छत्तीसगढ़ में 440.63 किलो गांजा जब्त, ओडिशा से यूपी जा रहा था मिर्च की बोरियों में छिपाकर
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में 2 अक्टूबर 2026 को जशपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन आघात' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 440.63 किलोग्राम गांजा बरामद किया। यह गांजा मिर्च की बोरियों के नीचे छिपाकर ओडिशा से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जाया जा रहा था। पुलिस ने मामले में प्रयागराज निवासी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
कैसे हुई कार्रवाई
शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे जशपुर पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टीम और तपकरा थाना पुलिस की संयुक्त टीम लावाकेरा पुलिस चेकिंग बैरियर पर वाहनों की जाँच कर रही थी। मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा की ओर से एक वाहन में गांजा लेकर तस्कर जशपुर जिले की सीमा में प्रवेश करने वाले हैं। इसके बाद संदिग्ध वाहनों की जाँच और कड़ी कर दी गई।
इसी दौरान पुलिस ने ओडिशा की ओर से आ रहे एक टाटा आयसर मिनी ट्रक को संदेह के आधार पर रोका। ट्रक में सवार दोनों आरोपियों ने वाहन में मिर्च की बोरियाँ होने की बात कही, लेकिन बारीकी से तलाशी लेने पर ट्रक के ऊपरी हिस्से में मिर्च की बोरियों के नीचे रखी बोरियों में टेप से लिपटे पैकेट पाए गए। पैकेट खोलने पर उनमें गांजा बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, 14 बोरियों में कुल 440 पैकेट थे, जिनका कुल वजन 440.63 किलोग्राम था।
जब्ती का अनुमानित मूल्य
पुलिस द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, बरामद गांजे की अनुमानित कीमत ₹2 करोड़ 20 लाख 31 हज़ार 500 रुपये आँकी गई है। तस्करी में इस्तेमाल टाटा आयसर मिनी ट्रक की कीमत करीब ₹20 लाख बताई जा रही है। इस प्रकार इस कार्रवाई में कुल ₹2 करोड़ 40 लाख 31 हज़ार 500 रुपये की जब्ती की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 28 वर्षीय मोहम्मद वसीम और 34 वर्षीय मोहम्मद आसिफ के रूप में हुई है। दोनों उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के धूमनगंज थाना क्षेत्र के मुंडेरा गाँव के निवासी हैं। शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह गांजा ओडिशा के बोध क्षेत्र से लेकर प्रयागराज जा रहे थे। आरोपियों से गांजे के संबंध में वैध दस्तावेज़ माँगे गए, लेकिन वे कोई दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं कर सके।
तपकरा थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज़ (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी गई है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजने की प्रक्रिया जारी है।
नेटवर्क की जाँच जारी
जशपुर जिले के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन आघात' के तहत बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस पूरे तस्करी नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है — गांजा किससे खरीदा गया, इसके पीछे कौन लोग हैं, और उत्तर प्रदेश में इसे किसके पास पहुँचाया जाना था, इन सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान में तपकरा थाना प्रभारी निरीक्षक त्रिलोक प्रधान, निरीक्षक संदीप कौशिक, सहायक उप निरीक्षक संतोष चौरसिया, आरक्षक शिवकुमार और विनोद तिर्की की अहम भूमिका रही।
जशपुर में अब तक की कार्रवाई
पुलिस द्वारा जारी आँकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 से अब तक जशपुर पुलिस गांजा तस्करी के 16 मामलों में करीब 1,906 किलोग्राम गांजा बरामद कर चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब ₹8 करोड़ है। इन मामलों में 22 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है तथा तस्करी में इस्तेमाल 17 कार और एक पिकअप वाहन भी जब्त किए जा चुके हैं। यह ताज़ा बरामदगी जशपुर को ओडिशा से उत्तर भारत जाने वाले गांजा तस्करी के एक महत्वपूर्ण पारगमन मार्ग के रूप में रेखांकित करती है।