीसगढ़ एक अनदेखे पारगमन बिंदु के रूप में उभरा है। जनवरी 2026 से 16 मामलों में 1,906 किलो की बरामदगी बताती है कि यह छिटपुट नहीं, बल्कि संगठित और निरंतर तस्करी है। असली सवाल यह है कि क्या पुलिस आपूर्ति शृंखला के ऊपरी सिरे — ओडिशा के 'बोध क्षेत्र' के आपूर्तिकर्ताओं और प्रयागराज के प्राप्तकर्ताओं — तक पहुँच पाएगी, या यह कार्रवाई भी ड्राइवरों को पकड़ने तक सीमित रह जाएगी।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छत्तीसगढ़ के जशपुर में कितना गांजा जब्त किया गया और इसकी कीमत क्या है?
जशपुर पुलिस ने 2 अक्टूबर 2026 को लावाकेरा चेकिंग बैरियर पर 440.63 किलोग्राम गांजा जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ 20 लाख 31 हज़ार 500 रुपये है। तस्करी में इस्तेमाल ट्रक सहित कुल जब्ती ₹2 करोड़ 40 लाख 31 हज़ार 500 रुपये आँकी गई है।
'ऑपरेशन आघात' क्या है?
'ऑपरेशन आघात' जशपुर पुलिस का नशे की तस्करी के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान है, जिसका नेतृत्व डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह कर रहे हैं। इस अभियान के तहत जनवरी 2026 से अब तक 16 मामलों में 1,906 किलो गांजा बरामद कर 22 तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
गिरफ्तार आरोपी 28 वर्षीय मोहम्मद वसीम और 34 वर्षीय मोहम्मद आसिफ हैं, जो उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के मुंडेरा गाँव के निवासी हैं। दोनों के खिलाफ तपकरा थाने में NDPS अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
गांजा किस रास्ते से ले जाया जा रहा था और इसे कहाँ पहुँचाया जाना था?
पुलिस की शुरुआती पूछताछ के अनुसार, आरोपी गांजा ओडिशा के बोध क्षेत्र से लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जा रहे थे। इसे मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाया गया था ताकि जाँच के दौरान पकड़ा न जा सके।
इस तस्करी नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं?
पुलिस के अनुसार, अभी जाँच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि गांजा किस व्यक्ति से खरीदा गया और उत्तर प्रदेश में किसे पहुँचाया जाना था। यदि जाँच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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