श्रीलंका प्रतिनिधिमंडल ने सरोजिनी नगर के 'मुख्यमंत्री श्री स्कूल' का दौरा किया, स्मार्ट क्लासरूम की तारीफ
सारांश
मुख्य बातें
श्रीलंका सरकार की प्रमुख गठबंधन पार्टी जेवीपी (JVP) के नेतृत्व में आए एक उच्चस्तरीय श्रीलंकाई प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार, 30 सितंबर को नई दिल्ली के सरोजिनी नगर स्थित मुख्यमंत्री श्री स्कूल का दौरा किया और वहाँ के शैक्षणिक बुनियादी ढाँचे की सराहना की। प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा श्रीलंका की प्रस्तावित 2027 की नई शिक्षा नीति की तैयारी के मद्देनज़र दिल्ली के शिक्षा मॉडल को समझने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौन शामिल थे
इस प्रतिनिधिमंडल में एम. टिलविन सिल्वा (महासचिव), चंद्रिका अधिकारी (केंद्रीय समिति सदस्य), अबूबकर अथांबावा (सांसद), कबिलन सुंदरमूर्ति (सदस्य, जाफना नगर परिषद) और बी.आर.के. मधुभाषिनी (समन्वयक सचिव, लीडर ऑफ द हाउस) शामिल रहे।
दौरे से पहले प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा से दिल्ली BJP कार्यालय में भेंट की, जहाँ उनका औपचारिक स्वागत किया गया। प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य पार्टी की कार्यशैली और सामाजिक विषयों पर दिल्ली के अनुभव को समझना बताया गया।
स्कूल में क्या देखा
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद के साथ प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री स्कूल के स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट लाइब्रेरी और अन्य आधुनिक सुविधाओं का बारीकी से जायज़ा लिया। सदस्यों ने विद्यालय के तकनीक-युक्त शिक्षण वातावरण और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण की प्रशंसा की।
गौरतलब है कि 'मुख्यमंत्री श्री स्कूल' दिल्ली सरकार की उस पहल का हिस्सा है जो सरकारी विद्यालयों को आधुनिक बुनियादी ढाँचे और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से लैस करने पर केंद्रित है।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत में आशीष सूद ने कहा, 'श्रीलंका सरकार 2027 से अपनी नई शिक्षा नीति पर काम कर रही है। उन्होंने दिल्ली के शिक्षा क्षेत्र में हो रहे बदलावों को देखने और समझने के लिए हमसे संपर्क किया था। हम उन्हें यहाँ सीएम श्री स्कूल में लेकर आए हैं।'
सूद ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा कि इस दौरे में दिल्ली की ओर से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक बुनियादी ढाँचे और छात्र-केंद्रित अध्ययन को मज़बूत करने के प्रयासों को प्रदर्शित किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर सुविधाएँ, तकनीक-युक्त कक्षाएँ और भविष्य-उन्मुख दृष्टिकोण छात्रों के सीखने और बेहतर प्रदर्शन के अवसर बढ़ाते हैं।
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब श्रीलंका अपनी शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की तैयारी कर रहा है। प्रतिनिधिमंडल भारत के अलग-अलग हिस्सों में राजनीतिक और सामाजिक विषयों का अध्ययन करते हुए दौरे कर रहा है, जिसमें दिल्ली का शिक्षा मॉडल एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव रहा।
दोनों देशों के बीच शैक्षणिक सहयोग की यह पहल भारत-श्रीलंका के बीच मज़बूत होते द्विपक्षीय संबंधों की एक सकारात्मक कड़ी के रूप में देखी जा रही है। आने वाले समय में श्रीलंका की नई शिक्षा नीति में दिल्ली मॉडल के कुछ तत्त्वों को शामिल किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।