दिल्ली बजट 2026-27: शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने हरित बजट की प्रशंसा की

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दिल्ली बजट 2026-27: शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने हरित बजट की प्रशंसा की

सारांश

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने 2026-27 का बजट 'हरित बजट' करार दिया, जो जनता की आकांक्षाओं के साथ-साथ शिक्षा क्षेत्र पर सरकार के ध्यान को दर्शाता है।

Key Takeaways

  • हरित बजट का उद्देश्य जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना है।
  • शिक्षा के लिए आवंटन 19,148 करोड़ रुपए है।
  • दिल्ली की जीडीपी वृद्धि दर 8.53 प्रतिशत है।
  • पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है।
  • सभी विकास प्रयासों का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचना आवश्यक है।

नई दिल्ली, २४ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारा प्रस्तुत बजट २०२६-२७ की सराहना की, इसे जनहितकारी हरित बजट बताते हुए कहा कि यह बजट जनता की आकांक्षाओं और शिक्षा क्षेत्र पर सरकार के विशेष ध्यान को दर्शाता है।

शिक्षा क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रावधानों का उल्लेख करते हुए सूद ने कहा कि कुल बजट में सर्वाधिक (१८.६४ प्रतिशत) अर्थात् १९,१४८ करोड़ रुपए का आवंटन सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में दिल्ली की भाजपा सरकार आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए लगातार ठोस प्रयास कर रही है और विकसित दिल्ली संकल्प पत्र २०२५ को जमीनी स्तर पर लागू कर रही है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं है। यह बिजली, सड़क और परिवहन जैसे आर्थिक क्षेत्रों और शिक्षा, स्वास्थ्य और महिला एवं बाल कल्याण जैसे सामाजिक क्षेत्रों दोनों की दिशा और स्थिति को निर्धारित करता है।

सूद ने बताया कि जहां पिछली आम आदमी सरकार के कार्यकाल में २०२४-२५ का बजट ७६,००० करोड़ रुपए था, वहीं २०२५-२६ में यह बढ़कर १,००,००० करोड़ रुपए हो गया और अब २०२६-२७ में १,०३,७०० करोड़ रुपए तक पहुंच गया है, जो विकास पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाता है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय किसी भी राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह २०२४-२५ में १५,०८९ करोड़ रुपए से बढ़कर २०२५-२६ में २८,११५ करोड़ रुपए और २०२६-२७ में और बढ़कर ३०,८०० करोड़ रुपए हो गया, जो मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास और दीर्घकालिक विकास का संकेत देता है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप, दिल्ली की जीडीपी वृद्धि दर २०२५-२६ में ८.५३ प्रतिशत तक पहुंच गई, जो राष्ट्रीय औसत ७.४ प्रतिशत से अधिक है। तुलनात्मक रूप से, २०२४-२५ में यह ६.२१ प्रतिशत थी, जो राष्ट्रीय औसत ६.५ प्रतिशत से कम थी। इसी प्रकार प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि औसत मासिक आय २०२४-२५ में २३,६७६ रुपए से बढ़कर २०२५-२६ में २५,४५३ रुपए हो गई, जो ७.०९ प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है, यह स्पष्ट रूप से नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार को दर्शाती है।

हालांकि, सूद ने इस बात पर जोर दिया कि जीडीपी वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय और पूंजीगत व्यय जैसे आर्थिक संकेतक तभी सार्थक होते हैं जब उनका लाभ आम नागरिक तक पहुंचता है।

Point of View

NationPress
24/03/2026

Frequently Asked Questions

दिल्ली का बजट 2026-27 कब पेश किया गया?
दिल्ली का बजट 2026-27 मंगलवार, 24 मार्च को पेश किया गया।
इस बजट में शिक्षा के लिए कितना आवंटन किया गया है?
इस बजट में शिक्षा के लिए 19,148 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है।
दिल्ली की जीडीपी वृद्धि दर क्या है?
दिल्ली की जीडीपी वृद्धि दर 2025-26 में 8.53 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बजट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बजट का मुख्य उद्देश्य जनता की आकांक्षाओं को पूरा करना और शिक्षा क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करना है।
दिल्ली सरकार के विकास प्रयासों का क्या परिणाम है?
दिल्ली सरकार के विकास प्रयासों के परिणामस्वरूप जीडीपी वृद्धि, प्रति व्यक्ति आय और पूंजीगत व्यय में वृद्धि हुई है।
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