दिल्ली बजट: 'खीर सेरेमनी' से हुआ सत्र का शुभारंभ, सीएम रेखा गुप्ता ने छात्राओं को परोसी खीर
सारांश
Key Takeaways
- बजट सत्र का शुभारंभ 'खीर सेरेमनी' से हुआ।
- मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं को खीर परोसी।
- बजट में समग्र विकास पर जोर दिया जाएगा।
- आम आदमी पार्टी का सत्र के बहिष्कार की चेतावनी।
- बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी की अटकलें निराधार।
नई दिल्ली, 23 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में बजट सत्र से पूर्व राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। इसी संदर्भ में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंत्रियों परवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा सहित अन्य नेताओं के साथ पारंपरिक ‘खीर सेरेमनी’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के दौरान स्कूली छात्राओं को खीर परोसी गई, जो बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है।
भाजपा विधायक सतीश उपाध्याय ने राष्ट्र प्रेस से बताते हुए कहा, "हम अभी विवरण साझा नहीं कर सकते। मुख्यमंत्री बजट पेश करेंगी जिसमें दिल्ली के समग्र विकास पर जोर दिया जाएगा, जो पिछले एक वर्ष में शहर में आई समृद्धि और प्रगति को दर्शाएगा।"
भाजपा विधायक हरीश खुराना ने बताया कि सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के सिद्धांत पर काम करते हुए हर वर्ग का ध्यान रखा है। उन्होंने कहा कि बजट सत्र का यह चरण बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें पहले आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाएगा और उसके बाद बजट प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके अलावा, आम आदमी पार्टी द्वारा बजट सत्र के बहिष्कार की चेतावनी भी चर्चित है। पार्टी ने कहा है कि यदि उनके चार विधायकों का निलंबन वापस नहीं लिया गया तो वे सत्र का बहिष्कार करेंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री आशीष सूद ने कहा, "जो भी अराजकता फैलाने की कोशिश करेगा, उसे दंडित किया जाएगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष का निर्णय अंतिम है और उस पर टिप्पणी करना उचित नहीं।
आगामी बजट को लेकर आशीष सूद ने कहा कि पिछले वर्ष शासन में बदलाव और सुधार का रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार जनता पर किसी भी प्रकार का अतिरिक्त बोझ नहीं डालने देगी। बिजली दरों को लेकर चल रही अटकलों का कोई आधार नहीं है।
भाजपा विधायक करनैल सिंह ने कहा कि यह बजट किसानों, महिलाओं, युवाओं और ट्रांसजेंडर समुदाय सहित समाज के सभी वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
वहीं, मंत्री रविंदर इंद्रजीत सिंह ने बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर कहा कि बिना तथ्यों के अटकलें नहीं लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी निर्णय ठोस आधार पर ही लिए जाएंगे।