30 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली शिक्षा मंत्री आशीष सूद का निर्देश: सरकारी स्कूलों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और 'निपुण' प्रमाणन पर जोर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली शिक्षा मंत्री आशीष सूद का निर्देश: सरकारी स्कूलों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और 'निपुण' प्रमाणन पर जोर

सारांश

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने सरकारी स्कूलों के प्रमुखों के साथ वर्चुअल बैठक में डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पाँच सामाजिक जागरूकता प्रथाओं को अपनाने और 2028 तक 'निपुण' प्रमाणन अनिवार्य करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्य बातें

दिल्ली शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 15 मई 2026 को वर्चुअल बैठक में दक्षिण, मध्य और नई दिल्ली के जोन 24, 26, 27 और 28 के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए।
सरकारी स्कूलों में डिजिटल उपकरणों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शिक्षण को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर।
सभी स्कूलों को प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति पर 'पाँच सर्वोत्तम प्रथाओं' पर काम करने का निर्देश।
2028 तक सभी सरकारी स्कूलों के लिए 'निपुण' प्रमाणन अनिवार्य किया जाएगा।
वर्चुअल बैठकों के लिए स्पष्ट एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) तैयार करने का निर्देश; अगले कुछ महीने बैठकें वर्चुअल माध्यम से होंगी।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार, 15 मई 2026 को सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्यों और विद्यालयाध्यक्षों के साथ एक विस्तृत वर्चुअल बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और छात्रों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस बैठक में दक्षिण, मध्य और नई दिल्ली जिलों के जोन 24, 26, 27 और 28 के स्कूल प्रमुख शामिल हुए।

वर्चुअल संवाद की नई पहल

शिक्षा मंत्री सूद ने सभी प्रधानाचार्यों और विद्यालयाध्यक्षों से वर्चुअल बैठक प्रणाली से परिचित होने का आग्रह किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले कुछ महीनों तक समीक्षा बैठकें वर्चुअल माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी। सुचारू और अनुशासित संचार के लिए एक स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने का भी निर्देश दिया गया।

डिजिटल बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर

सूद ने कहा कि दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में डिजिटल उपकरणों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से शिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि उपलब्ध संसाधनों का कुशलतापूर्वक उपयोग सुनिश्चित करते हुए छात्रों को अधिकतम शैक्षणिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह प्रयास दिल्ली के सरकारी स्कूलों को शिक्षा के नए मानक हासिल कराने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

पाँच सर्वोत्तम प्रथाएँ और सामाजिक जागरूकता

शिक्षा मंत्री ने सभी स्कूलों को 'पाँच सर्वोत्तम प्रथाओं' पर सक्रिय रूप से काम करने का निर्देश दिया। इनमें प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता अभियान शामिल हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन गतिविधियों और नवाचारों को विभाग की पत्रिका में प्रकाशित किया जाएगा, जिससे अच्छी पहलों को व्यापक मान्यता मिल सके।

'निपुण' प्रमाणन: 2028 तक अनिवार्य लक्ष्य

बैठक में सूद ने घोषणा की कि 2028 तक दिल्ली के सभी सरकारी स्कूलों के लिए 'निपुण' प्रमाणन हासिल करना अनिवार्य होगा। यह प्रमाणन पढ़ने, समझने और गणित में बुनियादी दक्षता सुनिश्चित करने की राष्ट्रीय पहल से जुड़ा है। गौरतलब है कि 'निपुण भारत' मिशन केंद्र सरकार की उस व्यापक योजना का हिस्सा है जिसका लक्ष्य प्राथमिक स्तर पर बुनियादी साक्षरता और संख्या-ज्ञान को सुदृढ़ करना है।

आगे की राह

यह बैठक दिल्ली सरकार की उस नीतिगत दिशा को रेखांकित करती है जिसमें जमीनी स्तर पर स्कूलों की समीक्षा और डिजिटल माध्यमों से प्रशासनिक संवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। आने वाले महीनों में वर्चुअल समीक्षा बैठकों की नियमितता और 'निपुण' लक्ष्य की प्रगति यह तय करेगी कि ये निर्देश ज़मीन पर कितना असर दिखाते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन का है। वर्चुअल बैठकों की एसओपी और डिजिटल उपकरणों की बात तब तक अधूरी है जब तक यह स्पष्ट न हो कि दिल्ली के कितने सरकारी स्कूलों में अभी पर्याप्त इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिवाइस उपलब्ध हैं। 2028 की 'निपुण' समयसीमा महत्वाकांक्षी है, पर पिछले वर्षों में बुनियादी साक्षरता के आँकड़े बताते हैं कि लक्ष्य और ज़मीनी हकीकत के बीच की खाई को पाटने के लिए महज़ निर्देशों से अधिक की ज़रूरत होगी।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने स्कूलों को क्या निर्देश दिए?
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 15 मई 2026 को वर्चुअल बैठक में सरकारी स्कूलों को डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पाँच सामाजिक जागरूकता प्रथाओं को अपनाने और 2028 तक 'निपुण' प्रमाणन हासिल करने का निर्देश दिया। उन्होंने वर्चुअल बैठकों के लिए एसओपी तैयार करने को भी कहा।
'निपुण' प्रमाणन क्या है और यह दिल्ली के स्कूलों के लिए क्यों अनिवार्य किया जा रहा है?
'निपुण' (National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy) केंद्र सरकार की वह पहल है जो प्राथमिक स्तर पर पढ़ने, समझने और गणित में बुनियादी दक्षता सुनिश्चित करती है। दिल्ली सरकार ने 2028 तक सभी सरकारी स्कूलों के लिए यह प्रमाणन अनिवार्य किया है ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता के न्यूनतम मानक तय किए जा सकें।
इस वर्चुअल बैठक में दिल्ली के कौन-से जिले और जोन शामिल थे?
इस बैठक में दक्षिण, मध्य और नई दिल्ली जिलों के जोन 24, 26, 27 और 28 के सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य और विद्यालयाध्यक्ष शामिल हुए। बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई।
दिल्ली सरकार की 'पाँच सर्वोत्तम प्रथाएँ' कौन-सी हैं?
शिक्षा मंत्री सूद ने जिन पाँच सर्वोत्तम प्रथाओं पर काम करने का निर्देश दिया, वे हैं — प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य और नशा मुक्ति से संबंधित जागरूकता। इन गतिविधियों को विभाग की पत्रिका में भी प्रकाशित किया जाएगा।
दिल्ली सरकार आगे स्कूलों के साथ बैठकें कैसे करेगी?
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि अगले कुछ महीनों तक सभी समीक्षा बैठकें वर्चुअल माध्यम से ही आयोजित की जाएंगी। इसके लिए एक स्पष्ट एसओपी तैयार करने का निर्देश दिया गया है ताकि संचार सुचारू और अनुशासित रहे।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले