15 अक्टूबर 2026
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दिल्ली के एलजी टी.एस. संधू ने PM मोदी से की मुलाकात, MPD-2047 के तहत विकास कार्यों की दी जानकारी

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दिल्ली के एलजी टी.एस. संधू ने PM मोदी से की मुलाकात, MPD-2047 के तहत विकास कार्यों की दी जानकारी

सारांश

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने PM मोदी से मिलकर MPD-2047 के तहत राजधानी में शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढाँचे को लेकर चल रही तैयारियों की जानकारी दी — जिसमें नरेला में 138 हेक्टेयर का शिक्षा हब और दिल्ली को मेडिकल टूरिज्म केंद्र बनाने की योजना शामिल है।

मुख्य बातें

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 15 अक्टूबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर राजधानी के विकास कार्यों की जानकारी दी।
DDA ने MPD-2047 के तहत शिक्षा और स्वास्थ्य पर नौवीं और दसवीं परामर्श बैठकें आयोजित कीं।
नरेला में 138 हेक्टेयर के शिक्षा केंद्र की परिकल्पना — विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान और स्टार्टअप इकोसिस्टम शामिल।
स्कूलों के लिए FAR बढ़ाने और दिव्यांगजन के लिए विशेष सुविधाओं का प्रावधान।
दिल्ली को राष्ट्रीय हेल्थकेयर हब और मेडिकल टूरिज्म केंद्र बनाने की योजना MPD-2047 में शामिल।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस बैठक की पुष्टि की।

मुलाकात का संदर्भ और उद्देश्य

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) संधू के निर्देश पर 'मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047' (MPD-2047) के तहत हितधारकों के साथ लगातार परामर्श बैठकें आयोजित कर रहा है। हाल ही में इस श्रृंखला की नौवीं और दसवीं बैठकें संपन्न हुईं, जो क्रमशः शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढाँचे पर केंद्रित थीं। संधू लगातार दिल्ली में किफायती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं के विकास पर जोर देते रहे हैं।

शिक्षा केंद्र: नरेला में 138 हेक्टेयर का प्रस्तावित हब

नौवीं परामर्श बैठक शिक्षा के बुनियादी ढाँचे पर केंद्रित रही। इसमें दिल्ली सरकार (NCT) के शिक्षा विभाग, निजी व सरकारी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। DDA ने हितधारकों को MPD-2047 के उन प्रावधानों से अवगत कराया, जो दिल्ली को ज्ञान और नवाचार के केंद्र के रूप में स्थापित करने की परिकल्पना करते हैं।

इस योजना के अंतर्गत नरेला में 138 हेक्टेयर क्षेत्रफल में एक शिक्षा केंद्र विकसित किया जाएगा, जिसमें विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान, व्यावसायिक प्रशिक्षण सुविधाएँ और स्टार्टअप इकोसिस्टम शामिल होंगे। DDA के बयान के अनुसार, इससे ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था और कुशल रोज़गार को प्रोत्साहन मिलेगा। इसके अलावा, योजना में स्कूलों के लिए 'फ्लोर एरिया रेशियो' (FAR) बढ़ाने का प्रावधान है, ताकि वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप अतिरिक्त गतिविधियों के लिए बुनियादी सुविधाएँ तैयार कर सकें। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम के तहत दिव्यांग और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अलग स्कूल व प्रशिक्षण सुविधाएँ बनाने तथा आवासीय विद्यालयों के विकास का भी प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य केंद्र: मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की योजना

दसवीं परामर्श बैठक दिल्ली के स्वास्थ्य सेवा ढाँचे को मजबूत करने पर केंद्रित रही। इसमें केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार (NCT) के स्वास्थ्य विभागों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ विभिन्न स्वास्थ्य सेवा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। DDA ने बताया कि MPD-2047 का उद्देश्य पूरे शहर में अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं और वेलनेस सेंटरों का एक एकीकृत नेटवर्क खड़ा करना है।

गौरतलब है कि इस योजना के तहत दिल्ली को एक राष्ट्रीय हेल्थकेयर हब और मेडिकल टूरिज्म के केंद्र के रूप में विकसित करने की भी परिकल्पना है। इसके लिए विश्व स्तरीय टर्शियरी और सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सुविधाओं के निर्माण पर विशेष बल दिया जा रहा है।

आगे की राह

MPD-2047 के अंतर्गत हितधारक परामर्श की यह श्रृंखला राजधानी के दीर्घकालिक नियोजन का हिस्सा है। उपराज्यपाल संधू और प्रधानमंत्री मोदी के बीच इस बैठक से स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार का दिल्ली के शिक्षा और स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे को लेकर सीधा ध्यान है। अगले चरणों में DDA द्वारा प्राप्त सुझावों के आधार पर योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा, जो आने वाले दशकों में राजधानी की शक्ल बदलने में अहम भूमिका निभाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नरेला जैसे बाहरी क्षेत्रों में प्रस्तावित 138 हेक्टेयर का शिक्षा हब कनेक्टिविटी और आधारभूत सुविधाओं के बिना कितना व्यावहारिक होगा। इसी तरह, दिल्ली को मेडिकल टूरिज्म हब बनाने की महत्वाकांक्षा तब तक अधूरी रहेगी, जब तक मौजूदा सरकारी अस्पतालों की बुनियादी क्षमता नहीं बढ़ती।
RashtraPress
15 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एलजी टी.एस. संधू और PM मोदी की मुलाकात किस विषय पर हुई?
दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 15 अक्टूबर 2026 को PM नरेंद्र मोदी से मिलकर राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इसमें MPD-2047 के तहत शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी ढाँचे से जुड़ी योजनाएँ प्रमुख रहीं।
मास्टर प्लान फॉर दिल्ली-2047 (MPD-2047) क्या है?
MPD-2047 दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा तैयार किया जा रहा एक दीर्घकालिक शहरी नियोजन दस्तावेज़ है, जो वर्ष 2047 तक राजधानी के समग्र विकास की रूपरेखा तय करता है। इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और बुनियादी ढाँचे के लिए विस्तृत प्रावधान शामिल हैं।
नरेला में प्रस्तावित शिक्षा केंद्र में क्या होगा?
MPD-2047 के अंतर्गत नरेला में 138 हेक्टेयर क्षेत्र में एक शिक्षा केंद्र विकसित किया जाएगा। इसमें विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान, व्यावसायिक प्रशिक्षण सुविधाएँ और स्टार्टअप को बढ़ावा देने वाले इकोसिस्टम शामिल होंगे।
MPD-2047 में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए क्या योजना है?
योजना के तहत दिल्ली को एक राष्ट्रीय हेल्थकेयर हब और मेडिकल टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने का लक्ष्य है। इसके लिए अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों, विशेष स्वास्थ्य सुविधाओं और वेलनेस सेंटरों का एकीकृत नेटवर्क तैयार किया जाएगा।
DDA की परामर्श बैठकों में कौन शामिल हुए?
नौवीं बैठक में दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग, निजी व सरकारी विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। दसवीं बैठक में केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभागों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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